29 जुलाई 2026
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आगरा जामा मस्जिद के आसपास अतिक्रमण पर एएसआई निष्क्रिय, मोहम्मद जाहिद ने PIL की चेतावनी दी

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आगरा जामा मस्जिद के आसपास अतिक्रमण पर एएसआई निष्क्रिय, मोहम्मद जाहिद ने PIL की चेतावनी दी

सारांश

आगरा की शाही जामा मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद जाहिद ने एएसआई पर सीधा आरोप लगाया है कि उसके कर्मचारी पैसे लेकर अवैध निर्माण होने देते हैं। 30 साल से क्षतिग्रस्त मीनार और अनसुनी शिकायतों के बाद अब PIL और संसद — दोनों मोर्चों पर लड़ाई की तैयारी है।

मुख्य बातें

मोहम्मद जाहिद , अध्यक्ष, आगरा शाही जामा मस्जिद कमेटी , ने एएसआई पर अवैध निर्माण को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
आरोप है कि एएसआई के कुछ कर्मचारी कथित तौर पर पैसे लेकर संरक्षित स्मारकों के आसपास अवैध निर्माण होने देते हैं।
जामा मस्जिद की एक मीनार करीब 30 वर्षों से क्षतिग्रस्त है, मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
जाहिद ने PIL दायर करने और ज़रूरत पड़ने पर सर्वोच्च न्यायालय जाने की चेतावनी दी।
मुद्दे को संसद में उठाने की भी तैयारी की जा रही है।
जाहिद ने ताजमहल , आगरा किला जैसे बड़े स्मारकों के आसपास सख्त संरक्षण जारी रखने का समर्थन किया।

आगरा की शाही जामा मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद जाहिद ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि संस्था के कुछ कर्मचारी कथित तौर पर पैसे लेकर संरक्षित स्मारकों के आसपास अवैध निर्माण को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने 29 जुलाई को यह भी घोषणा की कि वे इस मामले में शीघ्र ही जनहित याचिका (PIL) दायर करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा भी खटखटाएंगे।

मुख्य आरोप और शिकायतें

मोहम्मद जाहिद के अनुसार, देशभर में एएसआई-संरक्षित स्मारकों के आसपास निर्माण के लिए कड़े कानूनी प्रावधान लागू हैं — निर्धारित दूरी की शर्त पूरी किए बिना नक्शा पास नहीं होता। लेकिन उनका आरोप है कि इन नियमों का पालन समान रूप से नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि आगरा की शाही जामा मस्जिद के आसपास वर्षों से अतिक्रमण मौजूद है और कई बार लिखित शिकायतें देने के बावजूद न तो अतिक्रमण हटाया गया और न ही कोई नोटिस जारी किया गया।

जाहिद ने यह भी आरोप लगाया कि एएसआई के निचले स्तर के कर्मचारी वरिष्ठ अधिकारियों तक सही जानकारी नहीं पहुँचाते, जिससे समस्याएँ वर्षों तक लंबित रहती हैं।

मीनार की मरम्मत का मुद्दा

मोहम्मद जाहिद ने बताया कि शाही जामा मस्जिद की एक मीनार करीब 30 वर्षों से क्षतिग्रस्त अवस्था में है। कई बार पत्राचार के बावजूद उसके संरक्षण या मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि अब इस मुद्दे को संसद में उठाने की तैयारी की जा रही है।

व्यापक संदर्भ

जाहिद के अनुसार यह समस्या केवल आगरा तक सीमित नहीं है — देश के अन्य संरक्षित स्मारकों के आसपास भी ऐसी स्थिति देखने को मिलती है। यह ऐसे समय में आया है जब एएसआई पर संरक्षण प्रबंधन को लेकर विभिन्न पक्षों से सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि ताजमहल, आगरा किला, सिकंदरा और एतमाद-उद-दौला जैसे राष्ट्रीय महत्व के स्मारक भी आगरा में ही स्थित हैं।

नीतिगत सुझाव

जाहिद ने यह भी कहा कि छोटे संरक्षित स्थलों के आसपास रहने वाले लोगों को निर्माण की अनुमति देने के नियमों की समीक्षा होनी चाहिए। हालाँकि उन्होंने स्पष्ट किया कि ताजमहल और आगरा किला जैसे राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों के आसपास सख्त संरक्षण व्यवस्था बनाए रखना ज़रूरी है।

आगे क्या होगा

मोहम्मद जाहिद ने संकेत दिया है कि PIL दायर करना उनका अगला कदम होगा। यदि निचली अदालतों से राहत नहीं मिली तो वे सर्वोच्च न्यायालय का रुख करेंगे। संसद में मुद्दा उठाने की तैयारी से यह मामला राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह पहली बार नहीं है जब एएसआई पर संरक्षण की अनदेखी का आरोप लगा हो — नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की पिछली रिपोर्टें भी स्मारक प्रबंधन में खामियाँ उजागर कर चुकी हैं। असली सवाल यह है कि निचले स्तर पर जवाबदेही का तंत्र इतना कमज़ोर क्यों है कि 30 साल पुरानी क्षतिग्रस्त मीनार और वर्षों की लिखित शिकायतें भी कार्रवाई नहीं करा सकीं। PIL और संसदीय दबाव अल्पकालिक उपाय हैं; दीर्घकालिक समाधान के लिए एएसआई में स्वतंत्र निगरानी और शिकायत निवारण तंत्र की ज़रूरत है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहम्मद जाहिद ने एएसआई पर क्या आरोप लगाए हैं?
आगरा शाही जामा मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद जाहिद ने आरोप लगाया है कि एएसआई के कुछ कर्मचारी कथित तौर पर पैसे लेकर संरक्षित स्मारकों के आसपास अवैध निर्माण होने देते हैं। उनका कहना है कि यह समस्या केवल आगरा तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे देश में फैली है।
आगरा जामा मस्जिद की मीनार की स्थिति क्या है?
मोहम्मद जाहिद के अनुसार शाही जामा मस्जिद की एक मीनार करीब 30 वर्षों से क्षतिग्रस्त अवस्था में है। कई बार पत्राचार के बावजूद एएसआई ने मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
मोहम्मद जाहिद PIL क्यों दायर करना चाहते हैं?
जाहिद का कहना है कि बार-बार लिखित शिकायतों के बाद भी न तो अतिक्रमण हटाया गया और न ही कोई नोटिस जारी हुआ। इसलिए वे जनहित याचिका दायर करेंगे और ज़रूरत पड़ने पर सर्वोच्च न्यायालय का रुख करेंगे।
क्या ताजमहल और आगरा किले के आसपास भी यही स्थिति है?
जाहिद ने स्पष्ट किया कि ताजमहल, आगरा किला, सिकंदरा और एतमाद-उद-दौला जैसे राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों के आसपास सख्त संरक्षण व्यवस्था जारी रहनी चाहिए। उनकी माँग छोटे संरक्षित स्थलों के आसपास के नियमों की समीक्षा तक सीमित है।
एएसआई में वरिष्ठ अधिकारियों तक शिकायतें क्यों नहीं पहुँचतीं?
मोहम्मद जाहिद के अनुसार निचले स्तर के कर्मचारी वास्तविक स्थिति की सही रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों तक नहीं भेजते, जिससे समस्याएँ वर्षों तक लंबित रहती हैं। यही कारण है कि शिकायतें दर्ज होने के बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होती।
राष्ट्र प्रेस
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