फिलीपींस बाढ़: लेप्टोस्पायरोसिस-डेंगू का खतरा, 26 की मौत; बिजली संकट भी गहराया
सारांश
मुख्य बातें
उत्तरी फिलीपींस में दक्षिण-पश्चिमी मानसून की भारी बारिश से आई विनाशकारी बाढ़ के बाद स्वास्थ्य विभाग (DOH) ने 12 अगस्त को इलोकोस क्षेत्र में लेप्टोस्पायरोसिस, डेंगू और अन्य जलजनित संक्रामक बीमारियों को लेकर आपातकालीन अलर्ट जारी किया। खराब मौसम से जुड़ी घटनाओं में मंगलवार दोपहर तक 26 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें 25 नागरिक और एक पुलिस अधिकारी शामिल हैं।
स्वास्थ्य संकट: जलजनित बीमारियों का बढ़ता खतरा
DOH की इलोकोस क्षेत्रीय निदेशक डॉ. हेलेन डी. टोबियास ने चेतावनी दी है कि बाढ़ का पानी जानवरों के मूत्र से दूषित होने पर लेप्टोस्पायरोसिस संक्रमण का गंभीर खतरा उत्पन्न होता है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों के निवासियों को सलाह दी कि पानी में उतरने के बाद शरीर के उजागर हिस्सों को साबुन और स्वच्छ पानी से अच्छी तरह धोएं और किसी भी लक्षण — जैसे बुखार, मांसपेशियों में दर्द या त्वचा पर चकत्ते — के प्रकट होते ही तत्काल चिकित्सकीय सहायता लें।
यह ऐसे समय में आया है जब इलोकोस क्षेत्र में मानसून के कारण लगातार बारिश और जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे रोग-वाहक मच्छरों के प्रजनन का खतरा भी बढ़ गया है।
बिजली संकट: विसायस और मिंडानाओ में रेड अलर्ट
बाढ़ और तूफान के बीच फिलीपींस के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में बिजली संकट भी गहरा गया है। नेशनल ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ द फिलीपींस (NGCP) के अनुसार, बुधवार को विसायस ग्रिड में रेड अलर्ट लागू किया गया — यहाँ उपलब्ध बिजली क्षमता केवल 2,153 मेगावाट है, जबकि अधिकतम माँग 2,394 मेगावाट तक पहुँचने का अनुमान है।
गौरतलब है कि अगस्त में विसायस क्षेत्र के 6 बिजली संयंत्र जबरन बंद रहे हैं, और 20 से अधिक अन्य संयंत्र 2021 से ही उपलब्ध नहीं हैं। मिंडानाओ क्षेत्र में भी स्थिति नाज़ुक है — 9 संयंत्र जबरन बंद, 11 संयंत्र 2024 से निष्क्रिय, और 9 अन्य कम क्षमता पर संचालित हो रहे हैं। वहाँ उपलब्ध क्षमता 2,779 मेगावाट है, जबकि माँग 2,689 मेगावाट रहने का अनुमान है।
राहत एवं बचाव अभियान
उष्णकटिबंधीय तूफानों लुइस और मायमाय तथा तेज मानसून से प्रभावित क्षेत्रों में फिलीपींस नेशनल पुलिस (PNP) ने राहत एवं पुनर्वास प्रयास तेज कर दिए हैं। PNP प्रमुख जनरल जोस मेलेंसियो नार्तातेज जूनियर ने स्पष्ट किया कि पुलिस की भूमिका महज खोज-बचाव तक सीमित नहीं है — प्रभावित समुदायों के सामान्य जीवन में लौटने तक पुलिस रिकवरी फेज में भी सक्रिय रहेगी।
पुलिस इकाइयों को स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बाढ़-प्रभावित समुदायों में आवश्यक सेवाएँ जल्द बहाल हो सकें।
आगे की स्थिति
स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेताया है कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी अगले कुछ हफ्तों तक संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है। DOH ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को अतिरिक्त दवाइयाँ और जाँच किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। बिजली क्षेत्र में, NGCP बंद संयंत्रों को जल्द से जल्द चालू करने की कोशिश में है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार मानसून सीजन में यह चुनौती और जटिल हो जाती है।