29 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एनीमिया से बचाव के लिए WHO की सलाह: डाइट में शामिल करें आयरन, विटामिन B12 और फोलेट

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एनीमिया से बचाव के लिए WHO की सलाह: डाइट में शामिल करें आयरन, विटामिन B12 और फोलेट

सारांश

WHO ने एनीमिया से बचाव के लिए आहार संबंधी जरूरी सलाह दी है — डाइट में आयरन, फोलेट, विटामिन ए और विटामिन बी12 युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करना, और आयरन के बेहतर अवशोषण के लिए विटामिन सी साथ लेना। थकान, चक्कर और कमजोरी को नजरअंदाज न करें।

मुख्य बातें

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एनीमिया से बचाव के लिए डाइट में आयरन, फोलेट, विटामिन ए और विटामिन बी12 युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करने की सलाह दी है।
दालें, राजमा, छोले, बीन्स और हरी पत्तेदार सब्जियाँ आयरन के प्रमुख स्रोत हैं; मांसाहारी लोग लीन रेड मीट और मछली का सेवन कर सकते हैं।
आयरन के बेहतर अवशोषण के लिए विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ — जैसे नींबू, संतरा, आँवला — साथ लेना लाभकारी है।
पालक, मेथी, सरसों फोलेट के स्रोत हैं; गाजर, कद्दू, शकरकंद विटामिन ए प्रदान करते हैं।
लगातार थकान, चक्कर या सांस फूलने पर चिकित्सक से हीमोग्लोबिन परीक्षण करवाएँ, क्योंकि एनीमिया के सभी कारण केवल खानपान की कमी नहीं होते।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एनीमिया यानी शरीर में खून की कमी से बचाव के लिए आहार संबंधी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश साझा किए हैं। संगठन के अनुसार, आयरन, फोलेट, विटामिन ए और विटामिन बी12 से भरपूर खाद्य पदार्थों को नियमित रूप से डाइट में शामिल करने से एनीमिया के कई प्रकारों से बचाव संभव है। थकान, चक्कर आना और सांस फूलना जैसे लक्षण शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी की ओर संकेत कर सकते हैं।

एनीमिया क्या है और यह क्यों होता है

एनीमिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें रक्त में हीमोग्लोबिन या लाल रक्त कोशिकाओं की मात्रा सामान्य से कम हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप शरीर के विभिन्न अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुँच पाती, जिससे रोजमर्रा के कामकाज में कठिनाई हो सकती है। WHO के अनुसार, एनीमिया के पीछे केवल खानपान की कमी नहीं, बल्कि रक्तस्राव, पोषक तत्वों का अवशोषण न होना या अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ भी हो सकती हैं।

आयरन और विटामिन सी: जरूरी जोड़ी

आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन के निर्माण के लिए अनिवार्य पोषक तत्व है। शाकाहारी लोगों के लिए दालें, राजमा, छोले, बीन्स और हरी पत्तेदार सब्जियाँ आयरन के प्रमुख स्रोत हैं। मांसाहारी लोग लीन रेड मीट और मछली से भी आयरन प्राप्त कर सकते हैं।

गौरतलब है कि शरीर में आयरन के बेहतर अवशोषण के लिए विटामिन सी की उपस्थिति आवश्यक है। संतरा, नींबू, अमरूद और आँवला जैसे फल विटामिन सी के अच्छे स्रोत हैं। उदाहरण के तौर पर, दाल या हरी सब्जी के साथ नींबू का रस मिलाने से आयरन अवशोषण में उल्लेखनीय सुधार होता है।

हरी सब्जियाँ और विटामिन ए का महत्व

पालक, मेथी और सरसों जैसी गहरी हरी पत्तेदार सब्जियाँ फोलेट का समृद्ध स्रोत हैं, जो लाल रक्त कोशिकाओं के सही निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके अलावा, गाजर, कद्दू और शकरकंद जैसी नारंगी-पीले रंग की सब्जियाँ विटामिन ए की आपूर्ति करती हैं, जो लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को सहायता देता है।

विटामिन बी12 और फोलेट की भूमिका

विटामिन बी12 और फोलेट दोनों मिलकर शरीर में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण सुनिश्चित करते हैं। मछली, पोल्ट्री और अन्य पशु-आधारित खाद्य पदार्थ विटामिन बी12 के प्रमुख स्रोत हैं। वहीं, दालें, बीन्स और हरी पत्तेदार सब्जियाँ फोलेट की पर्याप्त मात्रा प्रदान करती हैं।

डॉक्टर से कब मिलें

WHO की सलाह के अनुसार, यदि लगातार थकान, चक्कर, सांस फूलना या असामान्य कमजोरी जैसी समस्याएँ बनी रहें, तो इन्हें केवल तनाव या व्यस्त दिनचर्या समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। चिकित्सक की सलाह पर हीमोग्लोबिन परीक्षण करवाना जरूरी है। सही कारण की पहचान के बाद ही उचित उपचार संभव है — क्योंकि एनीमिया के हर मामले में सिर्फ खानपान में बदलाव पर्याप्त नहीं होता।

संपादकीय दृष्टिकोण

विशेषकर महिलाओं और बच्चों में, एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई है — WHO की यह सलाह समय पर और जरूरी है। हालाँकि, यह ध्यान देना जरूरी है कि केवल जागरूकता अभियान पर्याप्त नहीं हैं; सस्ते और पौष्टिक भोजन तक पहुँच सुनिश्चित करना उतना ही अनिवार्य है। भारत में पोषण-संबंधी नीतियाँ वर्षों से मौजूद हैं, फिर भी NFHS-5 के आँकड़े बताते हैं कि देश की बड़ी आबादी अभी भी खून की कमी से जूझ रही है। असली प्रश्न यह है कि स्वास्थ्य संदेशों को नीतिगत क्रियान्वयन और जमीनी वितरण से कब जोड़ा जाएगा।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनीमिया क्या है और इसके मुख्य लक्षण क्या हैं?
एनीमिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें रक्त में हीमोग्लोबिन या लाल रक्त कोशिकाओं की मात्रा सामान्य से कम हो जाती है, जिससे शरीर के अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुँच पाती। थकान, चक्कर आना, सांस फूलना और असामान्य कमजोरी इसके सामान्य लक्षण हैं।
WHO ने एनीमिया से बचाव के लिए कौन-से पोषक तत्व जरूरी बताए हैं?
WHO के अनुसार डाइट में आयरन, फोलेट, विटामिन ए और विटामिन बी12 से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करना एनीमिया के कई प्रकारों से बचाव में सहायक है। साथ ही, आयरन के बेहतर अवशोषण के लिए विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन भी आवश्यक है।
शाकाहारी लोग आयरन की कमी कैसे पूरी करें?
शाकाहारी लोगों के लिए दालें, राजमा, छोले, बीन्स और पालक-मेथी जैसी हरी पत्तेदार सब्जियाँ आयरन के प्रमुख स्रोत हैं। इनके साथ नींबू या संतरे जैसे विटामिन सी युक्त फल लेने से आयरन का अवशोषण बेहतर होता है।
थकान और कमजोरी होने पर डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?
यदि थकान, चक्कर, सांस फूलना या कमजोरी लगातार बनी रहे, तो इसे सामान्य तनाव समझकर नजरअंदाज न करें और चिकित्सक की सलाह पर हीमोग्लोबिन परीक्षण करवाएँ। एनीमिया के सभी मामले खानपान की कमी से नहीं होते — इसके पीछे रक्तस्राव या अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ भी हो सकती हैं।
विटामिन बी12 और फोलेट के प्राकृतिक स्रोत कौन-से हैं?
विटामिन बी12 के लिए मछली, पोल्ट्री और अन्य पशु-आधारित खाद्य पदार्थ उपयोगी हैं, जबकि फोलेट के लिए दालें, बीन्स और हरी पत्तेदार सब्जियाँ अच्छे स्रोत हैं। दोनों पोषक तत्व शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के सही निर्माण के लिए मिलकर काम करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 1 साल पहले