नेपाली सीमा पार शॉपिंग: 63.9% एक-दिवसीय विदेश यात्राएं सिर्फ खरीदारी के लिए, NSO सर्वे में खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल के नेशनल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (NSO) के ताज़ा सर्वे में सामने आया है कि नेपाली नागरिकों की विदेश यात्राओं की सबसे बड़ी वजह सीमा पार खरीदारी है — और इसका सबसे बड़ा केंद्र नेपाल-भारत सीमा है। 16 अक्टूबर 2024 से 15 अक्टूबर 2025 के बीच किए गए इस सर्वे के अनुसार, नेपाली लोगों ने इस अवधि में विदेशों की 41 लाख से अधिक यात्राएं कीं, जिनमें से 35 लाख एक ही दिन में लौट आने वाली यात्राएं थीं।
सर्वे के मुख्य निष्कर्ष
गुरुवार, 3 जुलाई 2025 को जारी 'डोमेस्टिक टूरिज्म सर्वे 2025' रिपोर्ट के अनुसार, एक-दिवसीय विदेश यात्राओं में 63.9 प्रतिशत यात्राएं केवल खरीदारी के उद्देश्य से की गईं। इसके अलावा, इन यात्राओं पर होने वाले कुल खर्च का 70.7 प्रतिशत हिस्सा खरीदारी पर ही व्यय हुआ। रात रुककर की जाने वाली यात्राओं की संख्या 6.22 लाख रही।
रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि विदेश जाने वाली एक-दिवसीय यात्राओं में भारत सबसे लोकप्रिय गंतव्य रहा, जो दोनों देशों के बीच खुली सीमा और मजबूत सामाजिक-आर्थिक संबंधों को दर्शाता है।
मधेश और लुंबिनी प्रांत सबसे आगे
नेपाल के सातों प्रांतों में मधेश प्रांत से सर्वाधिक एक-दिवसीय विदेश यात्राएं दर्ज की गईं, जबकि लुंबिनी प्रांत से सबसे अधिक रात रुककर की जाने वाली विदेश यात्राएं हुईं। ये दोनों प्रांत भारतीय सीमा से सटे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इन क्षेत्रों के निवासी खरीदारी, व्यापार, धार्मिक कार्यों और रिश्तेदारों से मिलने के लिए बड़ी संख्या में भारत आते-जाते हैं।
विशेष रूप से मधेश और लुंबिनी में खरीदारी पर खर्च का अनुपात सबसे अधिक रहा, जो नेपाल-भारत सीमा पर होने वाली व्यापक क्रॉस-बॉर्डर शॉपिंग गतिविधि को रेखांकित करता है।
नेपाल-भारत संबंध और खुली सीमा की भूमिका
नेपाल और भारत के बीच खुली सीमा है और दोनों देशों के संबंधों को परंपरागत रूप से 'रोटी-बेटी' का रिश्ता कहा जाता है, जो गहरे सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाता है। सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नेपाली नागरिक अक्सर भारत के निकटवर्ती शहरों से रोजमर्रा की वस्तुएं कम कीमत पर खरीदते हैं।
यह ऐसे समय में और प्रासंगिक हो जाता है जब प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की सरकार ने भारत से 100 नेपाली रुपये (NPR) से अधिक मूल्य का सामान लाने पर सीमा शुल्क लगाने की कोशिश की थी। इस फैसले का सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासियों और भारतीय व्यापारियों ने जोरदार विरोध किया। बाद में नेपाल के सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद यह निर्णय फिलहाल स्थगित कर दिया गया।
यात्राओं का मौसमी रुझान
सर्वे के अनुसार, नेपाली नागरिकों की विदेश यात्राएं नवंबर से जनवरी के बीच सर्वाधिक होती हैं। इस अवधि में 50.2 प्रतिशत एक-दिवसीय और 32.7 प्रतिशत रात रुककर की जाने वाली यात्राएं दर्ज की गईं। रिपोर्ट के मुताबिक, त्योहारी सीज़न और अनुकूल मौसम इसकी प्रमुख वजह हो सकती है।
रात रुकने वाली यात्राओं के कारण
रात रुककर की जाने वाली 6.22 लाख विदेश यात्राओं में सबसे बड़ी वजह दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलना (40.3 प्रतिशत) रही। इसके बाद चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए यात्रा (19.6 प्रतिशत) और धार्मिक कारणों से यात्रा (19.6 प्रतिशत) का स्थान रहा। यह आंकड़ा दर्शाता है कि नेपाली नागरिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी भारत पर उल्लेखनीय रूप से निर्भर हैं।
NSO के इस सर्वे के निष्कर्ष नेपाल की व्यापार नीति और सीमा शुल्क संरचना पर भविष्य में होने वाली बहस को नई दिशा दे सकते हैं।