हिज्बुल्लाह को नकदी पहुँचाने वाले 10 लोगों पर अमेरिका ने लगाया प्रतिबंध, लेबनान-ईरान-UAE नेटवर्क निशाने पर
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी वित्त विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने 21 अगस्त 2026 को हिज्बुल्लाह तक नकदी पहुँचाने वाले 10 व्यक्तियों पर औपचारिक प्रतिबंध लगाए हैं। यह नेटवर्क लेबनान, तुर्किये, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ईरान के बीच व्यावसायिक उड़ानों से यात्रा करने वाले कुरियरों के ज़रिए सैकड़ों मिलियन डॉलर की रकम स्थानांतरित करता था।
नेटवर्क कैसे करता था काम
OFAC के अनुसार, प्रतिबंधित नेटवर्क का मुख्य तरीका यह था कि व्यावसायिक एयरलाइंस की उड़ानों में कुरियर के रूप में यात्रा करने वाले लोग बड़ी मात्रा में नकदी एक देश से दूसरे देश पहुँचाते थे। इससे हिज्बुल्लाह को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से पूरी तरह बाहर रहकर विदेशी मुद्रा हासिल करने और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने का रास्ता मिलता था।
वित्त विभाग ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'यह नेटवर्क लेबनान, तुर्किये, यूएई और ईरान के बीच यात्रा करने वाले कुरियरों का उपयोग करता है, जो विभिन्न देशों के बीच सैकड़ों मिलियन डॉलर तक की रकम ले जाते हैं। इससे हिज्बुल्लाह को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से बाहर विदेशी मुद्रा प्राप्त करने और प्रतिबंधों से बचने में मदद मिलती है।'
IRGC-QF से संबंध और कानूनी आधार
OFAC ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स-कुद्स फोर्स (IRGC-QF) के निर्देश पर ईरानी शासन को सेवाएँ देने के आधार पर की गई है। विभाग के अनुसार, इस प्रतिबंध का कानूनी आधार संशोधित एग्जीक्यूटिव ऑर्डर (EO) 13224 है, जो अमेरिका की आतंकवाद-रोधी शक्तियों के तहत लागू होता है।
गौरतलब है कि अमेरिकी विदेश विभाग ने 31 अक्टूबर 2001 को ही EO 13224 के तहत हिज्बुल्लाह को स्पेशली डेज़िग्नेटेड ग्लोबल टेररिस्ट (SDGT) घोषित किया था। अमेरिकी सरकार का मानना है कि हिज्बुल्लाह ने आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दिया है या ऐसी गतिविधियों का गंभीर खतरा पैदा किया है, जो अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के लिए खतरनाक हैं।
वित्तीय तस्करी के तरीके
वित्त विभाग ने बताया कि हिज्बुल्लाह और उसके सहयोगी धन जुटाने और उसे क्षेत्र में स्थानांतरित करने के लिए कई वित्तीय योजनाओं का इस्तेमाल करते हैं। इनमें तेल की तस्करी, अवैध शिपिंग, वस्तुओं की बिक्री और बड़ी मात्रा में नकदी की तस्करी प्रमुख रूप से शामिल हैं।
दिवंगत IRGC अधिकारी से जुड़ाव
विभाग ने यह भी खुलासा किया कि प्रतिबंधित नेटवर्क का संबंध पहले IRGC-QF के दिवंगत वित्त अधिकारी बेहनाम शहरियारी से रहा था। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, 'यह नेटवर्क उन तरीकों का एक उदाहरण है, जिनका उपयोग पूरे क्षेत्र में आतंकवादी प्रॉक्सी संगठनों तक सहायता पहुँचाने के लिए किया जाता है।'
यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब अमेरिका मध्य-पूर्व में ईरान समर्थित नेटवर्कों पर वित्तीय दबाव बढ़ाने की अपनी रणनीति को और तेज़ कर रहा है। आने वाले समय में OFAC की ओर से इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों और संस्थाओं पर भी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।