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मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर आज शाम 7:30 बजे लेंगे बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति पद की शपथ

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मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर आज शाम 7:30 बजे लेंगे बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति पद की शपथ

सारांश

35 वर्षों में पहले बहुप्रतिस्पर्धी राष्ट्रपति चुनाव में 255 मत जीतकर मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर आज शाम ढाका के बंगभवन में बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। बीएनपी की सत्ता वापसी के बाद यह पार्टी की राजनीतिक पकड़ का निर्णायक विस्तार है।

मुख्य बातें

मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर आज शाम 7:30 बजे बंगभवन, ढाका में बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे।
राष्ट्रपति चुनाव में फखरुल को 255 मत मिले; विपक्षी उम्मीदवार ओली अहमद को 88 मत प्राप्त हुए।
यह बांग्लादेश में 1991 के बाद 35 वर्षों में पहला बहुप्रतिस्पर्धी राष्ट्रपति चुनाव था।
फखरुल 2016 से बीएनपी के महासचिव थे और पाँच दशकों से अधिक के राजनीतिक अनुभव के साथ पद संभालेंगे।
वह पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन का स्थान लेंगे, जिन्होंने जुलाई में स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया था।

बांग्लादेश के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर शुक्रवार, 21 अगस्त की शाम ढाका स्थित बंगभवन के दरबार हॉल में राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण करेंगे। यह समारोह शाम 7:30 बजे निर्धारित है, जिसमें स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। 78 वर्षीय फखरुल बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालेंगे।

राष्ट्रपति चुनाव: 35 वर्षों में पहला बहुप्रतिस्पर्धी मुकाबला

गुरुवार, 20 अगस्त को हुए राष्ट्रपति चुनाव में संसद सदस्यों ने मिर्जा फखरुल को भारी बहुमत से देश का अगला राष्ट्रपति चुना। उन्हें 255 मत प्राप्त हुए, जबकि 11 दलों के विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार सेवानिवृत्त कर्नल ओली अहमद को केवल 88 मत मिले। मतदान के लिए पात्र 349 सांसदों में से 343 ने अपना मत डाला।

गौरतलब है कि यह बांग्लादेश में 35 वर्षों बाद पहला राष्ट्रपति चुनाव था जिसमें एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में उतरे। इससे पहले 1991 में ऐसा बहुप्रतिस्पर्धी चुनाव हुआ था; उसके बाद से राष्ट्रपति लगातार निर्विरोध चुने जाते रहे।

मिर्जा फखरुल का राजनीतिक सफर

मिर्जा फखरुल का राजनीतिक जीवन पाँच दशकों से अधिक पुराना है। राजनीति में प्रवेश से पहले वह एक शिक्षक और वामपंथी विचारों से प्रभावित छात्र कार्यकर्ता रहे। वह बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के प्रमुख नेताओं में लंबे समय से शामिल रहे हैं और 2016 से पार्टी के महासचिव के पद पर थे।

पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के लंबे शासनकाल के दौरान फखरुल विपक्ष के सबसे मुखर चेहरों में रहे — लोकतांत्रिक अधिकारों और निष्पक्ष चुनाव की माँग को लेकर बीएनपी के आंदोलनों में वह अग्रिम पंक्ति में खड़े दिखे।

बीएनपी की सत्ता वापसी और राजनीतिक संदर्भ

फरवरी 2026 के आम चुनाव में बीएनपी के सत्ता में लौटने और तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के बाद मिर्जा फखरुल का राष्ट्रपति चुना जाना पार्टी के राजनीतिक प्रभाव को और सुदृढ़ करता है। यह ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश में सत्ता का पूर्ण हस्तांतरण हो रहा है और संवैधानिक संस्थाएँ नए नेतृत्व के अधीन पुनर्गठित हो रही हैं।

बधाइयाँ और पूर्ववर्ती राष्ट्रपति

चुनाव में जीत के बाद प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने फखरुल को बधाई दी। विपक्ष के नेता शफीकुर रहमान और पराजित उम्मीदवार ओली अहमद ने भी उन्हें शुभकामनाएँ दीं। मिर्जा फखरुल पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन का स्थान लेंगे, जिन्होंने स्वास्थ्य कारणों से जुलाई में पद से इस्तीफा दिया था।

राष्ट्रपति पद की संवैधानिक भूमिका

बांग्लादेश में राष्ट्रपति का पद मुख्यतः संवैधानिक और औपचारिक है, तथापि राष्ट्रपति देश के सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर भी होते हैं। शपथ ग्रहण के साथ ही फखरुल बांग्लादेश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन होंगे और देश के नए राजनीतिक अध्याय का प्रतीक बनेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

और अब राष्ट्रपति भवन भी उसी पार्टी के पास है। आलोचकों का कहना है कि संवैधानिक पद पर पार्टी के वफादार की नियुक्ति से संस्थागत संतुलन कमज़ोर पड़ सकता है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या फखरुल इस औपचारिक पद को स्वतंत्र संवैधानिक प्राधिकरण के रूप में निभाते हैं, या बीएनपी की राजनीतिक प्राथमिकताओं के विस्तार के रूप में।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर कौन हैं?
मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के वरिष्ठ नेता और 2016 से पार्टी के महासचिव हैं। 78 वर्षीय फखरुल पाँच दशकों से अधिक के राजनीतिक अनुभव के साथ बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं।
बांग्लादेश राष्ट्रपति शपथ ग्रहण समारोह कब और कहाँ होगा?
शपथ ग्रहण समारोह 21 अगस्त को शाम 7:30 बजे ढाका स्थित बंगभवन के दरबार हॉल में होगा। स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।
बांग्लादेश राष्ट्रपति चुनाव 2026 में क्या हुआ?
20 अगस्त को हुए चुनाव में मिर्जा फखरुल को 255 मत मिले, जबकि विपक्षी उम्मीदवार सेवानिवृत्त कर्नल ओली अहमद को 88 मत मिले। 349 पात्र सांसदों में से 343 ने मतदान किया। यह 1991 के बाद 35 वर्षों में पहला बहुप्रतिस्पर्धी राष्ट्रपति चुनाव था।
बांग्लादेश में राष्ट्रपति की क्या भूमिका होती है?
बांग्लादेश में राष्ट्रपति का पद मुख्यतः संवैधानिक और औपचारिक है। हालाँकि, राष्ट्रपति देश के सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर होते हैं और संवैधानिक संकट की स्थिति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
मिर्जा फखरुल किसका स्थान लेंगे और पूर्व राष्ट्रपति ने क्यों इस्तीफा दिया?
मिर्जा फखरुल पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन का स्थान लेंगे, जिन्होंने जुलाई में स्वास्थ्य कारणों से पद से इस्तीफा दिया था। शहाबुद्दीन के इस्तीफे के बाद राष्ट्रपति पद रिक्त था, जिसे भरने के लिए यह चुनाव कराया गया।
राष्ट्र प्रेस
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