2 अक्टूबर 2026
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मुंबई में कैप्टन स्मित के सम्मान में बिलबोर्ड, इजरायली महावाणिज्यदूत बोले — मिले सर्वोच्च नागरिक सम्मान

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मुंबई में कैप्टन स्मित के सम्मान में बिलबोर्ड, इजरायली महावाणिज्यदूत बोले — मिले सर्वोच्च नागरिक सम्मान

सारांश

गंभीर चोटों के बावजूद इजरायली यात्रियों की जान बचाने वाले कैप्टन स्मित के सम्मान में मुंबई में बिलबोर्ड अभियान शुरू हुआ। इजरायल के महावाणिज्यदूत याविन रेवाच ने उनकी असाधारण बहादुरी के लिए भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान की माँग की — यह एक राजनयिक संदेश भी है और कृतज्ञता का सार्वजनिक इज़हार भी।

मुख्य बातें

इजरायल के महावाणिज्यदूत याविन रेवाच ने 2 अक्टूबर 2026 को मुंबई में कैप्टन स्मित के सम्मान में बिलबोर्ड अभियान का ऐलान किया।
कैप्टन स्मित ने हाथों और गर्दन पर गंभीर चोटों के बावजूद कॉकपिट खोलकर इजरायली यात्रियों को बचाया और कथित हाईजैक की कोशिश नाकाम की।
हमलावर ओमानी पायलट को कथित तौर पर 'आतंकवादी' बताया जा रहा है; ओमान और UAE मामले की जाँच कर रहे हैं।
रेवाच ने कैप्टन स्मित को भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिए जाने की वकालत की।
कैप्टन स्मित का उपचार जारी है; इजरायल ने उनके पूर्ण स्वास्थ्य लाभ और भारत वापसी की उम्मीद जताई।

इजरायल के महावाणिज्यदूत (मध्य पश्चिम भारत) याविन रेवाच ने 2 अक्टूबर 2026 को मुंबई में कैप्टन स्मित की असाधारण बहादुरी को सार्वजनिक रूप से सलाम किया। विमान हाईजैक की कथित कोशिश को नाकाम करने वाले इस भारतीय पायलट के सम्मान में शहर के अलग-अलग स्थानों पर बड़े-बड़े बिलबोर्ड लगाए गए हैं। रेवाच ने कहा कि इजरायल सरकार और वहाँ के नागरिकों की ओर से कैप्टन स्मित का हार्दिक आभार व्यक्त करना उनके लिए अनिवार्य था।

बिलबोर्ड अभियान की पृष्ठभूमि

महावाणिज्यदूत रेवाच ने बताया कि इजरायल की ओर से यह जन-जागरूकता अभियान विशेष रूप से इसलिए शुरू किया गया ताकि कैप्टन स्मित की वीरता को व्यक्तिगत रूप से स्वीकार किया जा सके। उन्होंने कहा, 'हमने मुंबई में अलग-अलग जगहों और बड़े-बड़े बिलबोर्ड पर यह अभियान शुरू किया, ताकि उनकी बहादुरी के लिए व्यक्तिगत रूप से धन्यवाद किया जा सके।'

यह अभियान उस घटना की पृष्ठभूमि में आया है जिसमें कैप्टन स्मित ने गंभीर चोटों के बावजूद इजरायली यात्रियों की जान बचाई और विमान को हाईजैक होने से रोका।

घटना का विवरण

रेवाच के अनुसार, कैप्टन स्मित के हाथों और गर्दन पर गंभीर चोटें लगी थीं। इसके बावजूद वह रेंगते हुए आगे बढ़े, कॉकपिट का दरवाजा खोला और इजरायली यात्रियों को अंदर मौजूद हमलावर पर काबू पाने का मौका दिया। हमलावर को एक ओमानी पायलट बताया जा रहा है, जिस पर कथित तौर पर विमान को हाईजैक कर उसमें सवार सभी यात्रियों सहित उसे क्रैश करने की कोशिश का आरोप है।

रेवाच ने कहा, 'जो सबूत सामने हैं, उनसे यह साफ लगता है कि ओमानी पायलट ने कथित तौर पर आतंकी कार्रवाई करने, विमान को हाईजैक करने और उसमें सवार सभी यात्रियों के साथ उसे क्रैश करने की कोशिश की।' हालाँकि यह जाँच का विषय है और सभी तथ्य अभी सामने नहीं आए हैं।

जाँच और राजनयिक रुख

महावाणिज्यदूत रेवाच ने स्पष्ट किया कि इजरायल को ओमान, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और अमीराती अधिकारियों पर पूरा भरोसा है कि वे इस मामले की गहराई से जाँच करेंगे और वास्तविकता सामने लाएँगे। गौरतलब है कि यह घटना उस समय सामने आई है जब भारत-इजरायल के बीच द्विपक्षीय संबंध कई मोर्चों पर सक्रिय हैं।

सर्वोच्च नागरिक सम्मान की माँग

रेवाच ने दृढ़ता से कहा कि कैप्टन स्मित को भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'गर्दन और हाथों में गंभीर चोट लगने के बावजूद जिस साहस का परिचय उन्होंने दिया, वह असाधारण है। हमें पहले उनके पूर्ण स्वास्थ्य लाभ पर ध्यान देना चाहिए और उम्मीद है कि वह सुरक्षित अपने घर भारत लौटें।' उसके बाद उनकी वीरता का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान किए जाने की इजरायली दूत ने पुरजोर वकालत की।

आगे क्या

फिलहाल कैप्टन स्मित का उपचार जारी है और उनके स्वास्थ्य की स्थिति की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। मुंबई में इजरायल द्वारा शुरू किया गया यह बिलबोर्ड अभियान राजनयिक स्तर पर इस घटना को मिल रहे महत्व को रेखांकित करता है। यह देखना होगा कि भारत सरकार इस घटना और सम्मान की माँग पर औपचारिक रूप से कोई प्रतिक्रिया देती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इजरायल का यह बिलबोर्ड अभियान केवल कृतज्ञता का प्रतीक नहीं — यह एक सुविचारित राजनयिक संदेश भी है जो भारत-इजरायल संबंधों को लोकप्रिय स्तर पर मज़बूत करता है। सवाल यह है कि जब एक विदेशी देश किसी भारतीय नागरिक के सम्मान के लिए सड़कों पर उतर आया है, तो भारत सरकार की औपचारिक प्रतिक्रिया कब आएगी। घटना की जाँच अभी जारी है और सभी तथ्य सामने नहीं आए हैं — ऐसे में 'आतंकवादी' जैसे शब्दों का प्रयोग जाँच से पहले राजनयिक दबाव का रूप ले सकता है, जिसकी अपनी जटिलताएँ हैं।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैप्टन स्मित कौन हैं और उन्होंने क्या किया?
कैप्टन स्मित एक भारतीय पायलट हैं जिन्होंने एक उड़ान के दौरान कथित हाईजैक की कोशिश को नाकाम किया। हाथों और गर्दन पर गंभीर चोटें लगने के बावजूद वह रेंगते हुए कॉकपिट तक पहुँचे, दरवाज़ा खोला और इजरायली यात्रियों को हमलावर पर काबू पाने का मौका दिया।
मुंबई में बिलबोर्ड अभियान क्यों शुरू किया गया?
इजरायल के महावाणिज्यदूत याविन रेवाच ने बताया कि इजरायल सरकार और वहाँ के नागरिकों की ओर से कैप्टन स्मित की असाधारण बहादुरी के प्रति व्यक्तिगत कृतज्ञता जताना ज़रूरी था। इसीलिए मुंबई में अलग-अलग स्थानों पर जन-जागरूकता अभियान के तहत यह बिलबोर्ड लगाए गए।
कैप्टन स्मित के लिए किस सम्मान की माँग की गई है?
इजरायली महावाणिज्यदूत याविन रेवाच ने माँग की है कि भारत सरकार कैप्टन स्मित को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान करे। उन्होंने कहा कि पहले कैप्टन के पूर्ण स्वास्थ्य लाभ पर ध्यान दिया जाना चाहिए, उसके बाद यह सम्मान दिया जाना उचित होगा।
कथित हमलावर के बारे में अब तक क्या पता है?
हमलावर को एक ओमानी पायलट बताया जा रहा है जिस पर कथित तौर पर विमान हाईजैक कर उसे क्रैश करने की कोशिश का आरोप है। इजरायली महावाणिज्यदूत के अनुसार सामने आए सबूत इस ओर इशारा करते हैं, हालाँकि ओमान और UAE अधिकारी मामले की औपचारिक जाँच कर रहे हैं।
कैप्टन स्मित की वर्तमान स्थिति क्या है?
कैप्टन स्मित का उपचार अभी जारी है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इजरायल ने उम्मीद जताई है कि वह जल्द पूरी तरह स्वस्थ होकर भारत लौटेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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