नॉर्वे के क्रोकस्टाडेल्वा में 100 साल की सबसे भीषण आग: 100 घर राख, 400 लोग बेघर
सारांश
मुख्य बातें
नॉर्वे के ड्रामेन शहर के निकट क्रोकस्टाडेल्वा इलाके में शुक्रवार, 18 जुलाई को भड़की विनाशकारी आग ने 100 से अधिक घरों को पूरी तरह नष्ट कर दिया और करीब 400 लोगों को बेघर कर दिया। अधिकारियों ने इसे '100 वर्षों में नॉर्वे की सबसे बड़ी आग' करार दिया है। सोमवार को भी आग पूरी तरह नहीं बुझ पाई थी और इलाके से धुआँ उठता रहा।
आग कैसे और कब भड़की
पुलिस के अनुसार, आग शुक्रवार दोपहर करीब 3:39 बजे क्रोकस्टाडेल्वा के एक रो-हाउस परिसर में शुरू हुई। देखते-ही-देखते लपटें इतनी तेज़ी से फैलीं कि रात 9 बजे तक 100 से अधिक घर क्षतिग्रस्त या पूरी तरह राख हो चुके थे। स्थानीय अखबार ड्रामेंस टिडेंडे से बातचीत में पुलिस ने बताया कि शुरुआती जाँच में आग का कारण दुर्घटना या स्पॉन्टेनियस कम्बशन (स्वतःस्फूर्त दहन) हो सकता है — हालाँकि अभी जाँच जारी है।
इस आग की विभीषिका का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि स्थानीय फायर चीफ टोरगेर एंडरसन का अपना घर भी जलकर खाक हो गया।
राहत एवं बचाव अभियान
नॉर्वे के दक्षिण-पूर्वी पुलिस जिले के संचालन प्रबंधक स्टॉले फुगलास ने बताया कि आग बुझाने का अभियान करीब 10 दिन और चलने की संभावना है। उन्होंने कहा, 'यह इलाके में एक लंबे समय तक चलने वाला अभियान है। इससे पता चलता है कि वहाँ कितनी गर्मी बनी हुई है।'
अग्निशमन विभाग ने एहतियात के तौर पर इलाके में पानी के स्प्रिंकलर लगाए हैं और दमकल कर्मी, ड्रोन तथा हेलीकॉप्टर लगातार निगरानी कर रहे हैं। नगर प्रशासन और आपातकालीन सेवाएँ पीड़ितों की सुरक्षित वापसी की योजना पर काम कर रही हैं और उनका सामान निकालने में मदद का आश्वासन दिया गया है।
स्थिति अभी भी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं
अग्निशमन कर्मी एरिक स्मिड्स्रॉड ने स्पष्ट किया कि स्थिति अभी भी पूरी तरह काबू में नहीं है। उनके शब्दों में, 'मैं यह नहीं कहूँगा कि हमने आग पर काबू पा लिया है। अभी यह कहना जल्दबाज़ी होगी। लेकिन स्थिति पहले से बेहतर दिख रही है।'
गौरतलब है कि नॉर्वे जैसे ठंडे और नम जलवायु वाले देश में इस पैमाने की आग असाधारण मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के वर्षों में यूरोप में बढ़ती गर्मी और शुष्क मौसम की स्थितियाँ ऐसी घटनाओं की आशंका को बढ़ा रही हैं।
आगे क्या होगा
अधिकारियों के अनुसार, आग की जाँच जारी है और अंतिम कारण स्थापित होने में समय लगेगा। 400 विस्थापित लोगों को अस्थायी आश्रयों में रखा गया है। नगर प्रशासन ने संकेत दिया है कि पुनर्निर्माण और पुनर्वास की योजना शीघ्र ही तैयार की जाएगी। आने वाले दिनों में क्षेत्र में निगरानी बनाए रखी जाएगी और प्रभावित परिवारों को उनके घरों तक नियंत्रित पहुँच दी जाएगी।