कराची में जुबैर बलूच पर जानलेवा हमला, सीने-पेट में लगीं कई गोलियां; गैंगस्टर उजैर बलूच का है भाई
सारांश
मुख्य बातें
कराची के ल्यारी इलाके में 2 अगस्त 2026 को गैंगस्टर उजैर बलूच के भाई जुबैर बलूच पर अज्ञात हमलावरों ने गोलियां चलाईं, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के हवाले से स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जुबैर के सीने और पेट में कई गोलियां लगीं और उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया।
हमले का घटनाक्रम
साउथ के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) सैयद असद रजा ने बताया कि जुबैर बलूच चाकीवारा रोड स्थित सिंगू लेन में अपने घर के बाहर बैठे थे, तभी बंदूकधारियों ने उन पर गोलियां चलाईं और मौके से फरार हो गए। इस हमले में दो राहगीर भी घायल हो गए।
पुलिस जांच के कोण
डीआईजी रजा के अनुसार, पुलिस कई एंगल से जांच कर रही है — जिसमें यह भी शामिल है कि क्या यह गोलीबारी गैंग की आपसी दुश्मनी से जुड़ी थी या इसके पीछे राजनीतिक दुश्मनी है। उन्होंने बताया कि जुबैर बलूच को 2012 में सात आपराधिक मामलों में गिरफ्तार किया गया था और 2025 में रिहा किया गया था।
उजैर बलूच का कानूनी पेच
पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2026 में एक एंटी-टेररिज्म कोर्ट (एटीसी) ने पुलिस एनकाउंटर, हत्या और विस्फोटक रखने से जुड़े सात मामलों में उजैर बलूच की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। यह ऐसे समय में आया है जब ल्यारी गैंग वॉर की पृष्ठभूमि वाले इस परिवार पर पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों की नज़र लगातार बनी हुई है।
कराची में बढ़ता अपराध
यह हमला कराची में बढ़ते अपराध की व्यापक तस्वीर के बीच हुआ है। सिटीजन्स-पुलिस लाइजन कमेटी (सीपीएलसी) के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अप्रैल 2026 के दौरान कराची में 611 कारें और 13,346 मोटरसाइकिलें लूटी गईं। इसी अवधि में 5,567 मोबाइल फोन छीने गए, 176 लोग हत्या की अलग-अलग घटनाओं में मारे गए और जबरदस्ती वसूली के 61 मामले दर्ज हुए।
पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, केवल अप्रैल में 22 कारें छीनी गईं और 111 चोरी हुईं, जबकि 469 मोटरसाइकिलें छीनी गईं और 2,723 चोरी हुईं। इसी महीने 1,624 मोबाइल फोन लूटे गए और 42 लोगों की हत्या हुई।
महिला और बाल सुरक्षा पर भी असर
पुलिस की महिला और बाल सुरक्षा सेल के आंकड़ों के अनुसार, इस साल जनवरी से अप्रैल के बीच कराची में कम से कम 388 वयस्कों और 10 नाबालिगों को घरेलू हिंसा, उत्पीड़न और संबंधित अपराधों का सामना करना पड़ा। गौरतलब है कि ल्यारी दशकों से गैंग हिंसा का केंद्र रहा है और इस हमले ने एक बार फिर इस इलाके की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।