27 सितंबर 2026
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पोप लियो XIV की पेरिस में ऐतिहासिक प्रार्थना सभा, 7 लाख से अधिक श्रद्धालु हुए शामिल

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पोप लियो XIV की पेरिस में ऐतिहासिक प्रार्थना सभा, 7 लाख से अधिक श्रद्धालु हुए शामिल

सारांश

दो दशक बाद किसी पोप की फ्रांस की पहली आधिकारिक यात्रा सिर्फ धार्मिक नहीं रही — पोप लियो XIV ने पेरिस में 7 लाख लोगों के सामने प्रार्थना की, एआई पर इंसानियत खोने की चेतावनी दी, और यौन शोषण पीड़ितों से मुलाकात कर चर्च की जवाबदेही का संदेश दिया।

मुख्य बातें

पोप लियो XIV ने 27 सितंबर 2026 को पेरिस के प्लेस द ला कॉनकॉर्ड में खुले में प्रार्थना सभा का नेतृत्व किया।
इस आयोजन में अनुमानित 7 लाख श्रद्धालु शामिल हुए — पंजीकरण 6 लाख का हुआ था, उपस्थिति उससे अधिक रही।
पोप 1.9 किलोमीटर लंबे एवेन्यू डेस शांज-एलीजे मार्ग से पॉपमोबाइल में होते हुए कार्यक्रम स्थल पहुंचे।
यह लगभग दो दशकों बाद किसी पोप की फ्रांस की पहली आधिकारिक यात्रा है, जो 25 सितंबर को शुरू हुई।
पोप ने एआई के बढ़ते प्रभाव पर चेतावनी दी — कहा कि मशीनों के बीच मानवता नहीं खोनी चाहिए।
लूर्द में रविवार को पोप की 7 यौन शोषण पीड़ितों से मुलाकात प्रस्तावित; यात्रा 28 सितंबर को मेट्ज़ में समाप्त होगी।

पोप लियो XIV ने 27 सितंबर 2026 को फ्रांस की राजधानी पेरिस के प्लेस द ला कॉनकॉर्ड में खुले आसमान के नीचे एक विशाल प्रार्थना सभा का नेतृत्व किया, जिसमें अनुमानित 7 लाख श्रद्धालु उपस्थित रहे। यह पल उनकी चार दिवसीय फ्रांस यात्रा का सबसे भव्य और भावनात्मक कार्यक्रम रहा — और लगभग दो दशकों बाद किसी पोप की फ्रांस की पहली आधिकारिक यात्रा का केंद्रबिंदु भी।

भव्य आयोजन: अनुमान से कहीं अधिक उपस्थिति

वेटिकन के अनुसार, इस धार्मिक आयोजन में पंजीकरण कराने वालों की संख्या करीब 6 लाख थी, लेकिन वास्तविक उपस्थिति उससे भी अधिक रही। पोप पॉपमोबाइल से पेरिस की विश्वप्रसिद्ध एवेन्यू डेस शांज-एलीजे से होते हुए कार्यक्रम स्थल पहुंचे। करीब 1.9 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर श्रद्धालुओं ने झंडे लहराकर उनका उत्साहपूर्ण स्वागत किया।

गौरतलब है कि एक दिन पहले, शुक्रवार को भी पोप के पॉपमोबाइल से गुज़रने के दौरान करीब 3 लाख लोगों के सड़कों पर मौजूद रहने का अनुमान लगाया गया था। इसके अलावा पोप ने प्रतिष्ठित नोट्रे-डाम कैथेड्रल में भी एक कार्यक्रम में भाग लिया।

यात्रा का कार्यक्रम: लूर्द और मेट्ज़ में भी रुकेंगे पोप

पोप लियो XIV की यह यात्रा 25 सितंबर 2026 को शुरू हुई थी। पेरिस में प्रार्थना सभा के बाद वे शनिवार शाम तीर्थ नगरी लूर्द पहुंचे, जहाँ रविवार को धार्मिक कार्यक्रम निर्धारित हैं। उनकी यात्रा 28 सितंबर को मेट्ज़ में समाप्त होगी, जहाँ भी सार्वजनिक और धार्मिक कार्यक्रमों की योजना है।

एआई पर चेतावनी: 'मशीनों की दुनिया में इंसानियत न खोएं'

इस यात्रा के दौरान पोप लियो XIV ने केवल धर्म तक खुद को सीमित नहीं रखा — उन्होंने आधुनिक तकनीक, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव पर भी गंभीर चेतावनी दी। उन्होंने कहा, 'मशीनों की दुनिया के बढ़ते प्रभाव के बीच इंसान को अपनी मानवता नहीं खोनी चाहिए।' पोप पहले भी एआई के विकास में मानवीय गरिमा और शांति को केंद्र में रखने की ज़रूरत पर ज़ोर दे चुके हैं।

यौन शोषण पीड़ितों से मुलाकात: जवाबदेही का संदेश

पोप की यह फ्रांस यात्रा ऐसे संवेदनशील दौर में हो रही है जब देश में कैथोलिक चर्च की भूमिका और उसके सामाजिक प्रभाव को लेकर व्यापक बहस जारी है। लूर्द में रविवार को पोप का उन 7 लोगों से मिलना प्रस्तावित है जिन्होंने पादरियों या चर्च से जुड़े व्यक्तियों द्वारा यौन शोषण का सामना किया है। यह मुलाकात चर्च की जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब फ्रांस में धर्मनिरपेक्षता और कैथोलिक आस्था के बीच तनाव की खबरें बीच-बीच में आती रही हैं। 28 सितंबर को मेट्ज़ में यात्रा के समापन के साथ, पोप लियो XIV की फ्रांस यात्रा यूरोप में कैथोलिक चर्च की उपस्थिति और प्रासंगिकता को नए सिरे से रेखांकित करने वाली मानी जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि इसकी बहुआयामीता है — एक ही दौरे में जनसमूह को जोड़ना, एआई पर नैतिक सवाल उठाना और यौन शोषण पीड़ितों से मिलने की हिम्मत दिखाना, तीनों एक साथ। फ्रांस जैसे सख्त धर्मनिरपेक्ष देश में 7 लाख लोगों का जुटना बताता है कि कैथोलिक चर्च की 'अप्रासंगिकता' की घोषणाएं समय से पहले थीं। लेकिन असली कसौटी लूर्द की वह मुलाकात होगी — जहाँ पोप उन लोगों के सामने होंगे जिन्हें चर्च की संस्था ने ही घाव दिए। यदि यह सांकेतिक कदम से आगे बढ़कर ठोस जवाबदेही में बदलता है, तभी यह यात्रा इतिहास में दर्ज होगी।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पोप लियो XIV की पेरिस प्रार्थना सभा में कितने लोग शामिल हुए?
27 सितंबर 2026 को पेरिस के प्लेस द ला कॉनकॉर्ड में आयोजित इस प्रार्थना सभा में अनुमानित 7 लाख श्रद्धालु शामिल हुए। पंजीकरण करीब 6 लाख लोगों का हुआ था, लेकिन वास्तविक उपस्थिति उससे अधिक रही।
पोप लियो XIV की फ्रांस यात्रा कब से कब तक है?
पोप लियो XIV की फ्रांस यात्रा 25 सितंबर 2026 को शुरू हुई और 28 सितंबर 2026 को मेट्ज़ में समाप्त होगी। यह लगभग दो दशकों बाद किसी पोप की फ्रांस की पहली आधिकारिक यात्रा है।
पोप लियो XIV ने एआई पर क्या कहा?
पोप लियो XIV ने फ्रांस यात्रा के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि 'मशीनों की दुनिया के बढ़ते प्रभाव के बीच इंसान को अपनी मानवता नहीं खोनी चाहिए।' वे पहले भी एआई विकास में मानवीय गरिमा को केंद्र में रखने की ज़रूरत पर ज़ोर दे चुके हैं।
लूर्द में पोप की किससे मुलाकात प्रस्तावित है?
रविवार को लूर्द में पोप लियो XIV की उन 7 लोगों से मुलाकात प्रस्तावित है जिन्होंने पादरियों या चर्च से जुड़े व्यक्तियों द्वारा यौन शोषण का सामना किया है। यह मुलाकात कैथोलिक चर्च की जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पोप लियो XIV पेरिस में किस मार्ग से कार्यक्रम स्थल पहुंचे?
पोप लियो XIV पॉपमोबाइल से पेरिस की प्रसिद्ध एवेन्यू डेस शांज-एलीजे से होते हुए प्लेस द ला कॉनकॉर्ड पहुंचे। यह मार्ग करीब 1.9 किलोमीटर लंबा था, जहाँ रास्ते भर श्रद्धालुओं ने झंडे लहराकर उनका स्वागत किया।
राष्ट्र प्रेस
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