22 अगस्त 2026
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मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर बने बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति, सावर शहीद स्मारक पर दी श्रद्धांजलि

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मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर बने बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति, सावर शहीद स्मारक पर दी श्रद्धांजलि

सारांश

35 वर्षों में पहली बार बहुप्रतिद्वंद्वी चुनाव के ज़रिए बांग्लादेश को नया राष्ट्रपति मिला। BNP नेता मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने 255 वोटों से जीत दर्ज कर 23वें राष्ट्रपति की शपथ ली और अगले दिन सावर शहीद स्मारक पर मुक्ति संग्राम के शहीदों को नमन किया।

मुख्य बातें

मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने शुक्रवार शाम 7:37 बजे बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली।
शनिवार सुबह 10 बजे उन्होंने सावर स्थित राष्ट्रीय शहीद स्मारक पर मुक्ति संग्राम के शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
राष्ट्रपति चुनाव में 255 वोट पाकर फखरुल ने विपक्षी उम्मीदवार कर्नल (सेवानिवृत्त) ओली अहमद ( 88 वोट ) को हराया।
यह बांग्लादेश में 35 वर्षों बाद पहला बहुप्रतिद्वंद्वी राष्ट्रपति चुनाव था; इससे पहले 1991 में मुकाबला हुआ था।
78 वर्षीय फखरुल BNP के वरिष्ठ नेता हैं और पाँच दशक से अधिक का राजनीतिक अनुभव रखते हैं।

बांग्लादेश के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने 22 अगस्त 2026 को सावर स्थित राष्ट्रीय शहीद स्मारक पहुँचकर मुक्ति संग्राम के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। शुक्रवार शाम 7:37 बजे बंगभवन के दरबार हॉल में शपथ ग्रहण के बाद यह उनका पहला आधिकारिक कार्यक्रम था, जिसमें तीनों सेनाओं की सुसज्जित टुकड़ी ने उन्हें राजकीय सलामी दी।

शपथ ग्रहण समारोह

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के वरिष्ठ नेता मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने शुक्रवार शाम बंगभवन के दरबार हॉल में देश के 23वें राष्ट्रपति के रूप में पद की शपथ ली। कार्यवाहक अध्यक्ष बैरिस्टर कैसर कमाल ने उन्हें शपथ दिलाई। यह बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास में एक महत्त्वपूर्ण अवसर रहा।

शहीद स्मारक पर राजकीय सम्मान

शनिवार सुबह 10 बजे राष्ट्रपति फखरुल सावर के राष्ट्रीय शहीद स्मारक पहुँचे और मुक्ति संग्राम के शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की। समारोह के दौरान बिगुल पर 'लास्ट पोस्ट' की धुन बजाई गई। इस अवसर पर मुक्ति संग्राम मामलों के राज्य मंत्री इशराक हुसैन, सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमान, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल हसन महमूद खान, रियर एडमिरल खोंडकार मिसबह उल अजीम और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी उपस्थित रहे। औपचारिक समारोह के बाद राष्ट्रपति ने आगंतुक पुस्तिका में हस्ताक्षर किए और स्मारक परिसर में एक पौधा लगाया।

चुनाव परिणाम और ऐतिहासिक संदर्भ

गुरुवार को आयोजित राष्ट्रपति चुनाव में 343 सांसदों ने मतदान किया, जिनमें से 255 वोट मिर्जा फखरुल को मिले। उनके एकमात्र प्रतिद्वंद्वी, बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11-दलीय विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार कर्नल (सेवानिवृत्त) ओली अहमद को 88 वोट मिले। कुल 349 सांसद मतदान के पात्र थे। गौरतलब है कि यह बांग्लादेश में 35 वर्षों बाद पहला बहुप्रतिद्वंद्वी राष्ट्रपति चुनाव था — इससे पहले 1991 में ऐसा मुकाबला हुआ था, उसके बाद से राष्ट्रपति निर्विरोध चुने जाते रहे।

मिर्जा फखरुल की राजनीतिक पृष्ठभूमि

78 वर्षीय मिर्जा फखरुल का राजनीतिक सफर पाँच दशक से अधिक पुराना है। राजनीति में प्रवेश से पहले वह शिक्षक और वामपंथी विचारों से प्रभावित छात्र कार्यकर्ता रहे। शेख हसीना के लंबे शासनकाल के दौरान वह विपक्ष के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे और लोकतांत्रिक अधिकारों तथा निष्पक्ष चुनाव की माँग को लेकर BNP के आंदोलनों में अग्रिम पंक्ति में रहे। यह ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश की राजनीति एक नए संक्रमण काल से गुज़र रही है।

आगे की राह

राष्ट्रपति के रूप में फखरुल के सामने राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने और संस्थागत विश्वास बहाल करने की चुनौती होगी। उनकी BNP पृष्ठभूमि और दशकों का विपक्षी अनुभव उनकी कार्यशैली को आकार देगा, यह देखना शेष है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर कौन हैं और वह कैसे राष्ट्रपति बने?
मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के वरिष्ठ नेता हैं, जिन्हें गुरुवार को हुए राष्ट्रपति चुनाव में 255 सांसदों के मतों से बांग्लादेश का 23वां राष्ट्रपति चुना गया। 78 वर्षीय फखरुल का राजनीतिक सफर पाँच दशक से अधिक पुराना है और वह शेख हसीना के शासनकाल में विपक्ष के प्रमुख चेहरे रहे।
बांग्लादेश राष्ट्रपति चुनाव 2026 का परिणाम क्या रहा?
मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर को 255 वोट मिले, जबकि 11-दलीय विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार कर्नल (सेवानिवृत्त) ओली अहमद को 88 वोट मिले। कुल 349 पात्र सांसदों में से 343 ने मतदान किया।
क्या यह बांग्लादेश में पहला बहुप्रतिद्वंद्वी राष्ट्रपति चुनाव था?
नहीं, लेकिन यह 35 वर्षों बाद पहला बहुप्रतिद्वंद्वी राष्ट्रपति चुनाव था। इससे पहले 1991 में राष्ट्रपति पद के लिए मुकाबला हुआ था; उसके बाद से राष्ट्रपति निर्विरोध चुने जाते रहे।
शपथ ग्रहण के बाद मिर्जा फखरुल ने सावर में क्या किया?
शपथ ग्रहण के अगले दिन शनिवार सुबह 10 बजे राष्ट्रपति फखरुल सावर स्थित राष्ट्रीय शहीद स्मारक पहुँचे, जहाँ उन्होंने मुक्ति संग्राम के शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की। तीनों सेनाओं की टुकड़ी ने राजकीय सलामी दी, बिगुल पर 'लास्ट पोस्ट' बजाया गया और राष्ट्रपति ने आगंतुक पुस्तिका में हस्ताक्षर कर एक पौधा भी लगाया।
बांग्लादेश के राष्ट्रपति को शपथ किसने दिलाई?
कार्यवाहक अध्यक्ष बैरिस्टर कैसर कमाल ने शुक्रवार शाम 7:37 बजे बंगभवन के दरबार हॉल में मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर को राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई।
राष्ट्र प्रेस
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