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पहलगाम हमले की याद: कैपिटल हिल पर भारत ने किया ऐतिहासिक प्रदर्शनी का आयोजन

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पहलगाम हमले की याद: कैपिटल हिल पर भारत ने किया ऐतिहासिक प्रदर्शनी का आयोजन

सारांश

पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर वॉशिंगटन के कैपिटल हिल में भारतीय दूतावास ने ऐतिहासिक प्रदर्शनी आयोजित की। 19 अमेरिकी सांसदों और 60 से अधिक कांग्रेस कार्यालयों की भागीदारी रही। राजदूत विनय क्वात्रा ने कहा — भारत आतंक के आगे कभी नहीं झुकेगा।

मुख्य बातें

22 अप्रैल 2025 को कैपिटल हिल, वॉशिंगटन में भारतीय दूतावास ने पहलगाम हमले की पहली बरसी पर ऐतिहासिक प्रदर्शनी आयोजित की।
पहलगाम आतंकी हमले में जम्मू-कश्मीर में 26 निर्दोष नागरिक मारे गए थे।
अमेरिकी कांग्रेस के दोनों दलों के 19 सांसद और 60 से अधिक कांग्रेस कार्यालयों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
राजदूत विनय क्वात्रा ने कहा — भारत किसी भी आतंक के आगे कभी नहीं झुकेगा — PM नरेंद्र मोदी के संदेश को दोहराया।
प्रदर्शनी में इंटरैक्टिव डिस्प्ले, वीडियो और व्यक्तिगत अनुभवों के जरिए आतंकवाद के दीर्घकालिक मानवीय प्रभाव दर्शाए गए।
आतंकवाद-रोधी सहयोग भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी का केंद्रीय स्तंभ बना हुआ है और यह आयोजन उसे और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

वॉशिंगटन, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर अमेरिका के कैपिटल हिल स्थित कैनन कॉकस कक्ष में भारतीय दूतावास ने 22 अप्रैल 2025 को एक भावपूर्ण और ऐतिहासिक प्रदर्शनी का आयोजन किया। इस आयोजन में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए उस क्रूर हमले को याद किया गया, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी। यह कार्यक्रम कैपिटल हिल पर भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित अब तक के सबसे बड़े कार्यक्रमों में से एक माना जा रहा है।

कार्यक्रम में किसने लिया भाग

इस प्रदर्शनी में अमेरिकी कांग्रेस के दोनों प्रमुख दलों — डेमोक्रेट और रिपब्लिकन — के 19 सांसद शामिल हुए। इसके अलावा 60 से अधिक कांग्रेस कार्यालयों के प्रतिनिधियों ने भी भागीदारी की।

विदेशी मामलों, खुफिया, सशस्त्र सेवाएं, न्यायपालिका और होमलैंड सिक्योरिटी जैसी महत्वपूर्ण समितियों से जुड़े सांसद इस अवसर पर उपस्थित रहे। अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय मूल के प्रवासी, छात्र, मीडिया प्रतिनिधि और थिंक टैंक से जुड़े विशेषज्ञ भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे।

प्रदर्शनी की विशेषताएं

इस प्रदर्शनी में इंटरैक्टिव डिस्प्ले, वीडियो और व्यक्तिगत अनुभवों के माध्यम से आतंकवाद के दीर्घकालिक प्रभावों को उजागर किया गया। इसमें दर्शाया गया कि किस प्रकार आतंकी हिंसा व्यक्तियों, परिवारों और पूरे समाज को गहरे जख्म देती है।

यह आयोजन महज एक श्रद्धांजलि समारोह नहीं था, बल्कि भारतीय दूतावास ने इसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए आतंकवाद के विरुद्ध और अधिक प्रभावी कदम उठाने के आह्वान के रूप में प्रस्तुत किया।

राजदूत विनय क्वात्रा का संबोधन

अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने अपने संबोधन में आतंकवाद के खिलाफ भारत की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश को उद्धृत करते हुए कहा, भारत किसी भी प्रकार के आतंक के आगे कभी नहीं झुकेगा।

उनका यह बयान उस समय आया जब भारत वैश्विक मंच पर लगातार आतंकवाद के वित्तपोषण और सुरक्षित पनाहगाहों के खिलाफ ठोस अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग करता रहा है।

भारत-अमेरिका आतंकवाद-रोधी साझेदारी

अमेरिकी सांसदों ने इस अवसर पर भारत के प्रति मजबूत एकजुटता व्यक्त की और भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को आतंकवाद के खिलाफ और सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। दोनों दलों के सांसदों की सहभागिता ने यह स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई किसी एक दल या विचारधारा तक सीमित नहीं है।

गौरतलब है कि आतंकवाद-रोधी सहयोग पिछले कई वर्षों से भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों का एक केंद्रीय स्तंभ रहा है। 9/11 के बाद से दोनों देशों ने खुफिया साझाकरण, वित्तीय निगरानी और आतंकी नेटवर्क के विरुद्ध संयुक्त कार्रवाई में सहयोग को लगातार बढ़ाया है।

व्यापक संदर्भ और आगे की राह

यह प्रदर्शनी ऐसे समय में आयोजित की गई जब दक्षिण एशिया में आतंकवाद का खतरा अभी भी बना हुआ है और वैश्विक समुदाय इस पर एकजुट प्रतिक्रिया की मांग कर रहा है। भारत लंबे समय से यह तर्क देता आया है कि आतंकवाद को मानवता के विरुद्ध अपराध माना जाए।

आने वाले महीनों में भारत-अमेरिका के बीच आतंकवाद-रोधी सहयोग के नए समझौतों और संयुक्त कार्यक्रमों की संभावना और प्रबल हो गई है। यह आयोजन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारत की कूटनीतिक रणनीति का एक सुविचारित कदम है जो दुनिया के सबसे शक्तिशाली विधायी मंच पर आतंकवाद के मानवीय चेहरे को उजागर करता है। दोनों अमेरिकी दलों के सांसदों की भागीदारी यह दर्शाती है कि भारत ने अपने आतंकवाद-विरोधी एजेंडे को अमेरिकी राजनीति में दलगत सीमाओं से परे स्थापित कर लिया है। विडंबना यह है कि जब आतंकी नेटवर्क अभी भी सक्रिय हैं, तब यह प्रदर्शनी उस वैश्विक उदासीनता पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है जो आतंकी पनाहगाहों के खिलाफ ठोस कार्रवाई से बचती रही है। राष्ट्र प्रेस की नजर में यह आयोजन भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को अंतरराष्ट्रीय सहमति में बदलने की दिशा में एक निर्णायक प्रयास है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पहलगाम आतंकी हमला कब और कहां हुआ था?
पहलगाम आतंकी हमला जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ था, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी। यह हमला भारत के सबसे दर्दनाक आतंकी हमलों में से एक माना जाता है।
कैपिटल हिल पर पहलगाम प्रदर्शनी कब और किसने आयोजित की?
यह प्रदर्शनी 22 अप्रैल 2025 को अमेरिका में भारतीय दूतावास द्वारा कैपिटल हिल के कैनन कॉकस कक्ष में आयोजित की गई। इसमें 19 अमेरिकी सांसद और 60 से अधिक कांग्रेस कार्यालयों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा ने कैपिटल हिल कार्यक्रम में क्या कहा?
राजदूत विनय क्वात्रा ने कहा कि भारत किसी भी प्रकार के आतंक के आगे कभी नहीं झुकेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश को दोहराते हुए आतंकवाद के विरुद्ध भारत की अटूट प्रतिबद्धता व्यक्त की।
इस प्रदर्शनी का भारत-अमेरिका संबंधों पर क्या असर पड़ेगा?
इस आयोजन ने भारत-अमेरिका आतंकवाद-रोधी साझेदारी को और मजबूत किया है। दोनों देशों के बीच आने वाले समय में नए सहयोग समझौतों और संयुक्त कार्यक्रमों की संभावना बढ़ गई है।
पहलगाम हमले की बरसी पर अमेरिकी सांसदों ने क्या रुख अपनाया?
अमेरिकी सांसदों ने भारत के प्रति मजबूत एकजुटता व्यक्त की और आतंकवाद से निपटने के लिए समन्वित वैश्विक कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। दोनों दलों की भागीदारी ने इस मुद्दे पर व्यापक द्विदलीय सहमति को दर्शाया।
राष्ट्र प्रेस
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