मेलबर्न में यहूदी विरोधी ग्रैफिटी के खिलाफ अभियान, 4,000 वर्ग मीटर सामग्री हटाई गई
सारांश
मुख्य बातें
ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर की नगर परिषद ने यहूदी विरोधी ग्रैफिटी, पोस्टर और स्टिकर हटाने के लिए एक व्यापक सफाई अभियान चलाया है, जिसके तहत अब तक करीब 4,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली आपत्तिजनक सामग्री हटाई जा चुकी है। यह जानकारी मेलबर्न के लॉर्ड मेयर निकोलस रीस ने सोमवार, 24 अगस्त को रॉयल कमीशन के समक्ष दी।
मुख्य घटनाक्रम
लॉर्ड मेयर निकोलस रीस ने रॉयल कमीशन को बताया कि 7 अक्टूबर को हमास के इज़राइल पर हमले के बाद मेलबर्न में सामाजिक सौहार्द कमज़ोर हुआ है। मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया के उन शहरों में शामिल है जहाँ सबसे बड़ी यहूदी आबादी निवास करती है, और इसीलिए यहाँ यहूदी विरोधी घटनाओं का असर अधिक गहरा रहा है।
रीस के अनुसार, यहूदी विरोधी सामग्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी के बाद नगर परिषद ने करीब दो साल पहले एक शिकायत प्रणाली शुरू की। इस व्यवस्था के तहत नागरिक दिन-रात किसी भी समय ऐसी सामग्री की शिकायत दर्ज करा सकते हैं और ठेकेदारों को शिकायत मिलने के बाद एक घंटे के भीतर उसे हटाने का लक्ष्य दिया गया है।
आँकड़े और उपलब्धियाँ
रीस ने बताया कि इस पहल की शुरुआत के बाद से 800 से 1,000 यहूदी विरोधी सामग्रियाँ हटाई जा चुकी हैं, जो कुल मिलाकर लगभग 4,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली थीं। यह आँकड़ा दर्शाता है कि शहर में घृणास्पद सामग्री की समस्या किस हद तक व्यापक हो चुकी थी।
बोंडी हमले के बाद व्यापक सामुदायिक असर
सिडवेस्ट मल्टीकल्चरल सर्विसेज की प्रमुख एल्फा मोराइटाकिस ने भी रॉयल कमीशन के समक्ष गवाही दी। उन्होंने कहा कि बोंडी हमले के बाद पश्चिमी सिडनी के कुछ समुदायों में असुरक्षा और बेचैनी बढ़ी है। उनके अनुसार, कुछ लोग — विशेषकर हिजाब पहनने वाली महिलाएँ — डर के कारण काम पर जाना तक बंद कर चुकी हैं।
मोराइटाकिस ने कहा कि बोंडी हमले के बाद कुछ समुदायों को बलि का बकरा बनाया गया और उन्हें राजनीतिक बहस का हिस्सा बना दिया गया, जिससे आम लोगों में असहजता और बढ़ी। यह ऐसे समय में आया है जब ऑस्ट्रेलिया में बहुसांस्कृतिक सहिष्णुता को लेकर व्यापक सार्वजनिक बहस छिड़ी हुई है।
रॉयल कमीशन की सुनवाई और विस्तार की माँग
रॉयल कमीशन ने सोमवार को अपनी अंतिम सप्ताह की सुनवाई शुरू की। अधिवक्ताओं और विपक्षी गठबंधन के सांसदों ने आयोग का कार्यकाल बढ़ाने की माँग की है। उनका तर्क है कि दिसंबर में हुए बोंडी बीच हमले के पीछे के कारणों की पर्याप्त पड़ताल अभी तक नहीं हो पाई है।
आगे की राह
मेलबर्न नगर परिषद की यह पहल ऑस्ट्रेलिया के अन्य शहरों के लिए एक मॉडल बन सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि घृणास्पद सामग्री को त्वरित रूप से हटाने की यह प्रणाली सामाजिक तनाव को कम करने में सहायक है, हालाँकि दीर्घकालिक समाधान के लिए समुदायों के बीच संवाद और विश्वास बहाली भी उतनी ही ज़रूरी है।