29 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

उत्तर कोरियाई IT वर्कर्स पर अमेरिकी प्रतिबंध: 10 लोग और एक संस्था निशाने पर, हथियार कार्यक्रमों को धन मुहैया कराने का आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
उत्तर कोरियाई IT वर्कर्स पर अमेरिकी प्रतिबंध: 10 लोग और एक संस्था निशाने पर, हथियार कार्यक्रमों को धन मुहैया कराने का आरोप

सारांश

अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने उत्तर कोरियाई आईटी वर्कर नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 व्यक्तियों और एक संस्था पर प्रतिबंध लगाए। यह नेटवर्क फर्जी पहचान से अमेरिकी कंपनियों में घुसपैठ कर बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों के लिए करोड़ों डॉलर जुटा रहा था — क्रिप्टो, मालवेयर और AI टूल्स की आड़ में।

मुख्य बातें

अमेरिकी वित्त मंत्रालय (OFAC) ने 29 अक्टूबर 2026 को 10 व्यक्तियों और 1 संस्था पर प्रतिबंध लगाए।
यह नेटवर्क उत्तर कोरिया के सामूहिक विनाश के हथियारों और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों के लिए धन जुटा रहा था।
रूसी बिचौलिए विटोल्ड ओबर्टास ने जनवरी 2025 से लगभग 20 लाख डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी परिवर्तित की।
प्रतिबंधित संस्था फर्स्ट फाइनेंशियल एंड टेक्निकल डेवलपमेंट सेंटर रूस में कार्यरत उत्तर कोरिया-नियंत्रित संगठन है।
छह उत्तर कोरियाई वर्कर्स ने 2025 से इस सेंटर के लिए 7.5 लाख डॉलर से अधिक जुटाए।
वर्कर्स ने कॉर्पोरेट नेटवर्क में मालवेयर डाला और संवेदनशील डेटा चुराया।

अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने 29 अक्टूबर 2026 को 10 व्यक्तियों और एक संस्था पर प्रतिबंध लगाए, जिन पर उत्तर कोरियाई आईटी वर्कर नेटवर्क को समर्थन देने का आरोप है। यह नेटवर्क कथित तौर पर अमेरिकी कंपनियों के साथ धोखाधड़ी करके उत्तर कोरिया के सामूहिक विनाश के हथियारों और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों के लिए करोड़ों डॉलर जुटा रहा था। ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) की इस कार्रवाई के बाद अमेरिका में इन व्यक्तियों और संस्था की सभी संपत्तियाँ तत्काल प्रभाव से अवरुद्ध हो गई हैं।

कैसे काम करता था यह नेटवर्क

वित्त मंत्रालय के अनुसार, उत्तर कोरियाई एजेंटों ने फर्जी दस्तावेज़, चोरी की गई पहचान और नकली ऑनलाइन प्रोफाइल का सहारा लेकर अमेरिका एवं सहयोगी देशों की वैध कंपनियों में रिमोट आईटी नौकरियाँ हासिल कीं। इन वर्कर्स की सैलरी का बड़ा हिस्सा उत्तर कोरियाई सरकार ले लेती थी। नेटवर्क ने क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन, मनी लॉन्ड्रिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स का उपयोग करके धन स्थानांतरित किया।

केवल धन जुटाने तक ही नहीं, इन वर्कर्स ने कॉर्पोरेट नेटवर्क तक अपनी पहुँच का दुरुपयोग करते हुए मालवेयर प्रत्यारोपित किए, संवेदनशील डेटा निकाला और गोपनीय जानकारी चुराई। हालाँकि मंत्रालय ने इस बार प्रभावित कंपनियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए।

प्रमुख प्रतिबंधित व्यक्ति

रूसी नागरिक विटोल्ड विक्टोरोविच ओबर्टास पर आरोप है कि उसने जनवरी 2025 से उत्तर कोरियाई अधिकारियों के लिए लगभग 20 लाख डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी परिवर्तित की और कम से कम 12.5 लाख डॉलर के अन्य वित्तीय लेनदेन किए। उसकी गतिविधियाँ अमनोकगांग टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट कंपनी से भी जुड़ी थीं, जिसे OFAC ने मार्च में पहले ही प्रतिबंधित कर दिया था।

एक अन्य रूसी नागरिक इल्या अलेक्जेंड्रोविच बॉयकोव पर पहले से प्रतिबंधित कंपनी 'एलिस' को सहायता देने का आरोप है। 2024 से उसने 35 लाख डॉलर के बराबर क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन किए और लॉजिस्टिक मदद मुहैया कराई।

OFAC ने उत्तर कोरियाई नागरिकों किम की ह्योक और किम ह्यो डोंग को भी प्रतिबंधित किया। किम की ह्योक 'एलिस' वर्कर्स पर निगरानी रखता था और वित्तीय लक्ष्य पूरे कराता था; आरोप है कि उसने 2024 से इस समूह के लिए लगभग 5 लाख डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी स्थानांतरित की। किम ह्यो डोंग पर दिसंबर 2023 से कम से कम 1 लाख डॉलर से अधिक की वित्तीय संपत्ति के हस्तांतरण की सुविधा देने का आरोप है।

प्रतिबंधित संस्था और अन्य वर्कर्स

प्रतिबंधित संस्था फर्स्ट फाइनेंशियल एंड टेक्निकल डेवलपमेंट सेंटर को रूस में संचालित उत्तर कोरिया-नियंत्रित संगठन बताया गया है, जिसके आईटी वर्कर्स ने कथित तौर पर प्योंगयांग के लिए कई मिलियन डॉलर जुटाए। इस सेंटर से जुड़े छह उत्तर कोरियाई वर्कर्स — किम क्योंग जू, री थाए चोल, सो ह्योन जिन, हान यू सोंग, किम सुंग ग्वान और ह्योन से इल — को भी निशाना बनाया गया है। आरोप है कि इन्होंने 2025 से इस संगठन के लिए 7.5 लाख डॉलर से अधिक की राशि जुटाई।

अमेरिकी वित्त मंत्री की प्रतिक्रिया

वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा, 'उत्तर कोरियाई शासन अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाना और उनका शोषण करना जारी रखे हुए है।' मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी नागरिकों और संस्थाओं को अवरुद्ध की गई संपत्तियों से जुड़े किसी भी लेनदेन पर तब तक रोक रहेगी जब तक OFAC द्वारा विशेष अनुमति न दी जाए। इसके अतिरिक्त, प्रतिबंधित व्यक्तियों के 50 प्रतिशत या अधिक स्वामित्व वाली कोई भी संस्था भी इन प्रतिबंधों के दायरे में आएगी।

व्यापक संदर्भ और आगे की राह

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है — अमेरिका उत्तर कोरियाई आईटी वर्कर नेटवर्क पर कई वर्षों से नज़र रख रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर कोरिया पर परमाणु और मिसाइल विकास के लिए वैकल्पिक धन-स्रोतों का सहारा लेने के आरोप बढ़ते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि क्रिप्टोकरेंसी और रिमोट वर्क की बढ़ती स्वीकार्यता ने इस तरह के नेटवर्क को फलने-फूलने का मौका दिया है। आने वाले समय में OFAC की ओर से और अधिक कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका ने उत्तर कोरियाई IT वर्कर्स पर प्रतिबंध क्यों लगाए?
अमेरिकी वित्त मंत्रालय (OFAC) ने आरोप लगाया कि ये वर्कर्स फर्जी पहचान से अमेरिकी और सहयोगी देशों की कंपनियों में नौकरी पाकर उत्तर कोरिया के बैलिस्टिक मिसाइल और सामूहिक विनाश के हथियार कार्यक्रमों के लिए करोड़ों डॉलर जुटा रहे थे। इसके अलावा उन्होंने मालवेयर डाला और कॉर्पोरेट डेटा भी चुराया।
OFAC के प्रतिबंध से व्यावहारिक रूप से क्या होगा?
OFAC के प्रतिबंध लगने के बाद इन 10 व्यक्तियों और 1 संस्था की अमेरिका में मौजूद सभी संपत्तियाँ तुरंत अवरुद्ध हो जाएंगी। अमेरिकी नागरिकों और कंपनियों को इनसे कोई भी वित्तीय लेनदेन करने से रोका गया है, जब तक OFAC विशेष अनुमति न दे। इनके 50% या उससे अधिक स्वामित्व वाली संस्थाएँ भी इस दायरे में आएंगी।
रूसी बिचौलियों की इस नेटवर्क में क्या भूमिका थी?
रूसी नागरिक विटोल्ड विक्टोरोविच ओबर्टास और इल्या अलेक्जेंड्रोविच बॉयकोव पर क्रिप्टोकरेंसी परिवर्तन, लेनदेन की निगरानी और लॉजिस्टिक सहायता देने का आरोप है। ओबर्टास ने जनवरी 2025 से लगभग 20 लाख डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी उत्तर कोरियाई अधिकारियों के लिए बदली, जबकि बॉयकोव ने 2024 से 35 लाख डॉलर के लेनदेन किए।
फर्स्ट फाइनेंशियल एंड टेक्निकल डेवलपमेंट सेंटर क्या है?
यह रूस में संचालित एक उत्तर कोरिया-नियंत्रित संगठन है जिसे OFAC ने अब प्रतिबंधित किया है। इसके IT वर्कर्स ने कथित तौर पर प्योंगयांग के लिए कई मिलियन डॉलर जुटाए; इससे जुड़े छह उत्तर कोरियाई वर्कर्स ने 2025 से 7.5 लाख डॉलर से अधिक की राशि इकट्ठा की।
क्या यह पहली बार है जब अमेरिका ने उत्तर कोरियाई IT नेटवर्क पर कार्रवाई की है?
नहीं, OFAC ने इससे पहले मार्च में अमनोकगांग टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट कंपनी और 'एलिस' जैसी संस्थाओं पर भी प्रतिबंध लगाए थे। यह कार्रवाई उसी चल रही मुहिम का विस्तार है, जिसका उद्देश्य उत्तर कोरिया के वैकल्पिक धन-स्रोतों को बंद करना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले