पाकिस्तान में मानसून का कहर: मृतकों की संख्या 97 पहुँची, ताज़े हादसों में 11 और जानें गईं
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान में मानसून की विनाशकारी बारिश थमने का नाम नहीं ले रही। नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीएमए) के आँकड़ों के अनुसार, 26 जुलाई 2026 तक देशभर में मानसून से जुड़े हादसों में कुल 97 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें ताज़ा घटनाओं में 11 नई मौतें शामिल हैं और 25 लोग घायल हुए हैं। 26 जून से शुरू हुए इस मानसून सीजन में अब तक 297 लोग घायल हो चुके हैं।
सबसे ज़्यादा प्रभावित प्रांत
एनडीएमए की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वी पंजाब प्रांत सर्वाधिक प्रभावित रहा, जहाँ सात लोगों की मौत हुई और 20 लोग घायल हुए। दक्षिणी सिंध में दो लोगों की जान गई और दो घायल हुए। खैबर पख्तूनख्वा (केपी) तथा गिलगित-बाल्टिस्तान में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई; केपी में तीन लोग घायल भी हुए।
लाहौर और पंजाब में तबाही का मंज़र
स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में पंजाब प्रांत में बारिश से जुड़े हादसों में दो बच्चों समेत कम से कम सात लोगों की मौत हुई और 20 अन्य घायल हुए। लाहौर के गढ़ी शाहू रेलवे कॉलोनी, बॉबी प्लाजा, सग्गियां पिंड और काहना में छत गिरने की चार अलग-अलग घटनाओं में एक पुरुष, एक महिला और एक बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हुई और पाँच अन्य घायल हुए।
कसूर जिले में अड्डा ढिंग शाह के पास एक घर की छत गिरने से एक पुरुष और एक बच्चे की जान गई; एक महिला और दो बच्चों समेत तीन लोग घायल हुए। फैसलाबाद में छत धँसने से एक महिला की मौत हुई, जबकि गुजरांवाला के पठान कॉलोनी के पास खेतों में जमा बारिश के पानी में डूबने से एक बच्चे की जान चली गई।
मौतों के प्रमुख कारण
पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश मौतें डूबने और इमारतों के ढहने से हुई हैं। घायलों में ज़्यादातर लोग छत गिरने और करंट लगने के शिकार हुए हैं। प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (पीडीएमए) के मुताबिक, भारी बारिश से कई घरों को नुकसान पहुँचा और पालतू जानवरों की भी मौत हुई।
संपत्ति और पशुधन को नुकसान
एनडीएमए के आँकड़ों के अनुसार, ताज़ा बारिश के इस दौर में 22 घर क्षतिग्रस्त हुए और 8 पालतू जानवरों की मौत हुई। पूरे मानसून सीजन में अब तक 447 घर नष्ट या क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और 269 पालतू जानवर मारे जा चुके हैं। यह आँकड़ा बताता है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी इस आपदा की गहरी मार पड़ रही है।
प्रशासन की अपील और आगे की स्थिति
एनडीएमए ने विशेष रूप से संवेदनशील इलाकों में रहने वाले नागरिकों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। देश के कई हिस्सों में मानसून की बारिश अभी भी जारी है, और मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। गौरतलब है कि पाकिस्तान 2022 की विनाशकारी बाढ़ के बाद से हर मानसून सीजन में भारी जन-धन हानि झेल रहा है, और आपदा प्रबंधन ढाँचे की सीमाएँ एक बार फिर उजागर हो रही हैं।