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खैबर पख्तूनख्वा में नाव पलटने से 7 पर्यटकों की मौत, सैफुल्लाह झील में एक परिवार तबाह

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खैबर पख्तूनख्वा में नाव पलटने से 7 पर्यटकों की मौत, सैफुल्लाह झील में एक परिवार तबाह

सारांश

पाकिस्तान के स्वात जिले में सैफुल्लाह झील पर नाव पलटने से एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो गई। यह हादसा ऐसे समय आया जब लाहौर में छत गिरने से 14 बच्चे पहले ही जान गँवा चुके थे — पाकिस्तान के लिए एक के बाद एक त्रासदियों का सिलसिला।

मुख्य बातें

खैबर पख्तूनख्वा के स्वात जिले में सैफुल्लाह झील पर नाव पलटने से एक ही परिवार के 7 सदस्यों की मौत , 1 व्यक्ति लापता ।
नाव में सवार 8 लोग सभी एक ही परिवार के थे; बचाव दल और स्थानीय स्वयंसेवक लापता व्यक्ति की तलाश में जुटे।
एक दिन पहले लाहौर के कैना इलाके में ट्यूशन एकेडमी की छत गिरने से 14 बच्चों की मौत ; पाँच की हालत गंभीर ।
पंजाब स्वास्थ्य मंत्री ख्वाजा इमरान नजीर ने पुष्टि की कि मलबे में करीब 20 लोग फंसे थे।
पाकिस्तान मानवाधिकार परिषद (HRC) ने निर्माण गुणवत्ता जाँच में लापरवाही पर गहरी चिंता जताई।
इसी सप्ताह मुजफ्फरगढ़ और फैसलाबाद में भी इमारत गिरने से अलग-अलग हादसों में 5 और लोगों की मौत ।

पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सैफुल्लाह झील पर बुधवार, 2 जुलाई को पर्यटकों से भरी एक नाव के पलट जाने से एक ही परिवार के सात सदस्यों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति अभी भी लापता है। स्वात जिले के सुंदर कलाम इलाके में घटी इस दुखद दुर्घटना ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है।

मुख्य घटनाक्रम

जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नाव में एक ही परिवार के आठ सदस्य सवार थे जो झील पर भ्रमण के लिए निकले थे। नाव अचानक पलट गई, जिससे सभी यात्री पानी में डूब गए। बचाव दल ने तत्काल अभियान शुरू किया और सात शव बरामद किए, जबकि एक लापता व्यक्ति की तलाश में पुलिस, बचाव दल और स्थानीय स्वयंसेवक अभी भी जुटे हुए हैं।

पाकिस्तान में एक और त्रासदी — लाहौर में छत गिरने से 14 बच्चों की मौत

नाव दुर्घटना से एक दिन पहले, मंगलवार को लाहौर के कैना इलाके में एक प्राइवेट ट्यूशन एकेडमी की छत गिरने से कम से कम 14 बच्चों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। पंजाब प्रांत के स्वास्थ्य मंत्री ख्वाजा इमरान नजीर ने पुष्टि की कि मलबे में करीब 20 लोग फंसे हुए थे, जिनमें वे 14 बच्चे भी शामिल थे जिन्हें कैना तहसील मुख्यालय (THQ) अस्पताल में मृत लाया गया।

रेस्क्यू 1122 के प्रवक्ता फारूक अहमद ने बताया कि सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद एक महिला शिक्षिका और आठ बच्चों को कई चोटों के साथ लाहौर जनरल हॉस्पिटल (LGH) में भर्ती कराया गया। उन्होंने यह भी बताया कि पाँच बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है। अहमद के अनुसार, "बच्चे बहुत छोटे थे और दो कमरे इस्तेमाल हो रहे थे। छतें गिर गईं और बच्चे फंस गए।"

मानवाधिकार परिषद की चिंता और जवाबदेही की माँग

पाकिस्तान की मानवाधिकार परिषद (HRC) ने लाहौर की छत गिरने की घटना पर गहरी चिंता जताई है। परिषद ने आरोप लगाया कि रिहायशी इलाकों में एकेडमी और इमारतों के निर्माण की गुणवत्ता की जाँच न करना बड़ी प्रशासनिक लापरवाही है, जिसके कारण निर्दोष बच्चों की जान गई।

पाकिस्तान में भवन हादसों का बढ़ता सिलसिला

यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान में इमारत और छत गिरने की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि इसी सप्ताह सोमवार को पंजाब के मुजफ्फरगढ़ जिले की अलीपुर तहसील में चारदीवारी गिरने से दो नाबालिग बहनों की मौत हो गई और उनका चचेरा भाई घायल हो गया। इसके अलावा, इसी महीने फैसलाबाद जिले के जरानवाला तहसील में एक निर्माणाधीन कमरे की छत गिरने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। विशेषज्ञों का कहना है कि कमज़ोर सुरक्षा नियमों और घटिया निर्माण सामग्री के कारण पाकिस्तान में ऐसी त्रासदियाँ बार-बार होती रहती हैं।

क्या होगा आगे

सैफुल्लाह झील में लापता व्यक्ति की तलाश अभी भी जारी है। वहीं, लाहौर में घायल बच्चों का उपचार चल रहा है और अधिकारियों से जवाबदेही की माँग तेज़ हो रही है। पाकिस्तान में बार-बार होने वाले इन हादसों के मद्देनज़र निर्माण मानकों और सुरक्षा नियमों को सख्त करने की आवश्यकता पर बहस और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

छत ढहने और चारदीवारी गिरने से दर्जनों मौतें यह साफ़ संकेत देती हैं कि यह महज़ दुर्भाग्य नहीं, बल्कि प्रणालीगत विफलता है। लाहौर में बच्चों की मौत विशेष रूप से चिंताजनक है क्योंकि रिहायशी इलाकों में चल रही अनियमित एकेडमियों पर निगरानी का पूरी तरह अभाव दिखता है। पाकिस्तान की मानवाधिकार परिषद ने जो सवाल उठाए हैं, वे केवल एक घटना तक सीमित नहीं — बल्कि एक ऐसे ढाँचे की माँग करते हैं जहाँ निर्माण मानकों की अनदेखी पर जवाबदेही तय हो। जब तक नीतिगत स्तर पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, ये त्रासदियाँ दोहराती रहेंगी।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खैबर पख्तूनख्वा में नाव दुर्घटना कहाँ और कब हुई?
यह दुर्घटना बुधवार, 2 जुलाई को पाकिस्तान के स्वात जिले के सुंदर कलाम इलाके में स्थित सैफुल्लाह झील पर हुई। नाव में एक ही परिवार के आठ सदस्य सवार थे जो पर्यटन के लिए निकले थे।
नाव हादसे में कितने लोगों की मौत हुई और कितने लापता हैं?
नाव पलटने से सात लोगों के शव बरामद किए गए हैं, जबकि एक व्यक्ति अभी भी लापता है। बचाव दल, पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवक लापता व्यक्ति की तलाश जारी रखे हुए हैं।
लाहौर में ट्यूशन एकेडमी की छत गिरने से क्या हुआ?
मंगलवार को लाहौर के कैना इलाके में एक प्राइवेट ट्यूशन एकेडमी की छत गिरने से कम से कम 14 बच्चों की मौत हो गई। एक महिला शिक्षिका समेत आठ बच्चों को लाहौर जनरल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जिनमें से पाँच की हालत गंभीर बताई गई।
पाकिस्तान में इमारत गिरने की घटनाएँ इतनी बार क्यों होती हैं?
विशेषज्ञों और पाकिस्तान मानवाधिकार परिषद के अनुसार, कमज़ोर सुरक्षा नियम, घटिया निर्माण सामग्री और रिहायशी इलाकों में अनियमित निर्माण पर निगरानी का अभाव इसके प्रमुख कारण हैं। यह पाकिस्तान में बार-बार होने वाली समस्या बन चुकी है।
इस सप्ताह पाकिस्तान में और कौन-सी दुर्घटनाएँ हुईं?
इसी सप्ताह सोमवार को पंजाब के मुजफ्फरगढ़ जिले में चारदीवारी गिरने से दो नाबालिग बहनों की मौत हुई। इसके अलावा फैसलाबाद के जरानवाला तहसील में एक निर्माणाधीन कमरे की छत गिरने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान गई।
राष्ट्र प्रेस
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