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पेशावर स्कूल छत हादसा: 31 बच्चों समेत 33 की मौत, स्कूल मालिक गिरफ्तार

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पेशावर स्कूल छत हादसा: 31 बच्चों समेत 33 की मौत, स्कूल मालिक गिरफ्तार

सारांश

पाकिस्तान के पेशावर में अल-खैर स्कूल की छत ढहने से 31 बच्चों समेत 33 लोगों की जान गई। 14 साल से कम उम्र के बच्चे शिकार बने, छत का निर्माण घटिया था और इमारत तंग गली में थी — जो पाकिस्तान में निजी स्कूलों की सुरक्षा की खतरनाक तस्वीर पेश करती है।

मुख्य बातें

पेशावर के अल-खैर स्कूल की छत 15 अक्टूबर 2026 को ढही, जब छात्र कक्षाओं में थे।
31 बच्चों और 2 महिला शिक्षिकाओं समेत कुल 33 लोगों की मौत ; सभी बच्चे 14 साल या उससे कम उम्र के थे।
53 बच्चों को LRH अस्पताल ले जाया गया; 17 को उपचार के बाद छुट्टी दी गई।
स्कूल में कुल 110 बच्चे पढ़ते थे; इमारत तंग गलियों में थी, जिससे बचाव कार्य कठिन रहा।
CCPO मियां सईद के अनुसार स्कूल मालिक हिरासत में, मामला दर्ज होगा; छत का निर्माण घटिया था।
डिप्टी कमिश्नर अफाक वजीर ने पुष्टि की कि बचाव अभियान पूरा हो चुका है।

पाकिस्तान के पेशावर में गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को एक निजी स्कूल की छत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे 31 बच्चों और दो महिला शिक्षिकाओं समेत कुल 33 लोगों की मौत हो गई। लेडी रीडिंग हॉस्पिटल (LRH) के अनुसार, 50 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई गई। यह हादसा पेशावर की तंग गलियों में स्थित अल-खैर स्कूल में उस वक्त हुआ जब छात्र अपनी कक्षाओं में मौजूद थे।

हादसे का पूरा घटनाक्रम

LRH के आँकड़ों के अनुसार, 53 बच्चों को अस्पताल लाया गया, जिनमें अधिकांश लड़के थे। इनमें से 33 की मौत की पुष्टि हुई, जबकि 17 बच्चों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, सभी पीड़ित बच्चों की उम्र 14 साल या उससे कम थी। स्कूल में कुल 110 बच्चे पढ़ते थे।

LRH प्रवक्ता मुहम्मद आसिम ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल में इमरजेंसी घोषित कर दी गई और वरिष्ठ अधिकारी ट्रॉमा वार्ड में तैनात किए गए ताकि घायलों के इलाज की निगरानी हो सके।

बचाव अभियान और प्रशासन की प्रतिक्रिया

पाकिस्तान सेना के जवान घटनास्थल पर पहुँचे और बचाव व राहत एजेंसियों के साथ मिलकर मलबे में दबे बच्चों तथा स्टाफ को निकालने का काम शुरू किया। पेशावर के डिप्टी कमिश्नर अफाक वजीर ने पुष्टि की कि बचाव अभियान पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा, 'बचाव दलों ने सारा मलबा हटा दिया है, और अब घटनास्थल पर कोई भी घायल बच्चा नहीं दबा है।' इमारत तंग गलियों में होने के कारण राहतकर्मियों को भारी मशक्कत करनी पड़ी।

स्कूल मालिक पर कार्रवाई

कैपिटल सिटी पुलिस ऑफिसर (CCPO) मियां सईद ने पत्रकारों को बताया कि स्कूल के मालिक को हिरासत में ले लिया गया है और इस घटना के संबंध में मामला दर्ज किया जाएगा। सईद के अनुसार, स्कूल की छत का निर्माण अत्यंत घटिया तरीके से हुआ था, जो इस भीषण हादसे का प्रमुख कारण बना।

आम जनता और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया

यह हादसा ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान में भवन निर्माण मानकों और निजी स्कूलों की सुरक्षा जाँच को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि देश में बिना सरकारी अनुमति या जाँच के चलने वाले अनेक निजी स्कूल पुरानी और जर्जर इमारतों में संचालित होते हैं। आलोचकों का कहना है कि इमारत-सुरक्षा नियमों का ढीला क्रियान्वयन ऐसे हादसों की मुख्य वजह है।

आगे क्या होगा

स्थानीय अधिकारियों ने संकेत दिया है कि स्कूल मालिक के खिलाफ लापरवाही और हत्या से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज होने की संभावना है। इस दुखद घटना के बाद पेशावर और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में निजी स्कूल भवनों की सुरक्षा जाँच की माँग तेज हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सरकारी जवाबदेही की विफलता के प्रतीक हैं। स्कूल मालिक की गिरफ्तारी एक शुरुआत है, लेकिन असली सवाल यह है कि खैबर पख्तूनख्वा में ऐसे सैकड़ों स्कूलों की जाँच कब होगी। जब तक प्रणालीगत सुधार नहीं होता, यह त्रासदी बार-बार दोहराई जाती रहेगी।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पेशावर स्कूल छत हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
पेशावर के अल-खैर स्कूल की छत ढहने से 31 बच्चों और 2 महिला शिक्षिकाओं समेत कुल 33 लोगों की मौत हुई। लेडी रीडिंग हॉस्पिटल (LRH) के अनुसार 50 से अधिक लोग घायल भी हुए।
यह हादसा कब और कहाँ हुआ?
यह हादसा 15 अक्टूबर 2026 को पाकिस्तान के पेशावर शहर में अल-खैर स्कूल में हुआ। घटना उस समय हुई जब स्कूल के छात्र अपनी कक्षाओं में पढ़ाई कर रहे थे।
हादसे के बाद स्कूल मालिक पर क्या कार्रवाई हुई?
CCPO मियां सईद के अनुसार स्कूल के मालिक को हिरासत में ले लिया गया है और घटना के संबंध में मामला दर्ज किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि छत का निर्माण बेहद घटिया तरीके से किया गया था।
बचाव अभियान का क्या हुआ?
पाकिस्तान सेना के जवानों ने राहत एजेंसियों के साथ मिलकर बचाव अभियान चलाया। डिप्टी कमिश्नर अफाक वजीर ने पुष्टि की कि अभियान पूरा हो चुका है और घटनास्थल पर अब कोई बच्चा मलबे में नहीं दबा है।
घायल बच्चों का इलाज कहाँ हुआ और उनकी उम्र क्या थी?
53 बच्चों को लेडी रीडिंग हॉस्पिटल (LRH) ले जाया गया, जहाँ इमरजेंसी घोषित की गई थी। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार सभी पीड़ित बच्चों की उम्र 14 साल या उससे कम थी और 17 बच्चों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दी गई।
राष्ट्र प्रेस
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