क्या फिलीपींस में फेरी डूबने से 13 लोगों की मौत और 100 से अधिक लापता हैं?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या फिलीपींस में फेरी डूबने से 13 लोगों की मौत और 100 से अधिक लापता हैं?

सारांश

सोमवार तड़के एक फेरी के डूबने की घटना ने फिलीपींस को हिला दिया है। 300 से अधिक लोगों की जान को खतरा है, जिसमें 13 की मौत हो चुकी है। किनारे पर सुरक्षा उपायों की कमी और समुद्री स्थितियों ने इसे और भी गंभीर बना दिया है। जानिए इस घटना की पूरी जानकारी।

मुख्य बातें

दुर्घटना के कारणों की जांच जारी है।
244 यात्रियों को सुरक्षित बचाया गया है।
समुद्री सुरक्षा नियमों का पालन आवश्यक है।
खोज और बचाव अभियान चल रहा है।
फिलीपींस में समुद्री हादसे आम हैं।

मनीला, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सोमवार तड़के, दक्षिणी फिलीपींस के बासिलान प्रांत के निकट समुद्र में एक इंटर-आइलैंड फेरी डूब गई। इस फेरी में यात्रियों और कर्मचारियों समेत 300 से अधिक लोग सवार थे। अधिकारियों के अनुसार अब तक कम से कम 13 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 100 से अधिक लोग अब भी लापता बताये जा रहे हैं।

सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिमी मिंडानाओ में फिलीपींस तटरक्षक बल ने बताया कि यह फेरी ज़ाम्बोआंगा शहर से सुलु प्रांत के जोलो द्वीप जा रही थी। इसी दौरान बासिलान प्रांत के हाजी मुतामद क्षेत्र में स्थित बालुकबालुक द्वीप के पास यह घटना घटी।

सोमवार सुबह तक बचाव दल ने समुद्र से कम से कम 13 शव निकाले। वहीं, तटरक्षक बल, नौसेना के जहाज़ों और आसपास मौजूद मछली पकड़ने वाली नौकाओं की मदद से दर्जनों लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। कोस्ट गार्ड ने बताया कि 244 यात्रियों को बचाया गया है और 13 शव मिले हैं।

फेरी के डूबने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। इस मामले की जांच चल रही है। तटरक्षक बल का कहना है कि रवाना होने से पहले ज़ाम्बोआंगा बंदरगाह पर फेरी की जांच की गई थी और अधिक भार होने के कोई संकेत नहीं मिले थे।

बचे हुए लोगों की सही संख्या अभी भी जांची जा रही है। खोज और बचाव अभियान लगातार जारी है। खराब समुद्री स्थितियों के बावजूद विमान और समुद्री साधनों को क्षेत्र में तैनात किया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि हादसे का असली कारण जांच के बाद ही सामने आएगा।

फिलीपींस द्वीप समूह में समुद्री हादसे अक्सर होते रहते हैं। इसके मुख्य कारण हैं—बार-बार आने वाले तूफान, सही से रखरखाव न की गई नावें, अधिक भीड़ और सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन न करना, विशेषकर दूर-दराज के क्षेत्रों में।

इससे पहले दिसंबर 1987 में भी फिलीपींस में एक बड़ा समुद्री हादसा हुआ था, जब डोना पाज़ नाम की फेरी एक ईंधन टैंकर से टकरा गई थी। उस हादसे में 4,300 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और इसे शांतिकाल का दुनिया का सबसे बड़ा समुद्री हादसा माना जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समाज में भी एक गहरी चिंता पैदा करते हैं। हम सभी को मिलकर इस दिशा में कदम उठाने की आवश्यकता है।
RashtraPress
15 मई 2026
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले