22 जुलाई 2026
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संभल में कब्रिस्तान की जमीन पर बनी मुस्तफा कादरी मस्जिद गिराई, DM ने कोर्ट आदेश का दिया हवाला

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संभल में कब्रिस्तान की जमीन पर बनी मुस्तफा कादरी मस्जिद गिराई, DM ने कोर्ट आदेश का दिया हवाला

सारांश

संभल में प्रशासन ने कब्रिस्तान की सार्वजनिक जमीन पर बनी मुस्तफा कादरी मस्जिद को कोर्ट के आदेश पर गिरा दिया। घटनास्थल से पोस्टर और झंडे बरामद, जाँच जारी। मैनेजर पर ₹1,12,800 जुर्माना। स्थानीय निवासियों ने एकतरफा सुनवाई का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

संभल में 6 जून 2026 को मुस्तफा कादरी मस्जिद को प्रशासन ने ध्वस्त किया — मस्जिद कब्रिस्तान की सार्वजनिक जमीन पर बनी थी।
DM अंकित खंडेलवाल ने कहा कि तहसीलदार कोर्ट और जिला मजिस्ट्रेट अदालत दोनों ने अवैध कब्जा हटाने का आदेश दिया था।
घटनास्थल से 'आई लव मोहम्मद' लिखे पोस्टर और झंडे बरामद; SP कृष्ण कुमार बिश्नोई ने जाँच की पुष्टि की।
मस्जिद के मैनेजर पर ₹1,12,800 का जुर्माना लगाया गया।
सुरक्षा के लिए घटनास्थल पर चार पुलिस थानों के जवान तैनात।
एक स्थानीय निवासी ने कथित तौर पर एकतरफा सुनवाई का आरोप लगाया।

उत्तर प्रदेश के संभल में प्रशासन ने 6 जून 2026 को मुस्तफा कादरी मस्जिद को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों के अनुसार यह मस्जिद कब्रिस्तान की सार्वजनिक जमीन पर अवैध रूप से निर्मित थी और तहसीलदार कोर्ट तथा जिला मजिस्ट्रेट की अदालत दोनों ने इसे हटाने का आदेश दिया था। इस कार्रवाई के दौरान घटनास्थल पर पोस्टर और झंडे भी बरामद हुए, जिनकी जाँच जारी है।

मुख्य घटनाक्रम

जिला मजिस्ट्रेट (DM) अंकित खंडेलवाल ने पत्रकारों को बताया कि जिले में सार्वजनिक भूमि से अवैध कब्जे हटाने का अभियान चल रहा है। उन्होंने कहा, 'कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर एक शिकायत मिली थी।' इस शिकायत पर तहसीलदार कोर्ट ने नोटिस जारी कर कब्जा हटाने का आदेश दिया।

आदेश के विरुद्ध जिला मजिस्ट्रेट की अदालत में अपील दायर की गई। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि मस्जिद सार्वजनिक भूमि पर बनी है और अवैध है, जिसके बाद ध्वस्तीकरण का मार्ग प्रशस्त हुआ।

पोस्टर और झंडों की जाँच

DM खंडेलवाल ने बताया कि निरीक्षण के दौरान घटनास्थल पर कुछ पोस्टर मिले, जिनमें से एक पर 'आई लव मोहम्मद' लिखा था। इसके अलावा कुछ झंडे भी बरामद हुए।

पुलिस अधीक्षक (SP) कृष्ण कुमार बिश्नोई ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यह देखा जाएगा कि ये झंडे किसी देश या संगठन का प्रतिनिधित्व करते हैं या नहीं, और इन्हें छपवाने में शामिल लोगों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा के मद्देनज़र घटनास्थल पर चार पुलिस थानों के जवान तैनात किए गए हैं।

मस्जिद मैनेजर पर जुर्माना

उप-जिला मजिस्ट्रेट (SDM) निधि पटेल ने बताया कि मस्जिद के मैनेजर पर ₹1,12,800 का जुर्माना लगाया गया है। SDM पटेल के अनुसार, 'मस्जिद के मैनेजर तहसीलदार के सामने पेश हुए थे, लेकिन उन्होंने कार्रवाई पर कोई आपत्ति नहीं जताई। मामले में वही पेश हुए थे, इसलिए उन पर जुर्माना लगाया गया है।'

स्थानीय निवासियों का पक्ष

एक स्थानीय निवासी ने आरोप लगाया कि अदालत में उनका पक्ष ठीक से नहीं सुना गया। उन्होंने कहा कि सुनवाई की तारीख पर ही एकतरफा आदेश सुना दिया गया और उनकी एक भी बात नहीं सुनी गई। यह आरोप कथित तौर पर लगाया गया है; प्रशासन ने इस पर अभी तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है।

आगे क्या होगा

पुलिस बरामद पोस्टरों और झंडों की जाँच कर रही है। प्रशासन के अनुसार जिले में सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा हटाने का अभियान जारी रहेगा। स्थानीय निवासियों द्वारा उठाई गई प्रक्रियागत आपत्तियों पर उच्च न्यायालय में अपील की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पिछले कुछ वर्षों में तेज़ हुई है। प्रक्रियागत पारदर्शिता का सवाल यहाँ अहम है — स्थानीय निवासियों का यह आरोप कि उन्हें सुनवाई का पर्याप्त मौका नहीं मिला, न्यायिक निष्पक्षता की कसौटी पर इस कार्रवाई को कमज़ोर कर सकता है। कोर्ट के आदेश का हवाला देना प्रशासनिक वैधता देता है, लेकिन अपील का अधिकार और उचित सुनवाई सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बुनियाद है। बरामद पोस्टरों और झंडों की जाँच को जिस तरह प्रमुखता दी गई, वह इस ध्वस्तीकरण की कथा को भूमि-विवाद से परे ले जाने की कोशिश दिखती है — जिसके निहितार्थ संवेदनशील हैं।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संभल में मुस्तफा कादरी मस्जिद क्यों गिराई गई?
प्रशासन के अनुसार मस्जिद कब्रिस्तान की सार्वजनिक जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई थी। तहसीलदार कोर्ट और जिला मजिस्ट्रेट की अदालत ने सुनवाई के बाद इसे हटाने का आदेश दिया था।
मस्जिद के मैनेजर पर क्या कार्रवाई हुई?
SDM निधि पटेल के अनुसार मस्जिद के मैनेजर पर ₹1,12,800 का जुर्माना लगाया गया है। मैनेजर तहसीलदार के सामने पेश हुए थे और उन्होंने कार्रवाई पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी।
घटनास्थल से क्या बरामद हुआ और जाँच कहाँ तक पहुँची है?
DM अंकित खंडेलवाल और SP कृष्ण कुमार बिश्नोई के अनुसार घटनास्थल से 'आई लव मोहम्मद' लिखे पोस्टर और कुछ झंडे मिले हैं। पुलिस यह जाँच कर रही है कि ये झंडे किसी देश या संगठन का प्रतिनिधित्व करते हैं या नहीं।
स्थानीय निवासियों ने क्या आपत्ति जताई?
एक स्थानीय निवासी ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि अदालत में उनका पक्ष नहीं सुना गया और सुनवाई की तारीख पर ही एकतरफा आदेश सुना दिया गया। प्रशासन ने अभी तक इस आरोप पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है।
क्या संभल में ऐसी और कार्रवाइयाँ होंगी?
DM अंकित खंडेलवाल के अनुसार जिले में सार्वजनिक भूमि से अवैध कब्जे हटाने का अभियान लगातार जारी है और यह उसी कड़ी का हिस्सा है। आगे भी ऐसी कार्रवाइयाँ हो सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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