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एनीमिया का बड़ा कारण बना अनहेल्दी खानपान, बचाव के लिए डाइट में शामिल करें ये पोषक तत्व

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एनीमिया का बड़ा कारण बना अनहेल्दी खानपान, बचाव के लिए डाइट में शामिल करें ये पोषक तत्व

सारांश

फास्ट फूड और पोषणहीन खानपान अब एनीमिया की बड़ी वजह बनता जा रहा है। NHM के अनुसार, आयरन, प्रोटीन और विटामिन की कमी से शरीर में खून बनने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। हरी सब्ज़ियाँ, दालें, फल, नट्स और डेयरी उत्पाद डाइट का हिस्सा बनाकर इस गंभीर समस्या से बचाव संभव है।

मुख्य बातें

अनहेल्दी खानपान और जंक फूड पर निर्भरता एनीमिया का बड़ा कारण बन रही है।
NHM के अनुसार, आयरन, प्रोटीन और विटामिन की कमी से खून की कमी होती है।
पालक, मेथी, सरसों जैसी हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ आयरन का बेहतरीन स्रोत हैं।
दालें, अंडे और मांसाहारी भोजन प्रोटीन और आयरन की आपूर्ति करते हैं।
बादाम, अखरोट, तिल और मौसमी फल पोषण संबंधी कमियों को दूर करते हैं।
दूध, दही और साबुत अनाज संतुलित आहार का अनिवार्य हिस्सा माने गए हैं।

बदलती जीवनशैली और फास्ट फूड पर बढ़ती निर्भरता के बीच अनहेल्दी खानपान अब एनीमिया जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की प्रमुख वजह बनकर उभर रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर को आवश्यक पोषक तत्व न मिलने पर लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण प्रभावित होता है, जिससे कमजोरी, थकान और कई अन्य परेशानियाँ जन्म लेती हैं।

क्या है एनीमिया और क्यों बढ़ रहे मामले

एनीमिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं की पर्याप्त मात्रा नहीं बन पाती। विशेषज्ञों का कहना है कि जंक फूड, अत्यधिक तला-भुना भोजन और पोषणहीन आहार पर बढ़ती निर्भरता इस समस्या को और गहरा कर रही है। केवल पेट भरना पर्याप्त नहीं है — भोजन का पौष्टिक होना उतना ही आवश्यक है।

NHM की चेतावनी: पोषण की कमी सबसे बड़ा कारण

नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के अनुसार, एनीमिया का एक प्रमुख कारण पौष्टिक आहार की कमी है। यदि रोज़ाना के भोजन में आयरन, प्रोटीन, विटामिन और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों का अभाव हो, तो शरीर में खून की कमी होने लगती है। यही वजह है कि संतुलित और पोषण से भरपूर भोजन को स्वस्थ जीवन की बुनियाद माना जाता है।

थाली में क्या शामिल करें

हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह है कि एनीमिया से बचाव के लिए हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ जैसे पालक, मेथी और सरसों को नियमित रूप से डाइट का हिस्सा बनाएँ, क्योंकि ये आयरन का बेहतरीन स्रोत हैं। इसके अलावा दालें, अंडे और मांसाहारी भोजन शरीर को ज़रूरी प्रोटीन और आयरन उपलब्ध कराते हैं, जो खून बनने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाते हैं।

मौसमी फलों में मौजूद विटामिन और खनिज शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं और पोषण संबंधी कमियों को दूर करते हैं। वहीं बादाम, अखरोट और तिल जैसे नट्स और बीज भी आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति करते हैं।

डेयरी और साबुत अनाज की भूमिका

दूध और दही जैसे डेयरी उत्पादों के नियमित सेवन से शरीर को कैल्शियम और अन्य ज़रूरी पोषक तत्व मिलते हैं। साबुत अनाज और मोटे अनाज भोजन में शामिल करने से पर्याप्त ऊर्जा और फाइबर की आपूर्ति होती है, जो समग्र स्वास्थ्य को मज़बूती देती है।

विशेषज्ञों की सलाह

विशेषज्ञों का मानना है कि सही खानपान न केवल एनीमिया से बचाव करता है, बल्कि शरीर को सक्रिय और ऊर्जावान बनाए रखता है। गौरतलब है कि भारत में महिलाओं और बच्चों में एनीमिया की दर लगातार चिंता का विषय बनी हुई है, और जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव इस बोझ को कम करने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि व्यवहार और पहुँच का संकट है। NFHS-5 के आँकड़े बताते हैं कि देश की लगभग 57% महिलाएँ और 67% बच्चे एनीमिक हैं — यानी समस्या जागरूकता की कमी से कहीं बड़ी है। जब तक सस्ते, स्थानीय और पोषक खाद्य विकल्पों को ज़मीनी स्तर तक नहीं पहुँचाया जाता, तब तक 'थाली में बदलाव' की सलाहें मध्यम वर्ग तक सिमटी रहेंगी। असली समाधान आहार-शिक्षा और सार्वजनिक पोषण कार्यक्रमों के एकीकरण में है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनीमिया क्या है और यह क्यों होता है?
एनीमिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में पर्याप्त मात्रा में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएँ नहीं बन पातीं, जिससे कमज़ोरी और थकान होती है। नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, इसका प्रमुख कारण आयरन, प्रोटीन और विटामिन जैसे पोषक तत्वों से भरपूर आहार की कमी है।
एनीमिया से बचाव के लिए डाइट में क्या शामिल करें?
विशेषज्ञों के अनुसार, हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ जैसे पालक, मेथी और सरसों, दालें, अंडे, मांसाहारी भोजन, मौसमी फल, बादाम-अखरोट-तिल जैसे नट्स और डेयरी उत्पाद डाइट का नियमित हिस्सा होने चाहिए। साबुत अनाज और मोटे अनाज भी ऊर्जा और फाइबर की आपूर्ति करते हैं।
क्या जंक फूड से वाकई एनीमिया हो सकता है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक जंक फूड और पोषणहीन आहार पर निर्भरता शरीर को आवश्यक आयरन और प्रोटीन से वंचित कर देती है, जिससे खून बनने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। यह धीरे-धीरे एनीमिया का कारण बन सकती है।
एनीमिया के सामान्य लक्षण कौन-से हैं?
कथित तौर पर सबसे आम लक्षणों में लगातार थकान, कमज़ोरी, त्वचा का पीलापन, चक्कर आना और साँस फूलना शामिल हैं। लक्षण दिखने पर डॉक्टर से परामर्श और रक्त जाँच कराने की सलाह दी जाती है।
क्या केवल आहार से एनीमिया ठीक हो सकता है?
हल्के मामलों में संतुलित और पोषक आहार से सुधार संभव है, लेकिन गंभीर एनीमिया में चिकित्सकीय परामर्श और आयरन सप्लीमेंट आवश्यक हो सकते हैं। विशेषज्ञ डाइट के साथ नियमित जाँच की भी सलाह देते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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