बलूचिस्तान के चमन में पोलियो टीम पर हमला, सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के चमन जिले के इशाकजई किला इलाके में 25 मई को अज्ञात हमलावरों ने पोलियो वैक्सीनेशन टीम की सुरक्षा में तैनात एक पुलिसकर्मी पर गोलीबारी की, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस के अनुसार, हमले के दौरान पोलियो टीम के अन्य सदस्य सुरक्षित रहे।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रविवार को अज्ञात हमलावरों ने इशाकजई किला क्षेत्र में पोलियो टीम के साथ तैनात पुलिसकर्मी को निशाना बनाया। घायल पुलिसकर्मी को तत्काल नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हमले के बाद पोलियो टीम को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया और इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया। हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है।
हमलों का बढ़ता सिलसिला
यह घटना अकेली नहीं है — पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान में पोलियो कर्मियों और उनकी सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों पर हमलों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। 18 मई को खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले में अलग-अलग घटनाओं में पोलियो टीमों की सुरक्षा कर रहे कम से कम दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। उस हमले में अज्ञात बंदूकधारियों ने सलारजई के तब्बाई और दाग किला इलाकों में पोलियो दलों को निशाना बनाया था।
इससे पहले 13 अप्रैल को खैबर पख्तूनख्वा के हंगू जिले की थल तहसील में चल रहे पोलियो टीकाकरण अभियान के दौरान पुलिस पार्टी पर हमला हुआ था। हंगू जिला पुलिस के बयान के अनुसार, इस हमले में एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। फरवरी में भी बलूचिस्तान के चमन जिले में ही पोलियो टीम की सुरक्षा में तैनात एक पुलिस अधिकारी की अज्ञात हमलावरों की गोलीबारी में मौत हो गई थी।
पाकिस्तान में पोलियो उन्मूलन की चुनौती
गौरतलब है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान दुनिया के एकमात्र दो देश हैं जहाँ अभी भी वाइल्ड पोलियो वायरस सक्रिय है। पाकिस्तान में विशेष रूप से खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान के आदिवासी और सीमावर्ती इलाकों में पोलियो कर्मचारियों पर हमले एक गंभीर और पुरानी समस्या बन चुके हैं। इन इलाकों में सक्रिय चरमपंथी समूह पोलियो टीकाकरण अभियानों को निशाना बनाते रहे हैं, जिससे वैश्विक पोलियो उन्मूलन प्रयासों को बड़ा झटका लगता है।
सरकार और सुरक्षा की प्रतिक्रिया
पाकिस्तानी अधिकारियों ने हर हमले के बाद सर्च ऑपरेशन और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने की बात कही है, लेकिन आलोचकों का कहना है कि ये उपाय दीर्घकालिक समाधान नहीं हैं। पोलियो कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना टीकाकरण अभियान की सफलता संदिग्ध बनी रहती है।
आगे क्या
चमन जिले में सर्च ऑपरेशन जारी है और अधिकारियों ने हमलावरों की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया है। पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम के तहत आगामी टीकाकरण दौर में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी किए जाने की उम्मीद है।