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नेपाल से 2021–2025 के बीच सर्वाधिक चीनी नागरिक निर्वासित, 5 वर्षों में 695 डिपोर्ट

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नेपाल से 2021–2025 के बीच सर्वाधिक चीनी नागरिक निर्वासित, 5 वर्षों में 695 डिपोर्ट

सारांश

नेपाल के आव्रजन विभाग के ताज़ा आँकड़े चौंकाने वाले हैं — 2021 से 2025 के बीच निर्वासित 2,267 विदेशी नागरिकों में से 695 चीनी नागरिक थे। अकेले 2023 में यह संख्या कुल निर्वासितों की 46% थी, जो नेपाल-चीन संबंधों के बीच आव्रजन अनुपालन पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

मुख्य बातें

नेपाल के अध्यागमन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 2021–2025 के बीच 695 चीनी नागरिकों को सर्वाधिक निर्वासित किया गया।
पाँच वर्षों में कुल 2,267 विदेशी नागरिक नेपाल से डिपोर्ट किए गए; दूसरे स्थान पर 191 अमेरिकी , तीसरे पर 145 बांग्लादेशी नागरिक।
2023 में अकेले 209 चीनी नागरिक निर्वासित — उस वर्ष के कुल निर्वासितों का 46 प्रतिशत ।
2025 में 523 विदेशी नागरिक डिपोर्ट, जो पाँच वर्षीय वार्षिक औसत 453 से 15% अधिक।
विभाग FNMIS और नेपालीपोर्ट प्रणाली से विदेशी नागरिकों की गतिविधियों पर निगरानी रख रहा है।

नेपाल के अध्यागमन विभाग (आव्रजन विभाग) की नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 2021 से 2025 के बीच 695 चीनी नागरिकों को आव्रजन नियमों के उल्लंघन के कारण देश से निर्वासित किया गया — जो इस अवधि में नेपाल से डिपोर्ट किए गए किसी भी एकल देश के नागरिकों की सबसे बड़ी संख्या है। पाँच वर्षों में नेपाल ने कुल 2,267 विदेशी नागरिकों को निर्वासित किया, जिनमें चीनी नागरिकों की हिस्सेदारी सर्वाधिक रही।

देशवार निर्वासन के आँकड़े

निर्वासन सूची में दूसरे स्थान पर अमेरिकी नागरिक रहे, जिनकी संख्या 191 थी। तीसरे स्थान पर बांग्लादेश के 145 नागरिक रहे। चौथे और पाँचवें स्थान पर क्रमशः यूके और पाकिस्तान के नागरिक रहे। विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, ये सभी व्यक्ति वीज़ा शर्तों के उल्लंघन, गैर-कानूनी गतिविधियों या आव्रजन नियमों की अनदेखी के दोषी पाए गए।

वार्षिक रुझान और उतार-चढ़ाव

आव्रजन आँकड़ों के अनुसार, 2021 में सबसे कम 218 विदेशी नागरिकों को निर्वासित किया गया, जबकि 2022 में यह संख्या सर्वाधिक 570 तक पहुँच गई। 2025 में 523 विदेशी नागरिकों को देश से बाहर किया गया, जो पाँच वर्षों के वार्षिक औसत 453 से लगभग 15 प्रतिशत अधिक है।

गौरतलब है कि 2023 में चीनी नागरिकों का डिपोर्टेशन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा — अकेले उस वर्ष 209 चीनी नागरिकों को निर्वासित किया गया, जो 2023 में नेपाल से निकाले गए सभी विदेशी नागरिकों का 46 प्रतिशत था। इसी तरह, 2025 में निर्वासित 523 विदेशी नागरिकों में से 120 चीनी नागरिक थे, जो उस वर्ष के कुल निर्वासितों का 22.94 प्रतिशत बनता है।

विभाग की प्रतिक्रिया और निगरानी तंत्र

अध्यागमन विभाग ने अपनी रिपोर्ट में कहा, "ये आँकड़े दर्शाते हैं कि कुछ देशों के नागरिक किस कदर आव्रजन कानून का उल्लंघन करते हैं। इससे स्पष्ट है कि हमें नेपाल आने वाले विदेशी नागरिकों पर लगातार और पैनी नज़र बनाए रखनी होगी।"

विभाग ने यह भी बताया कि वह फॉरेन नेशनल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (FNMIS) और 'नेपालीपोर्ट' प्लेटफॉर्म के माध्यम से विदेशी नागरिकों की गतिविधियों पर निगरानी रख रहा है। विभाग के अनुसार, इन तकनीकी उपकरणों से आने वाले समय में वीज़ा नियमों के दुरुपयोग पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।

निर्वासन की प्रक्रिया

अध्यागमन विभाग के अनुसार, आव्रजन कानूनों का उल्लंघन करने, वीज़ा शर्तें तोड़ने या गैर-कानूनी गतिविधियों में संलिप्त पाए गए विदेशी नागरिकों से पहले नियमानुसार जुर्माना वसूला जाता है और उसके बाद उन्हें देश से बाहर कर दिया जाता है। यह प्रक्रिया नेपाल के प्रचलित आव्रजन कानूनों के तहत संचालित होती है।

आगे की राह

बढ़ते निर्वासन आँकड़ों के बीच नेपाल का अध्यागमन विभाग अपनी निगरानी प्रणाली को और सुदृढ़ करने की दिशा में काम कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में विदेशी नागरिकों की आवाजाही और उनकी गतिविधियों को लेकर नीति-स्तर पर बहस तेज़ हो रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ आर्थिक निवेश और राजनयिक निकटता के बावजूद आव्रजन अनुपालन की चुनौती गहरी है। 2023 में 46% और 2025 में 23% हिस्सेदारी यह संकेत देती है कि समस्या किसी एक वर्ष की नहीं, बल्कि संरचनागत है। FNMIS जैसी तकनीकी प्रणालियाँ तब तक प्रभावी नहीं होंगी जब तक द्विपक्षीय स्तर पर वीज़ा अनुपालन को लेकर ठोस जवाबदेही तय नहीं की जाती।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल ने 2021 से 2025 के बीच कितने चीनी नागरिकों को निर्वासित किया?
नेपाल के अध्यागमन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 2021 से 2025 के बीच 695 चीनी नागरिकों को निर्वासित किया गया, जो इस अवधि में किसी भी एकल देश के सर्वाधिक निर्वासित नागरिक हैं। पाँच वर्षों में कुल 2,267 विदेशी नागरिक नेपाल से डिपोर्ट किए गए।
नेपाल से विदेशी नागरिकों को क्यों निर्वासित किया जाता है?
अध्यागमन विभाग के अनुसार, वीज़ा शर्तों का उल्लंघन, आव्रजन नियमों की अनदेखी और गैर-कानूनी गतिविधियों में संलिप्तता निर्वासन के प्रमुख कारण हैं। विभाग पहले जुर्माना वसूलता है और उसके बाद संबंधित नागरिक को देश से बाहर कर देता है।
निर्वासन सूची में चीन के बाद कौन-से देश हैं?
2021–2025 के बीच निर्वासन सूची में दूसरे स्थान पर 191 अमेरिकी नागरिक, तीसरे पर 145 बांग्लादेशी नागरिक रहे। चौथे और पाँचवें स्थान पर क्रमशः यूके और पाकिस्तान के नागरिक रहे।
नेपाल में विदेशी नागरिकों पर निगरानी कैसे रखी जाती है?
नेपाल का अध्यागमन विभाग फॉरेन नेशनल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (FNMIS) और 'नेपालीपोर्ट' डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिए विदेशी नागरिकों की गतिविधियों पर नज़र रखता है। विभाग का कहना है कि इन प्रणालियों से वीज़ा नियमों के दुरुपयोग को रोकने में मदद मिलेगी।
किस वर्ष नेपाल से सबसे अधिक विदेशी नागरिक निर्वासित हुए?
अध्यागमन विभाग के अनुसार, 2022 में सर्वाधिक 570 विदेशी नागरिकों को निर्वासित किया गया, जबकि 2021 में सबसे कम 218 लोगों को निर्वासित किया गया। 2025 में 523 निर्वासन दर्ज हुए, जो पाँच वर्षीय वार्षिक औसत 453 से 15 प्रतिशत अधिक है।
राष्ट्र प्रेस
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