हेलेना में भारतीय मूल के व्यक्ति पर नस्लीय हमला, 21 वर्षीय जैक्सटन टेट कोलिन्स गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका के मोंटाना राज्य की राजधानी हेलेना में 21 वर्षीय जैक्सटन टेट कोलिन्स पर भारतीय मूल के एक व्यक्ति को धक्का देने और उसे 'अपने देश वापस जाओ' कहने के आरोप में गंभीर अपराध (फेलनी) का मुकदमा दर्ज किया गया है। 27 अक्टूबर 2026 को आरोपी लुईस एंड क्लार्क काउंटी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पेश हुआ, जहाँ उस पर दुर्भावनापूर्ण ढंग से डराने-धमकाने का आरोप लगाया गया है।
घटनाक्रम: क्या हुआ उस रात
अदालत में दायर हलफनामे के अनुसार, शिकायतकर्ता अपने दोस्तों के साथ हेलेना के डाउनटाउन इलाके में टहल रहा था। तभी नारंगी शर्ट पहने और गले में बड़ा क्रॉस लटकाए कोलिन्स उनके एक दोस्त के पास पहुँचा। पीड़ित दोस्त भारतीय मूल का है और सिर पर पगड़ी या टोपी जैसा कुछ पहनता है।
हलफनामे के मुताबिक, कोलिन्स ने कथित तौर पर उस दोस्त को दोनों हाथों से धक्का दिया और उससे अपने देश वापस चले जाने को कहा। चश्मदीदों ने पुलिस को बताया कि यह घटना 'डरावनी' थी और उन्होंने इसे सीधे 'हमला' करार दिया।
कोलिन्स का बयान और पुलिस की कार्रवाई
जब पुलिस अधिकारी मौके पर पहुँचे तो कोलिन्स पास ही मिल गया। उसने अधिकारियों को बताया कि वह डाउनटाउन के एक बार में शराब पी रहा था और वहाँ से निकलने के बाद गुस्से में आकर उसने पीड़ित को वह टिप्पणी की। हालाँकि, कोलिन्स ने धक्का देने की बात से इनकार किया।
गौरतलब है कि चश्मदीदों का बयान और कोलिन्स का अपना बयान — दोनों मिलकर जाँचकर्ताओं की दृष्टि में घटना की नस्लीय प्रकृति स्थापित करते हैं, जो मोंटाना के नफ़रत-अपराध कानून के अंतर्गत आती है।
कानूनी प्रावधान और संभावित सज़ा
मोंटाना कोड एनोटेटेड की धारा 45-5-221 के तहत दुर्भावनापूर्ण डराने-धमकाने का अपराध तब माना जाता है जब कोई व्यक्ति किसी दूसरे को उसकी नस्ल, पंथ, धर्म, रंग या राष्ट्रीय मूल के कारण जानबूझकर शारीरिक क्षति पहुँचाए, शारीरिक चोट का उचित भय उत्पन्न करे या संपत्ति को नुकसान पहुँचाए।
इस अपराध में दोषी पाए जाने पर राज्य की जेल में 5 साल तक की कैद, 5,000 डॉलर तक का जुर्माना या दोनों सज़ाएँ एक साथ हो सकती हैं।
व्यापक संदर्भ: बढ़ती घटनाओं की कड़ी
यह मामला इस वर्ष अमेरिका में भारतीय और दक्षिण एशियाई मूल के लोगों को निशाना बनाकर की गई घटनाओं की एक श्रृंखला में जुड़ गया है। सामुदायिक संगठनों ने इन घटनाओं को प्रवासियों के विरुद्ध बढ़ती नफ़रत भरी बयानबाज़ी से जोड़ा है।
यह ऐसे समय में आया है जब मोंटाना में भारतीय-अमेरिकी आबादी बेहद कम है, जिससे यहाँ इस तरह की घटना और भी उल्लेखनीय हो जाती है। आलोचकों का कहना है कि ऐसे मामलों में फेलनी स्तर के आरोप दर्ज करना एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन असली परीक्षा अदालत में सज़ा सुनिश्चित करना होगी।
आगे क्या होगा
कोलिन्स पर अदालत में मुकदमा चलेगा और मामले की अगली सुनवाई लुईस एंड क्लार्क काउंटी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में होगी। पीड़ित समुदाय और मानवाधिकार संगठन इस मामले पर निगाह बनाए हुए हैं।