खैबर पख्तूनख्वा में नाव पलटने से 7 पर्यटकों की मौत, सैफुल्लाह झील में एक परिवार तबाह
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सैफुल्लाह झील पर बुधवार, 2 जुलाई को पर्यटकों से भरी एक नाव के पलट जाने से एक ही परिवार के सात सदस्यों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति अभी भी लापता है। स्वात जिले के सुंदर कलाम इलाके में घटी इस दुखद दुर्घटना ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नाव में एक ही परिवार के आठ सदस्य सवार थे जो झील पर भ्रमण के लिए निकले थे। नाव अचानक पलट गई, जिससे सभी यात्री पानी में डूब गए। बचाव दल ने तत्काल अभियान शुरू किया और सात शव बरामद किए, जबकि एक लापता व्यक्ति की तलाश में पुलिस, बचाव दल और स्थानीय स्वयंसेवक अभी भी जुटे हुए हैं।
पाकिस्तान में एक और त्रासदी — लाहौर में छत गिरने से 14 बच्चों की मौत
नाव दुर्घटना से एक दिन पहले, मंगलवार को लाहौर के कैना इलाके में एक प्राइवेट ट्यूशन एकेडमी की छत गिरने से कम से कम 14 बच्चों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। पंजाब प्रांत के स्वास्थ्य मंत्री ख्वाजा इमरान नजीर ने पुष्टि की कि मलबे में करीब 20 लोग फंसे हुए थे, जिनमें वे 14 बच्चे भी शामिल थे जिन्हें कैना तहसील मुख्यालय (THQ) अस्पताल में मृत लाया गया।
रेस्क्यू 1122 के प्रवक्ता फारूक अहमद ने बताया कि सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद एक महिला शिक्षिका और आठ बच्चों को कई चोटों के साथ लाहौर जनरल हॉस्पिटल (LGH) में भर्ती कराया गया। उन्होंने यह भी बताया कि पाँच बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है। अहमद के अनुसार, "बच्चे बहुत छोटे थे और दो कमरे इस्तेमाल हो रहे थे। छतें गिर गईं और बच्चे फंस गए।"
मानवाधिकार परिषद की चिंता और जवाबदेही की माँग
पाकिस्तान की मानवाधिकार परिषद (HRC) ने लाहौर की छत गिरने की घटना पर गहरी चिंता जताई है। परिषद ने आरोप लगाया कि रिहायशी इलाकों में एकेडमी और इमारतों के निर्माण की गुणवत्ता की जाँच न करना बड़ी प्रशासनिक लापरवाही है, जिसके कारण निर्दोष बच्चों की जान गई।
पाकिस्तान में भवन हादसों का बढ़ता सिलसिला
यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान में इमारत और छत गिरने की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि इसी सप्ताह सोमवार को पंजाब के मुजफ्फरगढ़ जिले की अलीपुर तहसील में चारदीवारी गिरने से दो नाबालिग बहनों की मौत हो गई और उनका चचेरा भाई घायल हो गया। इसके अलावा, इसी महीने फैसलाबाद जिले के जरानवाला तहसील में एक निर्माणाधीन कमरे की छत गिरने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। विशेषज्ञों का कहना है कि कमज़ोर सुरक्षा नियमों और घटिया निर्माण सामग्री के कारण पाकिस्तान में ऐसी त्रासदियाँ बार-बार होती रहती हैं।
क्या होगा आगे
सैफुल्लाह झील में लापता व्यक्ति की तलाश अभी भी जारी है। वहीं, लाहौर में घायल बच्चों का उपचार चल रहा है और अधिकारियों से जवाबदेही की माँग तेज़ हो रही है। पाकिस्तान में बार-बार होने वाले इन हादसों के मद्देनज़र निर्माण मानकों और सुरक्षा नियमों को सख्त करने की आवश्यकता पर बहस और तेज़ होने की संभावना है।