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अमेरिकी गठबंधन सेना ने इराक मिशन समाप्त किया, एक दशक बाद पूर्ण वापसी

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अमेरिकी गठबंधन सेना ने इराक मिशन समाप्त किया, एक दशक बाद पूर्ण वापसी

सारांश

एक दशक से अधिक समय बाद अमेरिकी गठबंधन ने इराक से पूर्ण वापसी कर ली है — ठीक उस वक्त जब पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। इराक 1 अक्टूबर को 'संप्रभुता दिवस' मनाएगा, लेकिन सशस्त्र गुटों के हथियार न छोड़ने की चुनौती अभी बाकी है।

मुख्य बातें

अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन ने 30 सितंबर को इराक से अपना सैन्य मिशन औपचारिक रूप से समाप्त किया।
गठबंधन 2014 से इस्लामिक स्टेट (IS) के खिलाफ इराक और सीरिया में तैनात था; IS को 2017 (इराक) और 2019 (सीरिया) में हराया गया था।
बगदाद और वाशिंगटन ने 2024 में चरणबद्ध वापसी पर सहमति जताई थी।
इराकी प्रधानमंत्री अली अल जैदी ने 1 अक्टूबर को 'संप्रभुता दिवस' घोषित किया।
कई सशस्त्र गुटों ने हथियार छोड़ने से इनकार किया; वरिष्ठ राजनेता समझौते की कोशिश में जुटे हैं।
गुटों की माँग में विदेशी सैनिकों की वापसी के साथ अमेरिकी राजनीतिक और आर्थिक दखलंदाजी खत्म करना भी शामिल है।

पश्चिम एशिया में जारी अशांति के बीच अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इराक में अपना सैन्य मिशन औपचारिक रूप से समाप्त कर दिया है। 30 सितंबर को उत्तरी कुर्दिस्तान क्षेत्र से गठबंधन की अंतिम टुकड़ियों की वापसी के साथ एक दशक से अधिक लंबा यह अभियान इतिहास बन गया। ईरान समेत क्षेत्र के कई हिस्से अभी भी अस्थिर हैं, ऐसे में यह वापसी भू राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है।

मिशन की पृष्ठभूमि

2014 में इस्लामिक स्टेट (IS) के उभार के बाद गठबंधन सेनाओं को इराक और सीरिया भेजा गया था। उस समय IS ने दोनों देशों के बड़े भूभाग पर कब्जा कर लिया था और क्षेत्र में भीषण हिंसा का दौर शुरू हो गया था। गठबंधन ने IS को 2017 में इराक में और 2019 में सीरिया में परास्त किया, परंतु संगठन के बचे खुचे तत्वों से निपटने के लिए सेनाएँ वहाँ तैनात रहीं।

गौरतलब है कि इस गठबंधन को जहाँ एक ओर चरमपंथी ताकतों के खिलाफ ढाल के रूप में देखा गया, वहीं आलोचकों का कहना है कि इसकी उपस्थिति ने क्षेत्रीय तनाव को भी बढ़ावा दिया।

वापसी की प्रक्रिया

बगदाद और वाशिंगटन ने 2024 में गठबंधन मिशन को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने पर सहमति जताई थी। इसके बाद गठबंधन सेनाएँ देशभर के अड्डों से क्रमशः हटती रहीं और अंततः उनकी मौजूदगी केवल स्वायत्त उत्तरी कुर्दिस्तान क्षेत्र तक सीमित रह गई। 30 सितंबर, बुधवार को वहाँ से भी अंतिम वापसी पूरी हुई।

इराक की प्रतिक्रिया और 'संप्रभुता दिवस'

इराकी प्रधानमंत्री अली अल जैदी ने घोषणा की कि गठबंधन के जाने के अगले दिन, यानी 1 अक्टूबर को 'संप्रभुता दिवस' के रूप में मनाया जाएगा। सोमवार को इराक की कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका के प्रमुखों ने संयुक्त बयान में कहा कि यह "एक राष्ट्रीय अवसर है जो संप्रभुता की ओर इराक के सफर के पूरा होने की पुष्टि करता है और राज्य व उसके संस्थानों की मौजूदगी को मजबूत करता है।"

इराकी सरकार का मानना है कि गठबंधन के हटने के बाद ताकतवर सशस्त्र गुटों के पास अपने हथियार बनाए रखने का बहाना समाप्त हो जाएगा।

सशस्त्र गुटों का रुख और आंतरिक चुनौती

इस साल सत्ता संभालने वाले प्रधानमंत्री जैदी की सरकार विभिन्न सशस्त्र गुटों को आत्मसमर्पण के लिए प्रोत्साहित करती रही है। सरकार ने शुरू में हथियार छोड़ने की समय सीमा 30 सितंबर तय की थी, लेकिन हथियारों को 'विनियमित' करने पर बातचीत जारी रहने के कारण इसे वापस ले लिया गया।

कई ताकतवर गुटों ने हथियार छोड़ने से इनकार कर दिया है। इसके बाद वरिष्ठ राजनेताओं ने हस्तक्षेप किया है और किसी समझौते की उम्मीद जताई जा रही है। गुटों ने अपनी शर्तों में विदेशी सैनिकों की वापसी के साथ साथ अमेरिकी राजनीतिक और आर्थिक दखलंदाजी को पूरी तरह समाप्त करने की माँग भी रखी है।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम एशिया में ईरान और उसके सहयोगी गुटों की सक्रियता बनी हुई है। गठबंधन की वापसी के बाद इराक में सुरक्षा का जिम्मा पूरी तरह इराकी सुरक्षा बलों पर आ जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, सशस्त्र गुटों के साथ बातचीत का परिणाम और क्षेत्रीय शक्तियों का रुख इराक की स्थिरता की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उतना साफ सुथरा अंत नहीं है जितना 'संप्रभुता दिवस' की घोषणा से लगता है। सशस्त्र गुटों का हथियार न छोड़ना और हथियार 'विनियमन' पर अधूरी बातचीत बताती है कि इराकी राज्य की संप्रभुता अभी भी आंतरिक चुनौतियों से घिरी है। गठबंधन की उपस्थिति जिन गुटों को नियंत्रित करने का बहाना देती थी, वे अब उसी बहाने के बिना भी मैदान में हैं। असली परीक्षा यह है कि क्या बगदाद बाहरी छतरी हटने के बाद इन गुटों को अनुशासित कर सकता है — और पश्चिम एशिया के मौजूदा तनाव में यह काम पहले से कहीं ज्यादा कठिन है।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिकी गठबंधन ने इराक में मिशन क्यों समाप्त किया?
बगदाद और वाशिंगटन ने 2024 में सहमति जताई थी कि गठबंधन का मिशन चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जाएगा। इस्लामिक स्टेट को 2017 में इराक में और 2019 में सीरिया में हराए जाने के बाद गठबंधन की मूल भूमिका काफी हद तक पूरी हो चुकी थी।
इराक में 'संप्रभुता दिवस' क्या है और यह कब मनाया जाएगा?
इराकी प्रधानमंत्री अली अल जैदी ने 1 अक्टूबर को 'संप्रभुता दिवस' घोषित किया है, जो गठबंधन सेनाओं की पूर्ण वापसी के अगले दिन है। इराक की कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका के प्रमुखों ने इसे देश की संप्रभुता की पुनर्स्थापना का प्रतीक बताया है।
इराक के सशस्त्र गुट हथियार क्यों नहीं छोड़ रहे?
कई ताकतवर सशस्त्र गुटों ने हथियार छोड़ने से इनकार कर दिया है और शर्तें रखी हैं, जिनमें विदेशी सैनिकों की वापसी के साथ साथ अमेरिकी राजनीतिक और आर्थिक दखलंदाजी पूरी तरह खत्म करना शामिल है। सरकार ने 30 सितंबर की समय सीमा वापस ले ली है और बातचीत जारी है।
इस्लामिक स्टेट के खिलाफ गठबंधन का अभियान कब शुरू हुआ था?
2014 में IS के उभार के बाद गठबंधन सेनाएँ इराक और सीरिया भेजी गई थीं। IS को इराक में 2017 में और सीरिया में 2019 में परास्त किया गया, लेकिन बचे खुचे तत्वों से निपटने के लिए सेनाएँ तैनात रहीं।
गठबंधन की वापसी के बाद इराक की सुरक्षा स्थिति कैसी रहेगी?
गठबंधन की वापसी के बाद इराक की सुरक्षा का पूरा जिम्मा इराकी सुरक्षा बलों पर होगा। हालाँकि, सशस्त्र गुटों के साथ हथियार विनियमन पर बातचीत अधूरी है और पश्चिम एशिया में क्षेत्रीय तनाव बना हुआ है, जिससे स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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