वीजा उल्लंघन पर नेपाल की सख्त कार्रवाई: 88 चीनी नागरिकों की वापसी शुरू, 329 और की जाँच
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल के आव्रजन (इमिग्रेशन) विभाग ने 24 सितंबर 2026 को 88 चीनी नागरिकों को देश से वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन नागरिकों ने बिजनेस वीजा पर नेपाल में प्रवेश किया था, लेकिन वे सिंधुली जिले की एक मांस प्रसंस्करण (मीट प्रोसेसिंग) इकाई में ऐसे कार्यों में संलग्न पाए गए जो उनके वीजा की शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन था। यह कार्रवाई उस समय सामने आई है जब नेपाल में चीनी नागरिकों से जुड़े आव्रजन उल्लंघन के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
मामले का पूरा घटनाक्रम
विभाग के प्रवक्ता टिकाराम ढकाल ने बुधवार शाम जारी एक आधिकारिक प्रेस बयान में बताया कि ये 88 नागरिक जियान फूड्स प्राइवेट लिमिटेड में कार्यरत पाए गए। यह कंपनी चेंगदू तियान फूड लिमिटेड की वित्तीय साझेदारी में सिंधुली जिले की मारिनी ग्रामीण नगर पालिका में चीन को नेपाल के हीट प्रोसेस्ड भैंस के मांस के निर्यात का प्रोजेक्ट विकसित कर रही है।
इन सभी नागरिकों ने अन्य व्यावसायिक उद्देश्यों — जैसे रेस्तरां या सॉफ्टवेयर कंपनियाँ खोलने — के नाम पर बिजनेस वीजा प्राप्त किया था। लेकिन वे उसी मांस प्रसंस्करण इकाई में काम करते और रहते हुए पाए गए जो उनके वीजा की मंजूरी के दायरे से पूरी तरह बाहर था।
सरकार की कार्रवाई और प्रतिबंध
ढकाल ने कहा, "उनके वीजा रद्द कर दिए गए हैं और हम उन्हें नेपाल से वापस भेजने की प्रक्रिया में हैं। उन्हें तीन साल तक नेपाल में प्रवेश करने से रोक दिया जाएगा।"
विभाग ने बताया कि निगरानी के दौरान इस चीनी निवेश वाले प्रोजेक्ट में कुल 501 चीनी नागरिक पाए गए। इनमें से 329 नागरिक टूरिस्ट वीजा पर नेपाल आए थे और उनकी यात्रा इतिहास, रुकने की अवधि तथा गतिविधियों की जाँच की जा रही है। ढकाल ने संकेत दिया कि जाँच पूरी होने के बाद और अधिक नागरिकों को वापस भेजा जा सकता है।
शिकायत की शुरुआत और स्थानीय प्रभाव
सिंधुली के जिला प्रशासन कार्यालय ने सबसे पहले अधिकारियों को सूचित किया था कि मांस प्रसंस्करण उद्योग में बड़ी संख्या में चीनी नागरिक अवैध रूप से रह रहे हैं। ढकाल ने यह भी बताया कि इन नागरिकों के विरुद्ध शिकायतें थीं कि वे ऐसी गतिविधियों में संलग्न थे जिनसे स्थानीय पर्यावरण और संस्कृति पर नकारात्मक असर पड़ रहा था।
यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल के स्थानीय समुदाय और प्रशासन विदेशी निवेश के नाम पर होने वाले अनियमित श्रम के मुद्दे को लेकर अधिक सजग हो रहे हैं।
कंपनी के विरुद्ध कार्रवाई और कानूनी ढाँचा
ढकाल ने कहा, "हमने कंपनी को भी चेतावनी दी है। चूँकि यह अपनी तरह की पहली घटना है, इसलिए कंपनी के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए — जिसमें चेतावनी या निर्देश जारी करना शामिल है — इस पर बातचीत चल रही है।"
इमिग्रेशन नियम, 1994 के अनुसार, बिजनेस वीजा धारक विदेशी नागरिकों को नेपाल में केवल उसी उद्देश्य के लिए रहना होता है जिसके लिए वीजा जारी किया गया था। नौकरी, मजदूरी या किसी अन्य असंबद्ध कार्य के लिए वीजा का उपयोग प्रतिबंधित है।
पाँच वर्षों का आँकड़ा: चीनी नागरिक सबसे आगे
आव्रजन विभाग के आँकड़ों के अनुसार, 2021 से 2025 के बीच नेपाल ने आव्रजन कानूनों का उल्लंघन करने वाले 695 चीनी नागरिकों को देश से बाहर भेजा — यह किसी एक राष्ट्रीयता के लिए सर्वाधिक संख्या थी। इन पाँच वर्षों में कुल 2,267 विदेशी नागरिकों को निर्वासित किया गया, जिनमें चीनी नागरिकों की हिस्सेदारी 30.65 प्रतिशत रही। गौरतलब है कि यह तीसरी बड़ी ऐसी कार्रवाई है जो नेपाल ने चीनी नागरिकों की आव्रजन अनियमितताओं के खिलाफ की है।
आव्रजन विभाग ने सभी विदेशी नागरिकों से अपील की है कि वे केवल अपने वीजा की शर्तों के अंतर्गत ही काम करें, और नियोक्ताओं को भी उचित मंजूरी के बिना विदेशी नागरिकों को नियुक्त न करने की हिदायत दी है। जाँच के पूरा होने के बाद 329 टूरिस्ट वीजा धारकों के संदर्भ में अगला निर्णय सामने आने की उम्मीद है।