15 अक्टूबर 2026
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पेशावर स्कूल छत हादसा: 20 बच्चों समेत 21 की मौत, अफरीदी आबाद में बचाव अभियान जारी

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पेशावर स्कूल छत हादसा: 20 बच्चों समेत 21 की मौत, अफरीदी आबाद में बचाव अभियान जारी

सारांश

पेशावर के अफरीदी आबाद में स्कूल की छत ढहने से 20 मासूम बच्चों और एक महिला शिक्षिका की जान गई — यह 2026 में पाकिस्तान में छत गिरने की कम-से-कम चौथी बड़ी घातक घटना है। घटिया निर्माण और लापरवाह सुरक्षा मानक फिर कटघरे में हैं।

मुख्य बातें

पेशावर के अफरीदी आबाद में 15 अक्टूबर 2026 को स्कूल की छत गिरने से 21 लोगों की मौत हुई।
मृतकों में 18 लड़के , 2 लड़कियाँ (उम्र 7–12 वर्ष ) और 1 महिला शिक्षिका शामिल हैं।
लेडी रीडिंग अस्पताल (LRH) में आपातकाल घोषित; रेस्क्यू 1122 ने 8 से अधिक घायल बच्चों को अस्पताल पहुँचाया।
इसी वर्ष जून में लाहौर के काहना इलाके में ट्यूशन सेंटर की छत गिरने से 14 बच्चे मारे गए थे।
पाकिस्तान में घटिया निर्माण सामग्री और कमज़ोर सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

पाकिस्तान के पेशावर स्थित अफरीदी आबाद इलाके में गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को एक स्कूल की छत अचानक ढह जाने से 21 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 18 लड़के, 2 लड़कियाँ और एक महिला शिक्षिका शामिल हैं — सभी बच्चों की उम्र 7 से 12 वर्ष के बीच बताई गई है। बचावकर्मी मलबे में दबे अन्य लोगों को निकालने में जुटे हुए हैं।

हादसे का विवरण

लेडी रीडिंग अस्पताल (LRH) के प्रवक्ता मोहम्मद आसिम ने मौतों की पुष्टि करते हुए बताया कि अस्पताल में तत्काल आपातकाल घोषित कर दिया गया है। घायलों का उपचार जारी है और कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। आसिम के अनुसार, हादसे में प्रभावित सभी बच्चों की उम्र 13 वर्ष या उससे कम थी।

घटना की सूचना मिलते ही एंबुलेंस और आपदा राहत दल मौके पर पहुँच गए। रेस्क्यू 1122 की एंबुलेंस टीम ने 8 से अधिक घायल बच्चों को प्राथमिक उपचार देने के बाद अस्पताल पहुँचाया। अधिकारियों को आशंका थी कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।

पाकिस्तान में इमारत हादसों का सिलसिला

यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान में किसी स्कूल की छत गिरने से बच्चों की जान गई हो। रिपोर्टों के अनुसार, जून 2026 में लाहौर के काहना इलाके में एक निजी ट्यूशन सेंटर की छत गिरने से 14 बच्चों की मौत हो गई थी। इसी वर्ष पंजाब प्रांत के डेरा गाजी खान में एक निजी स्कूल की कक्षा की छत ढहने से 4 बच्चों की मौत और 20 लोग घायल हुए थे।

इस साल अगस्त में भारी बारिश के बाद इस्लामाबाद में एक घर की छत गिरने से एक दंपति की जान चली गई थी। जून में ही पंजाब के गुजरात जिले के खवासपुर इलाके में निर्माणाधीन इमारत की छत गिरने से एक मजदूर की मौत हुई थी।

निर्माण गुणवत्ता पर सवाल

विशेषज्ञों और आलोचकों का कहना है कि पाकिस्तान में सुरक्षा मानकों का कमज़ोर पालन और घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल ऐसे हादसों की मुख्य वजह है। लगातार बढ़ रही इन घटनाओं ने देश में भवन निर्माण नियमों के क्रियान्वयन और निगरानी तंत्र की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक संकट और बुनियादी ढाँचे के रखरखाव में कमी की चुनौतियों से जूझ रहा है। गौरतलब है कि सरकारी और निजी — दोनों प्रकार के शैक्षणिक संस्थानों में संरचनात्मक सुरक्षा ऑडिट की माँग लंबे समय से उठती रही है।

बचाव अभियान और आगे की स्थिति

बचावकर्मी 15 अक्टूबर की शाम तक मलबे में दबे संभावित पीड़ितों की तलाश में जुटे हुए थे। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों को सहायता का आश्वासन दिया है। हादसे की जाँच के आदेश दिए जाने की उम्मीद है, हालाँकि अब तक किसी आधिकारिक जाँच की घोषणा नहीं हुई है।

यह दुखद हादसा पाकिस्तान में शैक्षणिक संस्थानों की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर नीति-निर्माताओं पर तत्काल कार्रवाई का दबाव और बढ़ा देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और हर बार मासूम बच्चे शिकार बने हैं। सवाल यह नहीं कि इमारतें क्यों गिर रही हैं — घटिया निर्माण और भ्रष्ट मंजूरी प्रक्रियाएँ दशकों पुरानी समस्या है — सवाल यह है कि बार-बार बच्चों की जान जाने के बावजूद जवाबदेही क्यों नहीं तय होती। जब तक संरचनात्मक सुरक्षा ऑडिट को अनिवार्य और पारदर्शी नहीं बनाया जाता, ऐसे हादसे रुकने वाले नहीं हैं।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पेशावर स्कूल छत हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
15 अक्टूबर 2026 को पेशावर के अफरीदी आबाद इलाके में स्कूल की छत गिरने से कुल 21 लोगों की मौत हुई। इनमें 18 लड़के, 2 लड़कियाँ और 1 महिला शिक्षिका शामिल हैं — सभी बच्चे 7 से 12 वर्ष की आयु के थे।
पेशावर हादसे में घायलों का इलाज कहाँ हो रहा है?
घायलों को लेडी रीडिंग अस्पताल (LRH) में भर्ती कराया गया है, जहाँ आपातकाल घोषित कर दिया गया। अस्पताल प्रवक्ता मोहम्मद आसिम के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।
क्या पाकिस्तान में पहले भी ऐसे स्कूल हादसे हो चुके हैं?
हाँ, 2026 में यह कम-से-कम चौथी बड़ी घातक छत-गिरने की घटना है। जून में लाहौर के काहना इलाके में 14 बच्चे और डेरा गाजी खान में 4 बच्चे इसी तरह के हादसों में मारे गए थे।
पाकिस्तान में बार-बार छत क्यों गिरती है?
रिपोर्टों के अनुसार घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग और सुरक्षा मानकों का कमज़ोर पालन मुख्य कारण हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि संरचनात्मक सुरक्षा ऑडिट की अनुपस्थिति इन हादसों को बार-बार घटित होने देती है।
पेशावर हादसे के बाद बचाव अभियान की क्या स्थिति है?
रेस्क्यू 1122 की टीमें 15 अक्टूबर को मलबे में दबे लोगों को निकालने में जुटी हुई थीं। 8 से अधिक घायल बच्चों को प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल पहुँचाया गया। अधिकारियों को आशंका थी कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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