ईरान-अमेरिका संदेश आदान-प्रदान जारी, पाकिस्तान-कतर बने मध्यस्थ; परमाणु मुद्दे पर ट्रंप अडिग
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने 27 जुलाई 2026 को पुष्टि की कि अमेरिका, पाकिस्तान और कतर सहित कुछ मध्यस्थ देशों के माध्यम से तेहरान के साथ संदेशों का आदान-प्रदान कर रहा है। ऑस्ट्रियाई प्रसारक ओआरएफ (ORF) को दिए गए एक साक्षात्कार में बघाई ने यह जानकारी दी, जिसे ईरानी मीडिया ने प्रमुखता से प्रकाशित किया।
बातचीत के लिए 'उचित माहौल' की शर्त
बघाई ने स्पष्ट किया कि किसी भी औपचारिक वार्ता की शुरुआत के लिए पहले 'उचित माहौल' तैयार होना अनिवार्य है। उनके अनुसार, अमेरिका ने यह माहौल खुद ही नष्ट कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने 18 जून को हुए समझौता ज्ञापन की सभी व्यावहारिक शर्तों का उल्लंघन किया है। उस समझौते के तहत दोनों देशों को 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते तक पहुँचने के लिए बातचीत करनी थी।
प्रवक्ता ने यह भी कहा कि इस समय ईरान की सर्वोच्च प्राथमिकता अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका द्वारा ईरानी नागरिकों के खिलाफ युद्ध अपराध किए जा रहे हैं — हालाँकि यह ईरान का एकतरफा दावा है और अमेरिका ने इसे स्वीकार नहीं किया है।
वार्ताओं का भविष्य अनिश्चित
पिछले दो सप्ताह में दोनों देशों के बीच तनाव और सैन्य झड़पों में वृद्धि के बाद 18 जून के समझौते पर आधारित वार्ता प्रक्रिया का भविष्य अधर में लटका हुआ है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक दबाव पहले से ही चरम पर है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील कर रहा है।
ट्रंप की दोटूक: परमाणु हथियार कभी नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर में अपनी सरकार की नीति को एक बार फिर दोहराया। उन्होंने कहा, "वे इस समय हमसे बात कर रहे हैं। वे समझौता करना चाहते हैं।" हालाँकि, उन्होंने यह भी जोड़ा, "मुझे नहीं लगता कि वे अभी इसके लिए तैयार हैं। अभी सही समय नहीं है। लेकिन मैं उनकी बात सुनने को तैयार हूँ।"
ट्रंप ने परमाणु मुद्दे पर कोई लचीलापन दिखाने से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा, "ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता।" उन्होंने आगे कहा, "हम नहीं चाहते कि वॉशिंगटन डीसी, हमारे अन्य शहर, इजरायल या पूरा मध्य पूर्व किसी परमाणु हथियार से तबाह हो जाए।"
ट्रंप के सैन्य दावे, सबूत नहीं
ट्रंप ने दावा किया कि हालिया अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से ईरान को भारी नुकसान पहुँचा है — उनके अनुसार ईरान ने 250 विमान, 159 नौकाएँ, रडार प्रणाली और अपनी ड्रोन क्षमता का बड़ा हिस्सा खो दिया है। उन्होंने कहा, "हमने ईरान को बहुत कड़ा झटका दिया है।" हालाँकि, उन्होंने इन दावों के समर्थन में कोई स्वतंत्र साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया, और इन आँकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
आगे क्या होगा
मध्यस्थ चैनलों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान जारी रहना यह संकेत देता है कि दोनों पक्ष अभी तक कूटनीतिक दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं करना चाहते। गौरतलब है कि 18 जून के समझौते की 60 दिन की समयसीमा समाप्त होने वाली है, जिससे आने वाले सप्ताह दोनों देशों के रिश्तों की दिशा तय करने में निर्णायक साबित होंगे।