19 जुलाई 2026
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हिज्बुल्लाह ने माना अमेरिकी प्रस्ताव: इजरायल के साथ आपसी हमले रोकने पर सहमति, ट्रंप ने नेतन्याहू से ली मंजूरी

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हिज्बुल्लाह ने माना अमेरिकी प्रस्ताव: इजरायल के साथ आपसी हमले रोकने पर सहमति, ट्रंप ने नेतन्याहू से ली मंजूरी

सारांश

हिज्बुल्लाह ने इजरायल के साथ आपसी हमले रोकने का अमेरिकी प्रस्ताव मान लिया है — लेकिन ज़मीन पर हमले जारी हैं। ट्रंप ने नेतन्याहू की सहमति ली, IDF ने एक सैन्य डॉक्टर की मौत की पुष्टि की, और ईरान ने मध्यस्थता वार्ता रोक दी। कूटनीति और संघर्ष एक साथ चल रहे हैं।

मुख्य बातें

हिज्बुल्लाह ने 2 जून 2026 को अमेरिका के 'आपसी हमले रोकने' के प्रस्ताव को स्वीकार किया — पुष्टि लेबनानी राष्ट्रपति कार्यालय ने की।
राष्ट्रपति ट्रंप ने इजरायली PM नेतन्याहू से प्रस्ताव पर सहमति ली; जानकारी राजदूत नाडा हमदेह मौवाड के ज़रिए राष्ट्रपति जोसेफ आउन तक पहुँची।
प्रारंभिक चरण में बेरूत के दक्षिणी इलाकों पर इजरायली हवाई हमले और हिज्बुल्लाह के जवाबी हमले रुकेंगे।
IDF ने पुष्टि की कि हिज्बुल्लाह के ड्रोन हमले में एक सैन्य डॉक्टर की मौत और 7 सैनिक घायल हुए।
ईरान ने लेबनान में इजरायली कार्रवाई के विरोध में अमेरिका के साथ मध्यस्थता वार्ता रोकी — तस्नीम एजेंसी के अनुसार।
मंगलवार-बुधवार को होने वाली वार्ता में समझौते को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी।

लेबनान के राष्ट्रपति कार्यालय ने सोमवार, 2 जून 2026 को पुष्टि की कि हिज्बुल्लाह ने अमेरिका के उस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, जिसमें इजरायल के साथ 'आपसी हमले रोकने' की शर्त रखी गई है। यह जानकारी बेरूत स्थित लेबनानी राष्ट्रपति कार्यालय के आधिकारिक बयान में दी गई, जिसमें वाशिंगटन में लेबनान के दूतावास का हवाला दिया गया।

कैसे आगे बढ़ी बातचीत

बयान के अनुसार, यह घटनाक्रम उस टेलीफोनिक बातचीत के बाद सामने आया जो लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ आउन और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच हुई। इस बातचीत में लेबनान की मौजूदा स्थिति और तनाव घटाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया।

इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में लेबनानी राजदूत नाडा हमदेह मौवाड को सूचित किया कि उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से इस प्रस्ताव पर सहमति प्राप्त कर ली है। राजदूत मौवाड ने यह जानकारी राष्ट्रपति आउन को दी, जिन्होंने आगे इसे हिज्बुल्लाह तक पहुँचाया।

प्रस्ताव में क्या है

दूतावास के बयान के अनुसार, अमेरिकी प्रस्ताव के तहत दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमले रोकेंगे। प्रारंभिक चरण में बेरूत के दक्षिणी इलाकों पर इजरायल के हवाई हमले बंद होंगे और बदले में हिज्बुल्लाह इजरायल पर अपने हमले थामेगा। बाद में इस समझौते को पूरे लेबनान तक विस्तारित करने की योजना है। बयान के अनुसार, मंगलवार और बुधवार को होने वाली बातचीत में इस समझौते को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी।

ज़मीनी हालात और इजरायली कार्रवाई

इसी दिन इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा कि उन्होंने बेरूत के दहिये इलाके पर हमले के आदेश दिए हैं। यह इलाका हिज्बुल्लाह का गढ़ माना जाता है। यह कदम हिज्बुल्लाह की ओर से इजरायली सैन्य ठिकानों पर बढ़ते रॉकेट और ड्रोन हमलों के जवाब में उठाया गया।

इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने बताया कि हिज्बुल्लाह की ओर से एक साथ दागे गए दो विस्फोटक ड्रोन हमलों में एक इजरायली सैन्य डॉक्टर की मौत हो गई और सात सैनिक घायल हुए।

ईरान का रुख

यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी ने सोमवार को रिपोर्ट किया कि ईरान ने लेबनान में इजरायल की सैन्य कार्रवाई के विरोध में अमेरिका के साथ मध्यस्थों के जरिए होने वाली बातचीत रोक दी है। गौरतलब है कि ईरान हिज्बुल्लाह का प्रमुख समर्थक माना जाता है, इसलिए उसका यह कदम संघर्षविराम प्रक्रिया की जटिलता को और बढ़ाता है।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव अपने उच्चतम स्तर पर है और कूटनीतिक प्रयास एक साथ कई मोर्चों पर चल रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, प्रस्ताव की स्वीकृति और ज़मीनी हमलों के बीच की खाई इस बात का संकेत है कि औपचारिक संघर्षविराम अभी भी नाज़ुक दौर में है। आने वाले दो दिनों की वार्ता के नतीजे इस दिशा में निर्णायक साबित हो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो हिज्बुल्लाह की सहमति कितनी स्वायत्त और कितनी टिकाऊ है। ट्रंप प्रशासन की यह कूटनीतिक सक्रियता दिखावटी नहीं है, लेकिन इसकी परीक्षा अगले 48 घंटों की वार्ता में होगी — जहाँ हर पक्ष के पास पीछे हटने के अपने कारण हैं।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिज्बुल्लाह ने कौन-सा अमेरिकी प्रस्ताव स्वीकार किया है?
अमेरिका के उस प्रस्ताव को, जिसमें हिज्बुल्लाह और इजरायल दोनों एक-दूसरे पर हमले रोकेंगे। पहले चरण में बेरूत के दक्षिणी इलाकों पर इजरायली हवाई हमले और हिज्बुल्लाह के जवाबी हमले बंद होंगे, और बाद में यह समझौता पूरे लेबनान तक विस्तारित होगा।
ट्रंप की इस प्रक्रिया में क्या भूमिका रही?
राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका में लेबनानी राजदूत नाडा हमदेह मौवाड को बताया कि उन्होंने इजरायली PM नेतन्याहू से प्रस्ताव पर सहमति ले ली है। इसके बाद यह जानकारी राष्ट्रपति आउन के ज़रिए हिज्बुल्लाह तक पहुँची।
ईरान ने वार्ता क्यों रोकी?
तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार, ईरान ने लेबनान में इजरायल की सैन्य कार्रवाई के विरोध में अमेरिका के साथ मध्यस्थों के जरिए होने वाली बातचीत बंद कर दी। ईरान हिज्बुल्लाह का प्रमुख समर्थक है, इसलिए यह कदम संघर्षविराम की संभावनाओं को जटिल बनाता है।
IDF के अनुसार ताज़ा हमलों में क्या नुकसान हुआ?
इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) के बयान के अनुसार, हिज्बुल्लाह की ओर से एक साथ दागे गए दो विस्फोटक ड्रोन हमलों में एक इजरायली सैन्य डॉक्टर की मौत हो गई और सात सैनिक घायल हुए।
इस समझौते पर आगे की बातचीत कब होगी?
लेबनानी राष्ट्रपति कार्यालय के बयान के अनुसार, मंगलवार और बुधवार को होने वाली वार्ता में इस समझौते को आगे बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी। इन बैठकों के नतीजे संघर्षविराम की दिशा तय करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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