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हिज्बुल्लाह सीजफायर को कर रहा कमजोर: मार्को रुबियो का इजरायल-लेबनान तनाव पर बड़ा बयान

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हिज्बुल्लाह सीजफायर को कर रहा कमजोर: मार्को रुबियो का इजरायल-लेबनान तनाव पर बड़ा बयान

सारांश

अमेरिका ने सीधे आरोप लगाया — हिज्बुल्लाह सीजफायर की राह में रोड़ा है और ईरान उसे निर्देशित कर रहा है। रुबियो की नेतन्याहू और लेबनानी राष्ट्रपति आउन से बातचीत के बावजूद, नबीह बेरी के 'टालमटोल' वाले जवाब ने प्रक्रिया रोक दी। पश्चिम एशिया में बड़े युद्ध का खतरा अब भी बना हुआ है।

मुख्य बातें

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 1 जून 2026 को कहा कि हिज्बुल्लाह इजरायल-लेबनान सीजफायर प्रयासों को कमजोर कर रहा है।
अमेरिका के प्रस्ताव में पहले हिज्बुल्लाह द्वारा हमले बंद करना, फिर इजरायल द्वारा बेरूत में सैन्य कार्रवाई रोकना शामिल था।
लेबनान के संसद अध्यक्ष नबीह बेरी का जवाब अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार 'टालमटोल वाला और निराशाजनक' रहा।
अमेरिका ने ईरान पर आरोप लगाया कि वह हिज्बुल्लाह को निर्देश देकर संघर्ष को जानबूझकर लंबा खिंचवा रहा है।
इस दौर की लड़ाई 2 मार्च को हिज्बुल्लाह द्वारा शुरू की गई थी, ऐसा अमेरिकी अधिकारी ने कहा।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 1 जून 2026 को स्पष्ट आरोप लगाया कि हिज्बुल्लाह, इजरायल और लेबनान के बीच युद्धविराम की कूटनीतिक कोशिशों को जानबूझकर पटरी से उतार रहा है। अमेरिका का कहना है कि उसने तनाव घटाने के लिए एक स्पष्ट प्रस्ताव रखा था, लेकिन हिज्बुल्लाह ने हमले रोकने से साफ इनकार कर दिया।

अमेरिका का प्रस्ताव क्या था

एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, वॉशिंगटन ने दो-चरणीय योजना पेश की थी। पहले चरण में हिज्बुल्लाह को इजरायल पर सभी हमले तत्काल बंद करने थे। इसके बदले में इजरायल बेरूत में किसी भी नई सैन्य कार्रवाई से परहेज करता। अधिकारी ने कहा, 'यह सबसे सीधा रास्ता था — लड़ाई रोकने और आम नागरिकों की जान बचाने का।'

रुबियो ने इस सिलसिले में लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू दोनों से अलग-अलग बातचीत की। राष्ट्रपति आउन इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के इच्छुक थे और सभी पक्षों के बीच सहमति बनाने की कोशिश कर रहे थे।

नबीह बेरी का 'टालमटोल' वाला जवाब

अमेरिकी प्रयास तब रुक गए जब लेबनान के संसद अध्यक्ष नबीह बेरी — जो हिज्बुल्लाह के करीबी सहयोगी माने जाते हैं — ने अमेरिकी प्रस्ताव पर अपना रुख स्पष्ट किया। अधिकारी ने कहा, 'बेरी का जवाब टालमटोल वाला और निराशाजनक था।'

बेरी ने कहा कि वे हिज्बुल्लाह की ओर से सीजफायर का 'भरोसा' दिला सकते हैं, लेकिन शर्त यह रखी कि पहले इजरायल को गोलीबारी बंद करनी होगी। अमेरिकी अधिकारी ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई: 'बेरी ने जिम्मेदारी इजरायल पर डाल दी, जबकि इस दौर की लड़ाई 2 मार्च को हिज्बुल्लाह ने खुद शुरू की थी।'

ईरान पर अमेरिका का सीधा आरोप

अमेरिका ने इस संघर्ष को लंबा खींचने के लिए ईरान को भी सीधे जिम्मेदार ठहराया। अधिकारी ने कहा, 'ईरान हिज्बुल्लाह को निर्देश दे रहा है। उसे लेबनान के लोगों की भलाई में कोई रुचि नहीं है। ईरान चाहता है कि यह संघर्ष लंबा चले, ताकि वह बाद में 'स्थिति संभालने' का श्रेय ले सके।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान के बीच परमाणु वार्ता भी जटिल दौर में है।

अमेरिका की इजरायल को दो-टूक

वॉशिंगटन ने स्पष्ट किया कि वह इजरायल से यह उम्मीद नहीं करता कि वह किसी आतंकवादी संगठन के लगातार हमले चुपचाप सहता रहे। अधिकारी के शब्दों में, 'तनाव घटाने और नागरिकों की सुरक्षा का सबसे तेज रास्ता एक ही है — हिज्बुल्लाह तुरंत गोलीबारी बंद करे।'

आगे क्या

इजरायल-हिज्बुल्लाह सीमा पर संघर्ष जारी है और कूटनीतिक प्रयास फिलहाल ठप हैं। अमेरिका की प्राथमिकता यह है कि यह लड़ाई पूरे पश्चिम एशिया में न फैले। गौरतलब है कि यह क्षेत्र पहले से ही गाजा संघर्ष के कारण अत्यंत संवेदनशील बना हुआ है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि क्या लेबनान की सरकार हिज्बुल्लाह पर दबाव बनाने में सफल होती है या कूटनीतिक गतिरोध और लंबा खिंचता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जब तक तेहरान के साथ कोई व्यापक समझौता नहीं होता, लेबनान की सीमा पर शांति एक दूर का सपना ही रहेगी।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिज्बुल्लाह इजरायल-लेबनान सीजफायर को कैसे कमजोर कर रहा है?
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर हमले बंद करने से इनकार कर दिया, जो अमेरिकी प्रस्ताव की पहली और अनिवार्य शर्त थी। लेबनान के संसद अध्यक्ष नबीह बेरी — जो हिज्बुल्लाह के करीबी माने जाते हैं — ने उल्टी शर्त रखी कि पहले इजरायल गोलीबारी बंद करे।
अमेरिका ने इजरायल-लेबनान के लिए क्या प्रस्ताव दिया था?
अमेरिका ने दो-चरणीय प्रस्ताव रखा था — पहले हिज्बुल्लाह इजरायल पर सभी हमले बंद करे, फिर इजरायल बेरूत में नई सैन्य कार्रवाई से परहेज करे। इस योजना का उद्देश्य धीरे-धीरे तनाव घटाना और स्थायी युद्धविराम की जमीन तैयार करना था।
नबीह बेरी कौन हैं और उनकी भूमिका क्या है?
नबीह बेरी लेबनान के संसद अध्यक्ष हैं और हिज्बुल्लाह के करीबी राजनीतिक सहयोगी माने जाते हैं। अमेरिकी प्रस्ताव पर उनका जवाब 'टालमटोल वाला' रहा, जिससे कूटनीतिक प्रक्रिया रुक गई।
ईरान की इस संघर्ष में क्या भूमिका है?
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान हिज्बुल्लाह को सीधे निर्देश दे रहा है और चाहता है कि यह संघर्ष लंबा चले ताकि वह बाद में 'स्थिति संभालने' का श्रेय ले सके। अमेरिका का कहना है कि ईरान को लेबनान के नागरिकों की भलाई की कोई परवाह नहीं है।
इस दौर की लड़ाई कब और किसने शुरू की?
अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, इस दौर की लड़ाई 2 मार्च को हिज्बुल्लाह ने शुरू की थी। इसी आधार पर अमेरिका ने बेरी की 'पहले इजरायल रोके' वाली शर्त को अनुचित बताया।
राष्ट्र प्रेस
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