5 अगस्त 2026
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मेलबर्न डिफेंस कंपनी 'लोविट टेक्नोलॉजीज' पर हमला आतंकी घटना घोषित, अति-वामपंथी चरमपंथियों पर संदेह

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मेलबर्न डिफेंस कंपनी 'लोविट टेक्नोलॉजीज' पर हमला आतंकी घटना घोषित, अति-वामपंथी चरमपंथियों पर संदेह

सारांश

मेलबर्न की रक्षा कंपनी पर हुआ हमला अब आतंकी मामला बन चुका है — निशाने पर एफ-35 सप्लाई चेन, आरोप अति-वामपंथी चरमपंथियों पर। नकाबपोश हमलावरों ने ऑनलाइन वीडियो में फिलिस्तीन समर्थन जताते हुए जिम्मेदारी ली। दोषी पाए जाने पर उम्रकैद तक की सजा संभव।

मुख्य बातें

लोविट टेक्नोलॉजीज , मेलबर्न पर 5 जुलाई 2025 को हुए हमले को एएफपी, एएसआईओ और विक्टोरिया पुलिस ने आतंकी घटना घोषित किया।
हमले में कंपनी की कई गाड़ियों में आग लगाई गई और परिसर में तोड़-फोड़ की गई; कथित तौर पर इन्सेंडियरी डिवाइस का इस्तेमाल हुआ।
'एनॉनिमस सेल' के नकाबपोश सदस्यों ने ऑनलाइन वीडियो के ज़रिए जिम्मेदारी ली और फिलिस्तीन के लिए समर्थन जताया।
कंपनी को एफ-35 जॉइंट स्ट्राइक फाइटर प्रोग्राम और ऑस्ट्रेलियाई डिफेंस फोर्स की सप्लाई चेन से जुड़े होने के कारण निशाना बनाया गया।
दोषी पाए जाने पर आरोपियों को उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।

ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने बुधवार को पुष्टि की कि मेलबर्न की रक्षा उपकरण निर्माता कंपनी 'लोविट टेक्नोलॉजीज' पर 5 जुलाई 2025 को हुए हमले की जांच अब आधिकारिक रूप से एक आतंकवादी घटना के रूप में की जा रही है। ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस (एएफपी), ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा खुफिया संगठन (एएसआईओ) और विक्टोरिया पुलिस ने संयुक्त रूप से यह जानकारी दी। जांचकर्ताओं के अनुसार, इस हमले के पीछे अराजकतावादी और क्रांतिकारी विचारधारा वाले अति-वामपंथी चरमपंथियों का हाथ होने की आशंका है।

हमले का घटनाक्रम

5 जुलाई 2025 की सुबह, मेलबर्न के उत्तर-पूर्वी उपनगरों में स्थित लोविट टेक्नोलॉजीज के परिसर को निशाना बनाया गया। हमलावरों ने कंपनी की कई गाड़ियों में आग लगा दी और परिसर में व्यापक तोड़-फोड़ की। अधिकारियों के अनुसार, हमले में कथित तौर पर आग लगाने वाले विशेष उपकरणों (इन्सेंडियरी डिवाइस) का इस्तेमाल किया गया था।

ऑनलाइन वीडियो और जिम्मेदारी का दावा

घटना के बाद नकाब पहने एक व्यक्ति ने ऑनलाइन एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उसने 'एनॉनिमस सेल' की तरफ से बोलने का दावा किया। वीडियो में कथित दोषियों ने फिलिस्तीन के लिए अपना समर्थन जताया और आग लगाने वाले उपकरण बनाने के तरीके भी बताए। विक्टोरियन जॉइंट काउंटर टेररिज्म टीम (जेसीटीटी) के अनुसार, इस ग्रुप के नकाबपोश सदस्यों ने इसी वीडियो के ज़रिए हमले की जिम्मेदारी ली।

कंपनी को निशाना बनाने की वजह

कथित दोषियों ने वीडियो में दावा किया कि लोविट टेक्नोलॉजीज को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह ग्लोबल एफ-35 जॉइंट स्ट्राइक फाइटर प्रोग्राम में शामिल है — ऐसे लड़ाकू विमान जिनका इस्तेमाल इजरायली सेना करती रही है। अधिकारियों ने बताया कि हमलावरों का मानना था कि यह कंपनी ऑस्ट्रेलियाई डिफेंस फोर्स की आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा है। कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, लोविट टेक्नोलॉजीज लॉकहीड मार्टिन के एफ-35 कार्यक्रम के साथ-साथ बोइंग के कई सैन्य विमान उत्पादन कार्यक्रमों को भी सहयोग देती है।

कानूनी परिणाम और आगे की जांच

जेसीटीटी ने स्पष्ट किया है कि यदि कथित दोषी आतंकवादी गतिविधि में संलिप्तता के आरोप में दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें उम्रकैद की सजा हो सकती है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिमी देशों में रक्षा और सैन्य आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी कंपनियों पर चरमपंथी समूहों द्वारा हमलों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ती जा रही है। तीनों एजेंसियों की संयुक्त टीम जांच जारी रखे हुए है और अभी तक किसी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस घटना से स्पष्ट है कि विचारधारा-प्रेरित हिंसा किसी एक राजनीतिक दिशा तक सीमित नहीं है। गौरतलब है कि एफ-35 कार्यक्रम में शामिल कंपनियाँ वैश्विक स्तर पर प्रतीकात्मक लक्ष्य बन रही हैं, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक नई और जटिल चुनौती खड़ी करता है।
RashtraPress
5 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेलबर्न की लोविट टेक्नोलॉजीज पर हुए हमले को आतंकी घटना क्यों माना जा रहा है?
ऑस्ट्रेलियाई जांच एजेंसियों के अनुसार, हमले में इन्सेंडियरी डिवाइस का इस्तेमाल हुआ, हमलावरों ने ऑनलाइन वीडियो के ज़रिए राजनीतिक उद्देश्य से जिम्मेदारी ली, और यह एक संगठित समूह द्वारा की गई सुनियोजित कार्रवाई थी। इन तथ्यों के आधार पर विक्टोरियन जॉइंट काउंटर टेररिज्म टीम ने इसे आतंकी मामला घोषित किया।
लोविट टेक्नोलॉजीज को ही निशाना क्यों बनाया गया?
कथित दोषियों ने वीडियो में दावा किया कि कंपनी लॉकहीड मार्टिन के एफ-35 जॉइंट स्ट्राइक फाइटर प्रोग्राम और ऑस्ट्रेलियाई डिफेंस फोर्स की सप्लाई चेन से जुड़ी है। उनका तर्क था कि इजरायली सेना इन्हीं विमानों का इस्तेमाल करती है, इसलिए कंपनी उनके विरोध का प्रतीकात्मक लक्ष्य बनी।
'एनॉनिमस सेल' कौन है और इसका हमले से क्या संबंध है?
जेसीटीटी के अनुसार, 'एनॉनिमस सेल' एक कथित अति-वामपंथी चरमपंथी समूह है जिसके नकाबपोश सदस्यों ने हमले के बाद ऑनलाइन वीडियो पोस्ट करके जिम्मेदारी ली। वीडियो में फिलिस्तीन के लिए समर्थन और इन्सेंडियरी डिवाइस बनाने के तरीके भी साझा किए गए।
इस मामले में दोषी पाए जाने पर क्या सजा हो सकती है?
जेसीटीटी ने स्पष्ट किया है कि यदि आरोपी आतंकवादी गतिविधि में संलिप्तता के आरोप में दोषी सिद्ध होते हैं, तो ऑस्ट्रेलियाई कानून के तहत उन्हें उम्रकैद की सजा हो सकती है।
जांच में कौन-सी एजेंसियाँ शामिल हैं?
ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस (एएफपी), ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा खुफिया संगठन (एएसआईओ) और विक्टोरिया पुलिस की संयुक्त टीम — विक्टोरियन जॉइंट काउंटर टेररिज्म टीम (जेसीटीटी) — इस मामले की जांच कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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