यूएनएससी सुधार पर मैकी सैल का बड़ा बयान: 'साहस नहीं छोड़ेंगे', UN महासचिव पद की दौड़ में आगे
सारांश
Key Takeaways
- मैकी सैल ने 23 अप्रैल को न्यूयॉर्क में उम्मीदवार फोरम में यूएनएससी सुधार पर साहस बनाए रखने का आह्वान किया।
- सुरक्षा परिषद सुधार पर बहस 30 वर्षों से अधिक समय से जारी है लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।
- जी4 देशों — भारत, जर्मनी, जापान और ब्राजील — के सवाल पर सैल ने एजेंडा आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
- सैल ने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय सदस्य देशों का होगा, महासचिव का नहीं।
- सैल अफ्रीका से एकमात्र उम्मीदवार हैं और उन्हें बुरुंडी ने नामित किया है, जबकि उनके अपने देश सेनेगल का समर्थन नहीं मिला।
- 2022-23 में अफ्रीकी संघ को जी20 की सदस्यता दिलाना सैल का प्रमुख नेतृत्व उदाहरण है।
संयुक्त राष्ट्र, 23 अप्रैल: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधार की मांग को लेकर संयुक्त राष्ट्र महासचिव पद के प्रमुख उम्मीदवार मैकी सैल ने बुधवार को न्यूयॉर्क में एक उम्मीदवार फोरम के दौरान स्पष्ट संदेश दिया कि इस दिशा में "हमें साहसी बने रहना होगा।" उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद आज की दुनिया का सही प्रतिनिधित्व नहीं करती और यह बहस तीन दशकों से अधिक समय से अटकी हुई है।
30 साल पुरानी बहस, अब भी अधूरी
मैकी सैल ने फोरम में कहा कि यूएनएससी सुधार पर चर्चा 30 वर्षों से अधिक समय से जारी है, लेकिन ठोस नतीजा अब तक नहीं निकला। उन्होंने कहा, "जिस बात पर हम सभी सहमत हो सकते हैं, वह यह है कि आज सुरक्षा परिषद मौजूदा दुनिया का प्रतिनिधित्व नहीं करती।"
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सुधार के लिए कई अलग-अलग प्रस्ताव मौजूद हैं। कुछ देशों का मानना है कि "मौजूदा तनाव के दौर में यह संभव नहीं" और इसके लिए और समय चाहिए। लेकिन सैल ने इस तर्क को खारिज करते हुए साहस के साथ आगे बढ़ने पर जोर दिया।
जी4 देशों के प्रतिनिधि के रूप में दिया जवाब
भारत, जर्मनी, जापान और ब्राजील — यानी जी4 समूह — के प्रतिनिधि की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में मैकी सैल ने कहा, "मैं जो कर सकता हूं वह है इस एजेंडे को आगे बढ़ाना।" जी4 देश संयुक्त रूप से सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता सहित व्यापक सुधार की मांग करते आए हैं।
उन्होंने कहा कि सुधार में समावेश, विश्वसनीयता और प्रभावशीलता — तीनों को एक साथ सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने यह भी जोड़ा, "पांच वीटो शक्तियों के साथ यह पहले से ही एक कठिन काम है।"
अंतिम निर्णय सदस्य देशों का होगा
मैकी सैल ने स्पष्ट किया कि "सभी विकल्प खुले हैं" और वे हर संभव प्रयास करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि "अंतिम निर्णय महासचिव का नहीं होता — यदि यह सुधार आगे बढ़ना है, तो यह सदस्य देशों का निर्णय होगा।"
सेनेगल के पूर्व राष्ट्रपति मैकी सैल इस वर्ष एंटोनियो गुटेरेस का कार्यकाल समाप्त होने के बाद संयुक्त राष्ट्र महासचिव पद की दौड़ में शामिल चार उम्मीदवारों में से एक हैं। वे अफ्रीका से एकमात्र उम्मीदवार हैं, जबकि अन्य तीन लैटिन अमेरिका से आते हैं।
बुरुंडी ने किया नामांकन, अपने देश का समर्थन नहीं
मैकी सैल को बुरुंडी द्वारा नामित किया गया है, जिसके राष्ट्रपति एवरिस्टे नदायिशिमीये अफ्रीकी संघ (एयू) के अध्यक्ष हैं। हालांकि, उनके अपने देश सेनेगल ने उनका समर्थन नहीं किया है।
तीन घंटे के सत्र के दौरान जब वे राजनयिकों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के सवालों का जवाब दे रहे थे, उसी समय उनके समर्थक और विरोधी संयुक्त राष्ट्र भवन के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे।
अफ्रीकी संघ की जी20 सदस्यता — नेतृत्व का उदाहरण
मैकी सैल ने 2022-23 में अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष के रूप में अपने कार्यकाल का उल्लेख किया, जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नई दिल्ली जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान अफ्रीकी संघ को जी20 का सदस्य बनाया गया।
उन्होंने इसे अपने नेतृत्व की क्षमता का प्रमाण बताते हुए कहा, "उस समय यह एक स्वाभाविक बात नहीं थी, लेकिन यह संवाद और बातचीत के माध्यम से संभव हुआ।" उन्होंने कहा, "किसी भी व्यक्ति से बिना किसी बाधा के बात करने की यह क्षमता ही मैं संगठन को देना चाहता हूं।"
आने वाले महीनों में संयुक्त राष्ट्र महासचिव के चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य किस उम्मीदवार को अपना समर्थन देते हैं।