विदेश राज्य मंत्री मार्गेरिटा का समोआ-नाउरू दौरा, FIPIC के तहत भारत ने मजबूत की प्रशांत साझेदारी
सारांश
मुख्य बातें
विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने 16 से 22 अक्टूबर 2026 तक समोआ और नाउरू का आधिकारिक दौरा किया, जिसमें दोनों प्रशांत द्वीपीय देशों के शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय सहयोग, जलवायु अनुकूलन, डिजिटल विकास और आर्थिक संपर्क को गहरा करने पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा भारत-प्रशांत द्वीप सहयोग मंच (FIPIC) की रणनीतिक प्रतिबद्धता की ताज़ा कड़ी है।
समोआ में स्वागत और समझौता
समोआ पहुँचने पर मार्गेरिटा का पारंपरिक 'आवा' समारोह से स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री लाआउलियालेमालिएतोआ लुएआतेआ पोलाताइवाओ फोसी श्मिट और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों ने इस अवसर पर भारतीय मंत्री से बहुपक्षीय मुद्दों सहित द्विपक्षीय सहयोग के कई आयामों पर चर्चा की।
दौरे का सबसे ठोस परिणाम रहा 'सेनेसे' परियोजना से संबंधित समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर। इस परियोजना का उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यावसायिक प्रशिक्षण तक पहुँच सुनिश्चित करके दिव्यांग बच्चों और दिव्यांग व्यक्तियों के समावेश एवं विकास को बढ़ावा देना है। समोआ के प्रधानमंत्री ने मार्गेरिटा के सम्मान में आधिकारिक भोज का भी आयोजन किया।
ऑकलैंड में कारोबारी संवाद
भारत लौटते समय ऑकलैंड में पारगमन प्रवास के दौरान मार्गेरिटा ने इंडिया न्यूजीलैंड बिजनेस काउंसिल (INZBC) द्वारा आयोजित कारोबारी संवाद में भाग लिया, जिसमें वस्त्र और फैशन क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने द्विपक्षीय सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।
न्यूजीलैंड के जातीय समुदाय मंत्री और खेल एवं मनोरंजन मंत्री मार्क मिशेल भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे। मार्गेरिटा ने वहाँ दुर्गा पूजा समारोह में शिरकत की और भारतीय समुदाय के सदस्यों से अलग से मुलाकात भी की।
नाउरू में उच्चस्तरीय बैठकें
नाउरू में मार्गेरिटा ने राष्ट्रपति डेविड डब्ल्यू. आर. एडियांग से मुलाकात की और संसद के अध्यक्ष मार्कस स्टीफन से अलग से बातचीत की। इन बैठकों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने, संसदीय आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण के मुद्दे प्रमुखता से उठे।
मार्गेरिटा ने भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (ITEC) और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) कार्यक्रमों के पूर्व प्रतिभागियों तथा भारतीय समुदाय के सदस्यों से संवाद करते हुए भारत-नाउरू संबंधों को मजबूत बनाने में उनके योगदान की सराहना की।
भारत की त्वरित प्रभाव परियोजना: साइक्लिंग पहल
दौरे के दौरान मार्गेरिटा ने भारत की त्वरित प्रभाव परियोजना (Quick Impact Project) के तहत 'साइक्लिंग फॉर ए स्ट्रॉन्गर नाउरू' नामक मिनी साइक्लिंग कार्यक्रम को हरी झंडी दिखाई। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय खिलाड़ियों का विकास करना और साइक्लिंग के माध्यम से सार्वजनिक स्वास्थ्य को प्रोत्साहन देना है।
उन्होंने नाउरू के सार्वजनिक अस्पताल और फॉस्फेट खनन स्थलों का भी दौरा किया, जो इस छोटे द्वीपीय राष्ट्र की आर्थिक धुरी हैं। गौरतलब है कि भारत प्रशांत द्वीपीय देशों की राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं और क्षेत्रीय आकांक्षाओं के अनुरूप साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए FIPIC ढाँचे के तहत प्रतिबद्ध है।
FIPIC और भारत की व्यापक प्रशांत नीति
यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी कूटनीतिक उपस्थिति को व्यवस्थित रूप से विस्तार दे रहा है। FIPIC मंच के अंतर्गत भारत ने प्रशांत द्वीपीय देशों के साथ विकास सहयोग, क्षमता निर्माण और लोगों के बीच संपर्क को प्राथमिकता दी है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, मार्गेरिटा का यह दौरा इसी प्रतिबद्धता की व्यावहारिक अभिव्यक्ति है।
आने वाले समय में समोआ और नाउरू के साथ MoU के तहत परियोजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति भारत की इस 'नेबरहुड फर्स्ट' से आगे बढ़कर 'पैसिफिक आउटरीच' की नीति की असली परीक्षा होगी।