21 अगस्त 2026
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नॉर्वे ने अमेरिकी टैरिफ पर जताया कड़ा विरोध, वॉशिंगटन में डिप्टी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव से हुई अहम बैठक

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नॉर्वे ने अमेरिकी टैरिफ पर जताया कड़ा विरोध, वॉशिंगटन में डिप्टी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव से हुई अहम बैठक

सारांश

नॉर्वे ने वॉशिंगटन में अमेरिकी डिप्टी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव से मुलाकात कर 24 जुलाई को 60 देशों पर लगाए गए एकतरफा टैरिफ का कड़ा विरोध जताया। विदेश मंत्री ईडे ने साफ कहा — कोई भी समझौता नॉर्वे की शर्तों पर होगा, किसी भी कीमत पर नहीं।

मुख्य बातें

नॉर्वे के राज्य सचिव एंड्रियास मोट्जफेल्ट क्राविक ने वॉशिंगटन में अमेरिकी डिप्टी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेफ गोटमैन से मुलाकात की।
अमेरिका ने 24 जुलाई को नॉर्वे सहित 60 देशों पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा की थी।
नॉर्वे ने सेक्शन 301 ओवरकैपेसिटी जांच — जिसमें 14 अन्य देश भी शामिल हैं — के आधार पर भी सवाल उठाए।
विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ ईडे ने कहा कि नॉर्वे किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा।
क्राविक ने एक्स पर पोस्ट कर आगे भी बातचीत जारी रखने की उम्मीद जताई।

नॉर्वे के विदेश मंत्रालय ने 21 अगस्त 2026 को पुष्टि की कि वॉशिंगटन में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक के दौरान नॉर्वे ने अमेरिकी टैरिफ नीति के प्रति अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। नॉर्वे के राज्य सचिव एंड्रियास मोट्जफेल्ट क्राविक ने अमेरिका के डिप्टी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेफ गोटमैन से मुलाकात की, जिसमें टैरिफ और वैश्विक औद्योगिक उत्पादन क्षमता को लेकर अमेरिका की जांच पर विस्तार से चर्चा हुई।

विवाद की जड़: 24 जुलाई की टैरिफ घोषणा

अमेरिका ने 24 जुलाई को नॉर्वे और यूरोपीय संघ (EU) सहित 60 व्यापारिक साझेदार देशों पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। अमेरिकी पक्ष का तर्क था कि इन देशों में जबरन मजदूरी से निर्मित उत्पादों के आयात पर पर्याप्त प्रतिबंध नहीं हैं। यह घोषणा उन देशों के लिए भी अनिश्चितता का कारण बनी जिन्होंने पहले ही वॉशिंगटन के साथ व्यापारिक समझौते कर रखे हैं।

नॉर्वे का स्पष्ट रुख

नॉर्वे के विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ ईडे ने बैठक के बाद जारी बयान में कहा, 'हम अमेरिका की ओर से एकतरफा तरीके से टैरिफ लगाने और इसके पीछे दी गई दलीलों से पूरी तरह असहमत हैं।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि क्राविक ने बैठक में इस बात पर जोर दिया कि नॉर्वे के साथ यूरोपीय संघ से अलग व्यवहार करने का कोई आधार नहीं है।

ईडे ने यह भी रेखांकित किया कि अमेरिका की मौजूदा टैरिफ नीति उन देशों के लिए भी अनिश्चितता उत्पन्न कर रही है जो पहले से ही वॉशिंगटन के साथ व्यापारिक करार कर चुके हैं — यह एक व्यापक चिंता है जो केवल नॉर्वे तक सीमित नहीं।

ओवरकैपेसिटी जांच पर सवाल

बैठक में क्राविक ने अमेरिका की सेक्शन 301 ओवरकैपेसिटी जांच के आधार पर भी सवाल उठाए। इस जांच में नॉर्वे, यूरोपीय संघ और 14 अन्य देशों को शामिल किया गया है। यह जांच वैश्विक औद्योगिक उत्पादन क्षमता के संदर्भ में अमेरिकी व्यापार हितों की रक्षा के नाम पर शुरू की गई है, जिसे आलोचक एकतरफा संरक्षणवाद करार दे रहे हैं।

व्यापार समझौते की संभावना और नॉर्वे की शर्त

बैठक में नॉर्वे और अमेरिका के बीच संभावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर भी विचार-विमर्श हुआ। हालांकि, ईडे ने साफ कहा, 'कोई भी समझौता नॉर्वे के हित में होना चाहिए। हम किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेंगे।' यह बयान संकेत देता है कि ओस्लो किसी भी करार के लिए अपनी शर्तों पर अड़ा रहेगा।

राज्य सचिव का एक्स पर संदेश

बैठक के बाद क्राविक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेफ्री गोटमैन के साथ रचनात्मक बैठक हुई। हमने नॉर्वे और अमेरिका के बीच लंबे समय से चले आ रहे व्यापारिक संबंधों पर चर्चा की। मैंने नॉर्वे के खिलाफ सेक्शन 301 जांचों को लेकर अपने देश के कड़े विरोध को दोहराया। मैं इस मुद्दे पर आगे भी बातचीत जारी रखने की उम्मीद करता हूं।' यह पोस्ट संकेत देती है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत का सिलसिला जारी रहेगा, भले ही मतभेद गहरे हों।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह वैश्विक व्यापार व्यवस्था की बुनियाद पर सवाल उठाता है। नॉर्वे का EU से अलग व्यवहार न किए जाने का आग्रह इस बात का संकेत है कि छोटे देश अब व्यक्तिगत सौदेबाजी की जगह सामूहिक मोर्चेबंदी को तरजीह दे रहे हैं। असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह 'रचनात्मक बैठक' ठोस परिणाम देती है, या अमेरिकी टैरिफ दबाव के सामने ओस्लो की 'किसी भी कीमत पर नहीं' वाली भाषा टिक पाती है।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नॉर्वे और अमेरिका के बीच टैरिफ विवाद क्या है?
अमेरिका ने 24 जुलाई 2026 को नॉर्वे सहित 60 देशों पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा की, जिसे नॉर्वे ने एकतरफा और अनुचित बताया है। नॉर्वे का कहना है कि उसके साथ यूरोपीय संघ से अलग व्यवहार करने का कोई आधार नहीं है।
वॉशिंगटन में बैठक में क्या हुआ?
नॉर्वे के राज्य सचिव एंड्रियास मोट्जफेल्ट क्राविक ने अमेरिकी डिप्टी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेफ गोटमैन से मुलाकात की, जिसमें टैरिफ, सेक्शन 301 ओवरकैपेसिटी जांच और संभावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर चर्चा हुई। नॉर्वे ने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
अमेरिका की सेक्शन 301 ओवरकैपेसिटी जांच क्या है?
यह अमेरिका की ओर से शुरू की गई एक व्यापार जांच है जो वैश्विक औद्योगिक उत्पादन क्षमता के संदर्भ में अमेरिकी हितों की रक्षा के नाम पर की जा रही है। इसमें नॉर्वे, यूरोपीय संघ और 14 अन्य देशों को शामिल किया गया है।
नॉर्वे के विदेश मंत्री ने समझौते पर क्या कहा?
विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ ईडे ने स्पष्ट कहा कि कोई भी व्यापार समझौता नॉर्वे के हित में होना चाहिए और नॉर्वे किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी टैरिफ नीति उन देशों के लिए भी अनिश्चितता पैदा कर रही है जो पहले से वॉशिंगटन के साथ करार कर चुके हैं।
आगे क्या होने की संभावना है?
क्राविक ने एक्स पर पोस्ट कर संकेत दिया कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी रहेगी। हालांकि, नॉर्वे के कड़े रुख और अमेरिका की व्यापक टैरिफ नीति के बीच निकट भविष्य में किसी ठोस समझौते की संभावना अभी अनिश्चित बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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