20 अगस्त 2026
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बांग्लादेश राष्ट्रपति चुनाव: मिर्जा फखरुल बनाम ओली अहमद, PM तारिक रहमान ने डाला वोट

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बांग्लादेश राष्ट्रपति चुनाव: मिर्जा फखरुल बनाम ओली अहमद, PM तारिक रहमान ने डाला वोट

सारांश

बांग्लादेश में साढ़े तीन दशक बाद पहली बार राष्ट्रपति पद के लिए असली मुकाबला हुआ। BNP के मिर्जा फखरुल और जमात गठबंधन के ओली अहमद आमने-सामने हैं, लेकिन 210 सीटों के साथ BNP का पलड़ा भारी है। PM तारिक रहमान ने मतदान की शुरुआत की।

मुख्य बातें

20 अगस्त 2026 को बांग्लादेश की संसद में 23वें राष्ट्रपति के लिए मतदान हुआ — 1991 के बाद पहला वास्तविक मुकाबला ।
प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने BNP उम्मीदवार मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर के पक्ष में पहला वोट डाला।
विपक्ष में जमात-ए-इस्लामी नेतृत्व वाले 11-दलीय गठबंधन के उम्मीदवार ओली अहमद मैदान में हैं।
349 सांसद मतदान के पात्र; BNP के पास 210 सीटें , गठबंधन के पास 77 सीटें ।
राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के 24 जुलाई 2026 को इस्तीफे के बाद यह चुनाव संवैधानिक अनिवार्यता बना।
विशेषज्ञ बदिउल आलम मजूमदार के अनुसार नतीजा 'लगभग पहले से तय' है।

बांग्लादेश की संसद में 20 अगस्त 2026 को देश के 23वें राष्ट्रपति के चुनाव के लिए मतदान शुरू हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने सबसे पहले बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के उम्मीदवार मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर के पक्ष में अपना मत डाला। यह चुनाव 1991 के बाद पहली बार है जब राष्ट्रपति पद के लिए वास्तविक मतदान हो रहा है — यानी साढ़े तीन दशकों में पहला वास्तविक मुकाबला।

मुख्य घटनाक्रम

मतदान प्रक्रिया ढाका स्थित संसद के सत्र कक्ष में गुरुवार दोपहर शुरू हुई। मुख्य चुनाव आयुक्त एवं रिटर्निंग अधिकारी एएमएम नासिर उद्दीन की देखरेख में 349 सांसद मतदान के पात्र हैं। दो उम्मीदवार मैदान में हैं — BNP की ओर से मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर और जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11-दलीय गठबंधन की ओर से ओली अहमद

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

इससे पहले संसद में मतदान के ज़रिये तय हुआ आखिरी राष्ट्रपति चुनाव 8 अक्टूबर 1991 को हुआ था। 1991 से 2026 के बीच राष्ट्रपति आमतौर पर निर्विरोध चुने जाते रहे। यह चुनाव इसलिए ज़रूरी हुआ क्योंकि राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने 24 जुलाई 2026 को इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद संसद अध्यक्ष हाफिज उद्दीन अहमद कार्यवाहक राष्ट्रपति की भूमिका निभा रहे थे। बांग्लादेश के संविधान के अनुसार पद रिक्त होने के 90 दिनों के भीतर नया राष्ट्रपति चुनना अनिवार्य है।

संख्या बल का समीकरण

2026 के संसदीय चुनाव में BNP ने 210 सीटें जीती थीं, जबकि जमात-नेतृत्व वाले 11-दलीय गठबंधन को 77 सीटें मिली थीं। इस स्पष्ट बहुमत के कारण BNP उम्मीदवार की जीत को लगभग तय माना जा रहा है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

सर्वोच्च न्यायालय की अपीलीय पीठ के वरिष्ठ अधिवक्ता मंजिल मोर्शेद ने कहा, 'विपक्ष को पता है कि वह चुनाव हार जाएगा। इसके बावजूद उम्मीदवार उतारना एक राजनीतिक रणनीति है।' उन्होंने यह भी बताया कि राजनीतिक हलकों में यह चर्चा है कि जमात और BNP के बीच करीबी संबंध हैं, और गठबंधन ने संभवतः केवल औपचारिक उपस्थिति दर्ज कराने के लिए उम्मीदवार उतारा है।

चुनाव विशेषज्ञ और नागरिक मंच शुजान के संस्थापक बदिउल आलम मजूमदार ने कहा, 'राष्ट्रपति चुनाव का नतीजा लगभग पहले से तय माना जा रहा है। सत्तारूढ़ पार्टी जिसे समर्थन देगी, वही राष्ट्रपति बनेगा।'

आगे क्या होगा

मतगणना उसी दिन संसद परिसर में होगी और नए राष्ट्रपति का नाम जल्द घोषित होने की उम्मीद है। यह चुनाव बांग्लादेश में लोकतांत्रिक प्रतिस्पर्धा की वापसी का प्रतीक माना जा रहा है, हालाँकि आलोचकों का कहना है कि परिणाम पहले से ही तय है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह प्रतिस्पर्धा कितनी वास्तविक है — यह सवाल बना हुआ है। BNP के पास 210 सीटें और जमात गठबंधन के पास केवल 77, ऐसे में परिणाम 'पूर्वनिर्धारित' जैसा दिखता है। विशेषज्ञों का यह कहना कि विपक्ष ने केवल 'औपचारिकता' के लिए उम्मीदवार उतारा, बताता है कि बांग्लादेश का लोकतंत्र अभी भी प्रतिस्पर्धी बहुलवाद से दूर है। असली परीक्षा यह होगी कि नया राष्ट्रपति संसद और कार्यपालिका के बीच स्वतंत्र संवैधानिक भूमिका निभा पाता है या नहीं।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश में 23वें राष्ट्रपति का चुनाव कब और कैसे हुआ?
20 अगस्त 2026 को ढाका स्थित संसद के सत्र कक्ष में 349 सांसदों ने मतदान किया। यह 1991 के बाद पहली बार है जब राष्ट्रपति पद के लिए वास्तविक मुकाबला हुआ।
बांग्लादेश राष्ट्रपति चुनाव 2026 में कौन-कौन से उम्मीदवार हैं?
BNP के उम्मीदवार मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर और जमात-ए-इस्लामी नेतृत्व वाले 11-दलीय गठबंधन के उम्मीदवार ओली अहमद मैदान में हैं। BNP के पास संसद में 210 सीटें हैं, जो स्पष्ट बहुमत देती हैं।
यह चुनाव क्यों कराना पड़ा?
राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने 24 जुलाई 2026 को इस्तीफा दे दिया था। बांग्लादेश के संविधान के अनुसार पद रिक्त होने के 90 दिनों के भीतर नया राष्ट्रपति चुनना अनिवार्य है।
क्या इस चुनाव में BNP की जीत तय मानी जा रही है?
चुनाव विशेषज्ञ बदिउल आलम मजूमदार के अनुसार नतीजा 'लगभग पहले से तय' है, क्योंकि BNP के पास 349 में से 210 सांसदों का समर्थन है। विपक्षी गठबंधन के पास केवल 77 सीटें हैं।
जमात गठबंधन ने हार जानते हुए भी उम्मीदवार क्यों उतारा?
वरिष्ठ अधिवक्ता मंजिल मोर्शेद के अनुसार यह एक राजनीतिक रणनीति है — ताकि गठबंधन पर चुनाव से दूर रहने का आरोप न लगे। उन्होंने यह भी कहा कि BNP और जमात के बीच करीबी संबंधों की वजह से यह महज औपचारिक उपस्थिति हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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