19 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एनीमिया का बड़ा कारण बना अनहेल्दी खानपान, बचाव के लिए डाइट में शामिल करें ये पोषक तत्व

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एनीमिया का बड़ा कारण बना अनहेल्दी खानपान, बचाव के लिए डाइट में शामिल करें ये पोषक तत्व

सारांश

फास्ट फूड और अनहेल्दी खानपान भारत में एनीमिया का बड़ा कारण बनता जा रहा है। नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार आयरन, प्रोटीन और विटामिन की कमी से लाल रक्त कोशिकाएँ नहीं बन पातीं। विशेषज्ञ हरी सब्ज़ियाँ, दालें, फल, नट्स और डेयरी उत्पादों को रोज़ाना की थाली में शामिल करने की सलाह दे रहे हैं।

मुख्य बातें

अनहेल्दी खानपान और जंक फूड एनीमिया का प्रमुख कारण बन रहे हैं।
नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के अनुसार आयरन, प्रोटीन और विटामिन की कमी से खून की कमी होती है।
पालक, मेथी, सरसों जैसी हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ आयरन का बेहतरीन स्रोत हैं।
दालें, अंडे, मांसाहारी भोजन और मौसमी फल खून बनने की प्रक्रिया में सहायक होते हैं।
बादाम, अखरोट, तिल और डेयरी उत्पाद शरीर को आवश्यक पोषण उपलब्ध कराते हैं।

बदलती जीवनशैली और फास्ट फूड की बढ़ती आदतों के बीच अनहेल्दी खानपान भारत में एनीमिया जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का प्रमुख कारण बनता जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर को आवश्यक पोषक तत्व न मिलने पर लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण प्रभावित होता है, जिससे थकान, कमज़ोरी और रोग प्रतिरोधक क्षमता में गिरावट जैसी समस्याएँ सामने आती हैं।

क्या है एनीमिया और क्यों है चिंता का विषय

एनीमिया एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर में पर्याप्त मात्रा में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएँ नहीं बन पातीं। इससे ऑक्सीजन का प्रवाह बाधित होता है और व्यक्ति को लगातार थकान, चक्कर और कमज़ोरी महसूस होती है। नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के अनुसार, इसका एक प्रमुख कारण रोजमर्रा के आहार में आयरन, प्रोटीन और विटामिन जैसे आवश्यक पोषक तत्वों का अभाव है।

अनहेल्दी खानपान कैसे बढ़ा रहा है खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल पेट भरना पर्याप्त नहीं है, बल्कि भोजन का पौष्टिक होना भी उतना ही ज़रूरी है। जंक फूड, अत्यधिक तला-भुना भोजन और पोषणहीन आहार लंबे समय में शरीर की पोषण-व्यवस्था को कमज़ोर कर देते हैं। यह स्थिति विशेष रूप से किशोरों, गर्भवती महिलाओं और कामकाजी वर्ग में तेज़ी से बढ़ रही है, जहाँ समय की कमी के चलते संतुलित भोजन की जगह प्रोसेस्ड फूड ने ले ली है।

बचाव के लिए थाली में क्या शामिल करें

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, एनीमिया से बचाव के लिए रोज़ाना की थाली में पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देनी चाहिए। हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ जैसे पालक, मेथी और सरसों आयरन का बेहतरीन स्रोत मानी जाती हैं। इसके अलावा दालें, अंडे और मांसाहारी भोजन शरीर को आवश्यक प्रोटीन और आयरन प्रदान करते हैं, जो खून बनने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाते हैं।

फल, नट्स और डेयरी की भूमिका

मौसमी फलों का सेवन भी एनीमिया से बचाव में मददगार माना जाता है। फलों में मौजूद विटामिन और खनिज तत्व रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। बादाम, अखरोट और तिल जैसे नट्स और बीज शरीर को ज़रूरी सूक्ष्म पोषक तत्व देते हैं। वहीं, दूध और दही जैसे डेयरी उत्पाद कैल्शियम के साथ-साथ अन्य आवश्यक पोषण की पूर्ति करते हैं। साबुत अनाज और मोटे अनाज को आहार में शामिल करने से शरीर को पर्याप्त ऊर्जा और फाइबर मिलता है।

आगे क्या

विशेषज्ञों का सुझाव है कि लोगों को अपनी दिनचर्या में संतुलित और पौष्टिक भोजन को नियमित रूप से शामिल करना चाहिए। सही खानपान न केवल एनीमिया जैसी समस्याओं से बचाव करता है, बल्कि शरीर को सक्रिय और ऊर्जावान बनाए रखने में भी निर्णायक भूमिका निभाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यह स्थिति बीते दशक में बिगड़ी ही है। असली चुनौती सिर्फ़ आयरन सप्लीमेंट बाँटना नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की थाली में पोषण की वापसी करवाना है — एक ऐसी लड़ाई जिसे जागरूकता के बिना नहीं जीता जा सकता।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनीमिया क्या है और यह कैसे होता है?
एनीमिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में पर्याप्त मात्रा में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएँ नहीं बन पातीं, जिससे थकान, कमज़ोरी और चक्कर जैसी समस्याएँ होती हैं। इसका मुख्य कारण आहार में आयरन, प्रोटीन और विटामिन जैसे आवश्यक पोषक तत्वों की कमी है।
अनहेल्दी खानपान एनीमिया का कारण कैसे बनता है?
जंक फूड, अत्यधिक तला-भुना भोजन और प्रोसेस्ड आहार में पोषण की कमी होती है, जिससे शरीर को आयरन और प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाता। लंबे समय तक ऐसी डाइट अपनाने से लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण प्रभावित होता है और एनीमिया का खतरा बढ़ जाता है।
एनीमिया से बचाव के लिए कौन-से खाद्य पदार्थ खाने चाहिए?
विशेषज्ञ हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ जैसे पालक, मेथी और सरसों, दालें, अंडे, मांसाहारी भोजन, मौसमी फल और बादाम-अखरोट-तिल जैसे नट्स खाने की सलाह देते हैं। दूध, दही और साबुत अनाज भी संतुलित आहार का अहम हिस्सा हैं।
एनीमिया के सामान्य लक्षण क्या होते हैं?
एनीमिया के सामान्य लक्षणों में लगातार थकान, कमज़ोरी, त्वचा का पीलापन, सांस फूलना और चक्कर आना शामिल हैं। लक्षण दिखने पर डॉक्टर से परामर्श लेकर रक्त जाँच कराना ज़रूरी है।
क्या केवल आहार से एनीमिया ठीक हो सकता है?
हल्के मामलों में संतुलित और पोषण से भरपूर आहार से सुधार संभव है, लेकिन गंभीर मामलों में डॉक्टरी सलाह और आयरन सप्लीमेंट की आवश्यकता हो सकती है। आहार के साथ नियमित स्वास्थ्य जाँच को भी अहम माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले