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पाकिस्तान में गरीबी दर 6 साल में 6.4% बढ़ी, मेनाप क्षेत्र की आधी गरीब आबादी पाकिस्तान में

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पाकिस्तान में गरीबी दर 6 साल में 6.4% बढ़ी, मेनाप क्षेत्र की आधी गरीब आबादी पाकिस्तान में

सारांश

पाकिस्तान में छह साल में गरीबी दर 6.4% बढ़ी — कोविड, 2022 की बाढ़ और आर्थिक संकट के तिहरे झटके का नतीजा। मेनाप क्षेत्र की आधी गरीब आबादी अब पाकिस्तान में है, और 2026 के अंत में अल नीनो की आशंका इस संकट को और गहरा सकती है।

मुख्य बातें

पाकिस्तान में 2018-19 से 2024-25 के बीच गरीबी दर में 6.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
कोविड-19 महामारी , 2022 की बाढ़ और व्यापक आर्थिक संकट प्रमुख कारण।
मेनाप क्षेत्र में $3 प्रतिदिन से कम पर जीवनयापन करने वालों में 48% पाकिस्तान में हैं।
वर्ष 2024 में मेनाप की 14.3% आबादी $3 से कम पर जी रही थी; वैश्विक औसत 10.4% रहा।
पाकिस्तान की जीडीपी वृद्धि दर 2024-25 में 3.2% से बढ़कर 2026-27 में 3.8% तक पहुँचने का अनुमान।
वर्ष 2026 के अंत में मजबूत अल नीनो की आशंका खाद्य कीमतों और गरीबी संकट को और गहरा सकती है।

पाकिस्तान में वर्ष 2018-19 से 2024-25 के बीच $3 प्रतिदिन की गरीबी रेखा के आधार पर गरीबी दर में 6.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। कोविड-19 महामारी, 2022 की विनाशकारी बाढ़ और व्यापक आर्थिक संकट को इसके प्रमुख कारण बताया गया है। 'डॉन' में प्रकाशित एक रिपोर्ट में ये आँकड़े सामने आए हैं।

मेनाप क्षेत्र में पाकिस्तान की हिस्सेदारी

रिपोर्ट के अनुसार, मध्य पूर्व, उत्तरी अफ्रीका और अफगानिस्तान-पाकिस्तान (मेनाप) क्षेत्र की अत्यंत गरीब आबादी में पाकिस्तान की हिस्सेदारी लगभग आधी है। इस क्षेत्र में $3 प्रतिदिन से कम पर जीवनयापन करने वाले लोगों में 48 प्रतिशत पाकिस्तान में रहते हैं, जबकि अफगानिस्तान, सीरिया और यमन की संयुक्त हिस्सेदारी लगभग 47 प्रतिशत है।

गौरतलब है कि मेनाप दुनिया का एकमात्र ऐसा क्षेत्र है जहाँ गरीबी का स्तर महामारी-पूर्व स्तर से ऊपर बना हुआ है और इसमें निरंतर वृद्धि हो रही है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर अधिकांश क्षेत्रों में गरीबी दर महामारी के पहले की स्थिति में लौट चुकी है।

क्षेत्रीय और वैश्विक तुलना

सबसे हालिया अनुमानों के अनुसार, जिबूती, पाकिस्तान, सीरिया और यमन में $3 प्रतिदिन की गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली आबादी का अनुपात 20 प्रतिशत के करीब पहुँच गया है या उससे अधिक हो गया है। वर्ष 2024 में मेनाप क्षेत्र की 14.3 प्रतिशत आबादी $3 प्रतिदिन से कम पर जीवनयापन कर रही थी, जबकि वैश्विक औसत 10.4 प्रतिशत रहा।

इसी तरह, $4.20 प्रतिदिन से कम पर गुजारा करने वाली आबादी का अनुपात मेनाप क्षेत्र में 26.9 प्रतिशत और वैश्विक स्तर पर 18.9 प्रतिशत रहा। ये आँकड़े स्पष्ट करते हैं कि इस क्षेत्र में गरीबी की समस्या वैश्विक औसत से कहीं अधिक गंभीर है।

पाकिस्तान की आर्थिक विकास दर का अनुमान

रिपोर्ट में पाकिस्तान की आर्थिक विकास दर में क्रमिक सुधार का अनुमान जताया गया है। वित्त वर्ष 2024-25 में पाकिस्तान की अनुमानित जीडीपी वृद्धि दर 3.2 प्रतिशत रही, जो वित्त वर्ष 2025-26 में 3.7 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2026-27 में 3.8 प्रतिशत तक पहुँच सकती है।

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पाकिस्तान का चालू खाता घाटा जीडीपी के 0.1 प्रतिशत और राजकोषीय घाटा 2.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। सेवा क्षेत्र को भी आर्थिक वृद्धि के अनुमानों से जोड़ा गया है।

खाद्य असुरक्षा और भविष्य के जोखिम

रिपोर्ट में खाद्य असुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। कब्जे वाले वेस्ट बैंक और गाजा के साथ यमन में खाद्य संकट विशेष रूप से गंभीर बना हुआ है। इसके अलावा अफगानिस्तान, जिबूती, लेबनान और पाकिस्तान में भी खाद्य असुरक्षा का दबाव देखा जा रहा है।

रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि वर्ष 2026 के अंत में सामान्य से अधिक मजबूत अल नीनो मौसमी स्थिति बनने की आशंका खाद्य कीमतों पर दबाव और बढ़ा सकती है, जिससे गरीब और कमजोर तबकों की मुश्किलें और गहरा सकती हैं। महामारी, प्राकृतिक आपदाओं और आर्थिक संकट के संयुक्त प्रभावों ने क्षेत्र में गरीबी की समस्या को बहुस्तरीय बना दिया है — और आने वाले वर्षों में इसके हल होने की राह आसान नहीं दिखती।

संपादकीय दृष्टिकोण

जलवायु आपदा और आर्थिक कुप्रबंधन का शिकार हुआ। चिंताजनक यह है कि जबकि दुनिया के अधिकांश क्षेत्र महामारी-पूर्व गरीबी स्तर पर लौट चुके हैं, मेनाप क्षेत्र — और विशेष रूप से पाकिस्तान — अब भी उस राह पर नहीं है। जीडीपी में 3 प्रतिशत से कम की अनुमानित वृद्धि तब तक गरीबी को सार्थक रूप से कम नहीं कर सकती जब तक सेवा क्षेत्र का लाभ निचले तबके तक न पहुँचे। 2026 के अंत में अल नीनो की आशंका इस संकट को और जटिल बना सकती है, और यह भारत सहित पड़ोसी देशों के लिए भी एक क्षेत्रीय स्थिरता का संकेत है।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पाकिस्तान में गरीबी दर कितनी बढ़ी है?
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में वर्ष 2018-19 से 2024-25 के बीच $3 प्रतिदिन की गरीबी रेखा के आधार पर गरीबी दर में 6.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके पीछे कोविड-19 महामारी, 2022 की बाढ़ और व्यापक आर्थिक संकट प्रमुख कारण बताए गए हैं।
मेनाप क्षेत्र में पाकिस्तान की गरीबी में हिस्सेदारी कितनी है?
रिपोर्ट के अनुसार, मेनाप क्षेत्र में $3 प्रतिदिन से कम पर जीवनयापन करने वाले लोगों में लगभग 48 प्रतिशत पाकिस्तान में रहते हैं। अफगानिस्तान, सीरिया और यमन की संयुक्त हिस्सेदारी लगभग 47 प्रतिशत है।
पाकिस्तान की जीडीपी वृद्धि दर का क्या अनुमान है?
रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में पाकिस्तान की अनुमानित जीडीपी वृद्धि दर 3.2 प्रतिशत रही, जो 2025-26 में 3.7 प्रतिशत और 2026-27 में 3.8 प्रतिशत तक पहुँच सकती है। हालाँकि यह सुधार सीमित है और गरीबी को उल्लेखनीय रूप से कम करने के लिए पर्याप्त नहीं माना जा रहा।
अल नीनो का पाकिस्तान की गरीबी पर क्या असर पड़ सकता है?
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि वर्ष 2026 के अंत में सामान्य से अधिक मजबूत अल नीनो मौसमी स्थिति बनने की आशंका खाद्य कीमतों पर दबाव बढ़ा सकती है। इससे पाकिस्तान सहित मेनाप क्षेत्र के गरीब और कमजोर तबकों की मुश्किलें और गहरा सकती हैं।
मेनाप क्षेत्र बाकी दुनिया से अलग क्यों है?
मेनाप दुनिया का एकमात्र ऐसा क्षेत्र है जहाँ गरीबी का स्तर महामारी-पूर्व स्तर से ऊपर बना हुआ है और इसमें लगातार वृद्धि हो रही है। वर्ष 2024 में इस क्षेत्र की 14.3 प्रतिशत आबादी $3 प्रतिदिन से कम पर जी रही थी, जबकि वैश्विक औसत 10.4 प्रतिशत रहा।
राष्ट्र प्रेस
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