फिलीपींस में एनपीए के दो उग्रवादी ढेर, ओरिएंटल मिंडोरो में सेना ने आईईडी सामग्री जब्त की
सारांश
मुख्य बातें
मध्य फिलीपींस के ओरिएंटल मिंडोरो प्रांत में 30 जुलाई 2026 को फिलीपीन सेना के जवानों के साथ हुई मुठभेड़ में न्यू पीपुल्स आर्मी (एनपीए) के दो कथित सदस्य मारे गए, जबकि एक अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया। सुरक्षाबलों ने घटनास्थल से इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बनाने में इस्तेमाल होने वाले पुर्जे और अन्य सामग्री भी बरामद की।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
सेना के अनुसार, स्थानीय निवासियों ने इलाके में एक हथियारबंद समूह की मौजूदगी की सूचना दी, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने तत्काल अभियान शुरू किया। इस दौरान सैनिकों का सामना लगभग दस संदिग्ध एनपीए सदस्यों से हुआ और दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी हुई। मौका पाकर शेष संदिग्ध मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश अभी जारी है।
जब्त सामग्री और सुरक्षा निहितार्थ
सेना ने बताया कि बरामद सामग्री में आईईडी निर्माण के पुर्जे शामिल हैं, जो इस बात का संकेत देते हैं कि एनपीए समूह विस्फोटक हमलों की तैयारी में था। यह खोज इस क्षेत्र में उग्रवादी नेटवर्क की सक्रियता को रेखांकित करती है। गौरतलब है कि दिसंबर में लूजोन द्वीप के कामारिनेस सुर प्रांत में भी कथित तौर पर एनपीए विद्रोहियों द्वारा बिछाए गए लैंडमाइन विस्फोट में दो सैनिक मारे गए थे और तीन घायल हुए थे।
दक्षिण फिलीपींस में अलग झड़प
इसी दिन दक्षिणी फिलीपींस के कोटाबाटो प्रांत में एक उग्रवादी समूह और हथियारबंद किसानों के बीच हुई झड़प में क्रॉसफायर की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, यह संघर्ष संभवतः मोरो इस्लामिक लिबरेशन फ्रंट और किसानों के बीच लंबे समय से चले आ रहे भूमि विवाद की वजह से भड़का।
विस्थापित परिवार और राहत अभियान
एक स्थानीय सैन्य अधिकारी ने बताया कि कोटाबाटो की झड़प के कारण कम से कम 100 परिवारों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा और वे राहत शिविरों में शरण लेने को विवश हुए। सेना अभी यह जाँच कर रही है कि गोलीबारी किस पक्ष ने पहले शुरू की और हताहत हुए लोग किस समूह से संबद्ध थे।
आगे की कार्रवाई
दोनों प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सेना और पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियाँ तैनात की गई हैं। तलाशी और सुरक्षा अभियान जारी है। दिसंबर की लैंडमाइन घटना के बाद से फिलीपीन सेना ने एनपीए विद्रोहियों के विरुद्ध अपने अभियान और तेज कर दिए हैं, तथा यह ताज़ी मुठभेड़ उस रणनीति की निरंतरता को दर्शाती है।