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मालदीव की विदेश मंत्री इरुथिशम एडम का भारत दौरा: जयशंकर और गोयल से होगी अहम मुलाकात

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मालदीव की विदेश मंत्री इरुथिशम एडम का भारत दौरा: जयशंकर और गोयल से होगी अहम मुलाकात

सारांश

पदभार संभालने के बाद पहली विदेश यात्रा पर मालदीव की विदेश मंत्री इरुथिशम एडम 12-14 मई को भारत में हैं। जयशंकर और पीयूष गोयल के साथ अहम बैठकें तय हैं। 2024 के कूटनीतिक तनाव के बाद यह यात्रा दोनों देशों के रिश्तों में नई गर्मजोशी का संकेत है।

मुख्य बातें

मालदीव की विदेश मंत्री इरुथिशम एडम 12 से 14 मई 2025 तक तीन दिवसीय आधिकारिक भारत दौरे पर हैं।
पदभार संभालने के बाद यह उनकी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा है, जिसका निमंत्रण विदेश मंत्री जयशंकर ने दिया था।
बुधवार, 13 मई को हैदराबाद हाउस में जयशंकर और वाणिज्य भवन में पीयूष गोयल से बैठक प्रस्तावित है।
राष्ट्रपति मुइज्जू दो बार भारत दौरे पर आ चुके हैं; PM मोदी ने 2025 में मालदीव के स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लिया था।
इरुथिशम इससे पहले यूनाइटेड किंगडम में मालदीव की उच्चायुक्त रह चुकी हैं।

मालदीव गणराज्य की विदेश मंत्री इरुथिशम एडम तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर मंगलवार, 12 मई को भारत पहुँचीं। पदभार संभालने के बाद यह उनकी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा है, जिसका उद्देश्य भारत-मालदीव द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ बनाना है। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, एडम 12 से 14 मई तक भारत में रहेंगी।

दौरे का कार्यक्रम

इरुथिशम एडम मंगलवार शाम 5 बजकर 20 मिनट पर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे, नई दिल्ली पर पहुँचीं। बुधवार, 13 मई को शाम 4 बजे हैदराबाद हाउस में उनकी भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। इसी दिन वाणिज्य भवन में वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ भी एक महत्वपूर्ण बैठक होगी।

मालदीव के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि इरुथिशम को भारत आने का निमंत्रण स्वयं विदेश मंत्री जयशंकर ने दिया था। इरुथिशम के साथ विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव डॉ. इब्राहिम जुहुरी और सहायक निदेशक अमीनाथ गुरैशा भी इस यात्रा में शामिल हैं।

बैठकों में क्या होगा

भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठक में दोनों मंत्रियों को द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग की समीक्षा करने तथा आपसी हितों के प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श का अवसर मिलेगा। पीयूष गोयल के साथ बैठक में व्यापार और आर्थिक सहयोग के विस्तार पर चर्चा होने की संभावना है।

भारत-मालदीव संबंधों की पृष्ठभूमि

मालदीव भारत को अपना सबसे निकटतम सहयोगी मानता है। दोनों देश मजबूत सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक संबंधों से जुड़े हैं। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब 2024 में शुरुआती कूटनीतिक तनाव के बाद दोनों देशों के रिश्तों को पटरी पर लाने के प्रयास जारी हैं।

राष्ट्रपति मुइज्जू प्रशासन ने भारत के साथ द्विपक्षीय संबंध सुधारने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। मुइज्जू दो बार भारत के आधिकारिक दौरे पर आ चुके हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 में मालदीव के स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लिया था।

इरुथिशम एडम: एक अनुभवी राजनयिक

हाल ही में मालदीव की विदेश मंत्री बनी इरुथिशम एडम को लंबा राजनयिक अनुभव है। इससे पूर्व वे यूनाइटेड किंगडम में मालदीव की उच्चायुक्त के रूप में कार्य कर चुकी हैं। उनकी यह यात्रा दोनों देशों के बीच नई गति और विश्वास स्थापित करने का अवसर मानी जा रही है।

आगे की राह

इस दौरे के बाद भारत-मालदीव संबंधों में नए अध्याय की शुरुआत होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा और कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में सहयोग और गहरा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली परीक्षा यह है कि क्या ये बैठकें व्यापार, रक्षा और कनेक्टिविटी में ठोस परिणाम देती हैं या केवल कूटनीतिक सौजन्य तक सीमित रहती हैं। हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती उपस्थिति के बीच भारत के लिए मालदीव के साथ मजबूत संबंध रणनीतिक रूप से अपरिहार्य हैं।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मालदीव की विदेश मंत्री इरुथिशम एडम का भारत दौरा क्यों महत्वपूर्ण है?
यह इरुथिशम एडम की पदभार संभालने के बाद पहली आधिकारिक विदेश यात्रा है, जो भारत-मालदीव संबंधों को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित है। 2024 के कूटनीतिक तनाव के बाद यह यात्रा दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
इरुथिशम एडम भारत में किससे मिलेंगी?
वे बुधवार, 13 मई को हैदराबाद हाउस में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से और वाणिज्य भवन में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात करेंगी। इन बैठकों में द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग की समीक्षा की जाएगी।
भारत-मालदीव संबंधों में 2024 में क्या तनाव आया था?
2024 में मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू के सत्ता में आने के बाद शुरुआती दौर में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव उत्पन्न हुआ था। हालाँकि, बाद में मुइज्जू प्रशासन ने भारत के साथ संबंध सुधारने के लिए कई कदम उठाए।
इरुथिशम एडम के साथ कौन-कौन भारत आए हैं?
उनके साथ मालदीव विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव डॉ. इब्राहिम जुहुरी और सहायक निदेशक अमीनाथ गुरैशा भी इस यात्रा में शामिल हैं।
इरुथिशम एडम का राजनयिक अनुभव क्या है?
इरुथिशम एडम को लंबा राजनयिक अनुभव है। विदेश मंत्री बनने से पहले वे यूनाइटेड किंगडम में मालदीव की उच्चायुक्त के रूप में कार्य कर चुकी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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