संभल मस्जिद बुलडोजर कार्रवाई पर बर्क का तीखा जवाब: 'आई लव मोहम्मद कहूंगा, हिम्मत है तो फांसी दो'
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने उत्तर प्रदेश के संभल में मुस्तफा कादरी मस्जिद पर हुई बुलडोजर कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए रविवार, 7 जून को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा — 'आई लव मोहम्मद कहता हूं, हिम्मत है तो मुझे फांसी दे दो।' प्रशासन ने शनिवार के बाद रविवार को भी कसेरवा गांव में सरकारी ज़मीन पर बनी इस मस्जिद के शेष हिस्सों को ध्वस्त किया।
मुख्य घटनाक्रम
संभल प्रशासन ने दो दिनों की लगातार कार्रवाई में मुस्तफा कादरी मस्जिद को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, मस्जिद परिसर से 'आई लव मोहम्मद' के पोस्टर और एक हरे रंग का झंडा मिला, जिसकी जांच की जा रही है। प्रशासन का दावा है कि यह निर्माण सरकारी ज़मीन पर अवैध रूप से किया गया था।
गौरतलब है कि संभल में पिछले कुछ महीनों से धार्मिक स्थलों को लेकर प्रशासनिक कार्रवाइयाँ बढ़ी हैं। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर अभियान राज्यव्यापी चर्चा का विषय बना हुआ है।
बर्क की प्रतिक्रिया
सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 'आई लव मोहम्मद' के पोस्टर पर किस धारा के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। उन्होंने दोहराया — 'मैं आई लव मोहम्मद कहता हूं, हिम्मत है तो मुझे फांसी दे दो।'
हरे झंडे के विवाद पर उन्होंने कहा कि हरा रंग इस्लाम का धार्मिक रंग है और यह झंडा ईद-मिलादुन्नबी जैसे धार्मिक अवसरों पर उपयोग किया जाता है। उन्होंने सवाल उठाया — 'इसे आप पाकिस्तान या बांग्लादेश से कैसे जोड़ सकते हैं?' बर्क ने आरोप लगाया कि अधिकारी मुद्दे को भटकाने के लिए प्रचार कर रहे हैं।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
बर्क ने आरोप लगाया कि संभल में मस्जिद, मदरसे, कब्रिस्तान, ईदगाह और मज़ारों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा — 'यह भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार की नीति है, जो चुनावी फायदे के लिए हिंदू-मुस्लिम विभाजन करती है।' उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि गलत रिपोर्ट दर्ज की गई तो कोर्ट में चुनौती दी जाएगी।
उन्होंने जोड़ा कि समाजवादी पार्टी (SP) का काम लोगों को बाँटना नहीं, बल्कि एकजुट करना है, और वे BJP को हटाने के लिए मिलकर काम करना चाहते हैं।
एक्स पर पोस्ट और भावनात्मक अपील
बर्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा — 'जुल्म की इंतिहा हो गई। लाख कोशिशों, गुजारिशों और कानूनी प्रयासों के बावजूद संभल प्रशासन द्वारा कसेरवा गांव में मस्जिद को शहीद कर दिया गया।' उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि अधिकारियों द्वारा एक तय निशाने के साथ कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने संविधान का हवाला देते हुए कहा — 'भारत का संविधान किसी को भी कानून से ऊपर होने की इजाजत नहीं देता। यह मुल्क किसी व्यक्ति, दल या सत्ता की जागीर नहीं है।' उनके अनुसार, मस्जिद ध्वस्त होने के बाद पूरे गांव में गम और मातम का माहौल है।
आगे क्या होगा
बर्क ने संकेत दिया है कि यदि इस मामले में गलत एफआईआर दर्ज हुई तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। मामले की जांच जारी है और मस्जिद परिसर से बरामद सामग्री की फॉरेंसिक जांच के बारे में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है और विपक्ष की कानूनी चुनौती किस रूप लेती है।