पापुआ न्यू गिनी ने ताइपेइ इकोनॉमिक ऑफिस बंद किया, एक-चीन नीति के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई
सारांश
मुख्य बातें
पापुआ न्यू गिनी की सरकार ने 24 जुलाई 2026 को 'पापुआ न्यू गिनी में ताइपेइ इकोनॉमिक ऑफिस' को तत्काल प्रभाव से बंद करने की घोषणा की और एक-चीन नीति के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को सार्वजनिक रूप से दोहराया। यह कदम पापुआ न्यू गिनी और चीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक निर्णायक राजनयिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
विदेश मंत्री का बयान
पापुआ न्यू गिनी के विदेश मंत्री जस्टिन टकाटचेंको ने सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि सरकार ने एक-चीन नीति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः स्पष्ट किया है और देश में ताइपेइ इकोनॉमिक ऑफिस की उपस्थिति को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। उन्होंने इसे दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास को गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
चीन के साथ साझेदारी पर जोर
विदेश मंत्री के बयान में कहा गया कि पापुआ न्यू गिनी, चीन के साथ अपनी पुरानी और मजबूत साझेदारी को बहुत महत्व देता है। बयान के अनुसार, 'पापुआ न्यू गिनी को उम्मीद है कि दोनों पक्ष रणनीतिक सहयोग को और गहरा करेंगे, व्यापार और निवेश बढ़ाएंगे और मिलकर आर्थिक विकास को आगे बढ़ाएंगे, जिससे पापुआ न्यू गिनी के लोगों को स्थायी और ठोस फायदे मिलेंगे।'
राजनयिक संदर्भ
यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की कूटनीतिक सक्रियता लगातार बढ़ रही है। गौरतलब है कि प्रशांत महासागर के कई द्वीपीय देश हाल के वर्षों में ताइवान के साथ अनौपचारिक संबंधों की समीक्षा कर चुके हैं। पापुआ न्यू गिनी का यह कदम क्षेत्रीय राजनीति में बीजिंग के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करता है।
आगे की राह
ताइपेइ इकोनॉमिक ऑफिस के बंद होने के बाद पापुआ न्यू गिनी और चीन के बीच व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग के नए समझौतों की संभावना जताई जा रही है। विश्लेषकों के अनुसार, यह घटनाक्रम प्रशांत क्षेत्र में ताइवान की कूटनीतिक स्थिति को और सीमित कर सकता है।