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एनीमिया से बचाव: अनहेल्दी खानपान बन रहा बड़ी वजह, जानें संतुलित आहार के ज़रूरी सुझाव

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एनीमिया से बचाव: अनहेल्दी खानपान बन रहा बड़ी वजह, जानें संतुलित आहार के ज़रूरी सुझाव

सारांश

फास्ट फूड और अनहेल्दी खानपान भारत में एनीमिया का बड़ा कारण बनता जा रहा है। NHM के अनुसार आयरन, प्रोटीन और विटामिन की कमी से लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण प्रभावित होता है। विशेषज्ञ हरी सब्ज़ियाँ, दालें, फल, नट्स और डेयरी को रोज़ाना की थाली का हिस्सा बनाने की सलाह दे रहे हैं।

मुख्य बातें

अनहेल्दी खानपान और जंक फूड एनीमिया का प्रमुख कारण बन रहे हैं।
नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के अनुसार पौष्टिक आहार की कमी एनीमिया का बड़ा कारक है।
पालक, मेथी, सरसों और दालें आयरन व प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं।
मौसमी फल, बादाम-अखरोट-तिल जैसे नट्स पोषण की कमी दूर करते हैं।
दूध, दही और साबुत अनाज संतुलित आहार के अहम हिस्से हैं।

बदलती जीवनशैली और फास्ट फूड पर बढ़ती निर्भरता के बीच अनहेल्दी खानपान एनीमिया जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की प्रमुख वजह बनकर उभर रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर को आवश्यक पोषक तत्व न मिलने पर लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण प्रभावित होता है, जिससे थकान, कमज़ोरी और लंबे समय में कई अन्य रोगों का जोखिम बढ़ जाता है।

एनीमिया क्या है और क्यों है चिंता का विषय

एनीमिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में पर्याप्त मात्रा में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएँ नहीं बन पातीं। इसका सीधा असर ऑक्सीजन की आपूर्ति पर पड़ता है, जिससे व्यक्ति को थकान, चक्कर, साँस फूलना और कमज़ोरी जैसी समस्याएँ झेलनी पड़ती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल पेट भरना पर्याप्त नहीं है — भोजन का पौष्टिक होना उतना ही ज़रूरी है।

पोषण की कमी सबसे बड़ा कारण

नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के अनुसार, पौष्टिक आहार की कमी एनीमिया का एक प्रमुख कारण है। यदि रोज़ाना के भोजन में आयरन, प्रोटीन, विटामिन और अन्य ज़रूरी पोषक तत्वों का अभाव हो, तो शरीर में खून की कमी होने लगती है। जंक फूड और अत्यधिक तला-भुना भोजन लंबे समय में पोषण-असंतुलन को और गहरा कर देता है।

आहार में क्या शामिल करें

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, एनीमिया से बचाव के लिए थाली में पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करना ज़रूरी है। पालक, मेथी और सरसों जैसी हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ आयरन का अच्छा स्रोत मानी जाती हैं। इसके अलावा दालें, अंडे और मांसाहारी भोजन शरीर को आवश्यक प्रोटीन और आयरन उपलब्ध कराते हैं, जो खून बनने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाते हैं।

फल, नट्स और डेयरी की भूमिका

मौसमी फलों में मौजूद विटामिन और खनिज शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ पोषण-संबंधी कमियों को दूर करते हैं। बादाम, अखरोट और तिल जैसे नट्स और बीज ज़रूरी सूक्ष्म पोषक तत्व देते हैं। वहीं, दूध और दही जैसे डेयरी उत्पाद कैल्शियम और प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं, और साबुत अनाज व मोटे अनाज शरीर को ऊर्जा तथा फाइबर प्रदान करते हैं।

विशेषज्ञों की सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सही खानपान न केवल एनीमिया जैसी समस्याओं से बचाव करता है, बल्कि शरीर को सक्रिय और ऊर्जावान बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आने वाले समय में पोषण-जागरूकता और संतुलित दिनचर्या ही दीर्घकालिक स्वास्थ्य की कुंजी मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि NFHS-5 के आँकड़े बताते हैं कि यह बच्चों और पुरुषों में भी तेज़ी से बढ़ रहा है। असली चुनौती सिर्फ जागरूकता नहीं, बल्कि सस्ती और पोषण-समृद्ध भोजन तक पहुँच है — जो शहरी फास्ट-फूड संस्कृति और ग्रामीण पोषण-असुरक्षा, दोनों मोर्चों पर कमज़ोर है। जब तक सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियान केवल ‘आयरन की गोली’ तक सिमटे रहेंगे, थाली बदले बिना आँकड़े नहीं बदलेंगे।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनीमिया क्या है और इसके लक्षण क्या हैं?
एनीमिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में पर्याप्त मात्रा में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएँ नहीं बन पातीं, जिससे ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित होती है। इसके सामान्य लक्षणों में थकान, कमज़ोरी, चक्कर आना और साँस फूलना शामिल हैं।
अनहेल्दी खानपान से एनीमिया कैसे हो सकता है?
जंक फूड, अत्यधिक तला-भुना और पोषणहीन भोजन में आयरन, प्रोटीन और विटामिन की पर्याप्त मात्रा नहीं होती, जिससे शरीर में खून बनने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। NHM के अनुसार, लगातार ऐसा आहार लेने वाले लोगों में एनीमिया का जोखिम बढ़ जाता है।
एनीमिया से बचाव के लिए कौन-से खाद्य पदार्थ खाएँ?
विशेषज्ञों के अनुसार पालक, मेथी, सरसों जैसी हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, दालें, अंडे, मांसाहारी भोजन, मौसमी फल, बादाम-अखरोट-तिल जैसे नट्स और डेयरी उत्पाद आहार में शामिल करने चाहिए। साबुत अनाज और मोटे अनाज भी ज़रूरी ऊर्जा और फाइबर प्रदान करते हैं।
क्या केवल आहार से एनीमिया ठीक हो सकता है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित और पोषण-युक्त आहार एनीमिया से बचाव और हल्के मामलों में सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हालाँकि गंभीर मामलों में चिकित्सकीय जाँच और उपचार आवश्यक होते हैं।
डेयरी उत्पाद और साबुत अनाज एनीमिया रोकने में कैसे मदद करते हैं?
दूध और दही जैसे डेयरी उत्पाद कैल्शियम और प्रोटीन प्रदान करते हैं, जबकि साबुत अनाज व मोटे अनाज फाइबर और ऊर्जा का स्रोत हैं। ये मिलकर शरीर को संतुलित पोषण देते हैं, जिससे लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और समग्र स्वास्थ्य को समर्थन मिलता है।
राष्ट्र प्रेस
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