5 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

प्रमिला जयपाल ने छठी बार जीता अमेरिकी मिडटर्म चुनाव, वाशिंगटन की 7वीं सीट पर 88% वोट

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
प्रमिला जयपाल ने छठी बार जीता अमेरिकी मिडटर्म चुनाव, वाशिंगटन की 7वीं सीट पर 88% वोट

सारांश

प्रमिला जयपाल की यह छठी जीत महज एक चुनावी जीत नहीं — यह अमेरिकी राजनीति में दक्षिण एशियाई प्रतिनिधित्व की बढ़ती धारा का प्रतीक है। 88% वोट और पिया डंडिया की फ्लोरिडा जीत के साथ, अब प्रतिनिधि सभा में तीन दक्षिण एशियाई महिलाएँ हैं — एक बदलाव जो एक दशक पहले कल्पना से परे था।

मुख्य बातें

प्रमिला जयपाल ने 4 नवंबर 2026 को वाशिंगटन राज्य के 7वें कांग्रेसनल जिले से छठी बार जीत दर्ज की।
उन्हें लगभग 88 प्रतिशत वोट मिले, जबकि रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी नीरव शेठ को केवल 12 प्रतिशत वोट मिले।
वह अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में निर्वाचित पहली दक्षिण एशियाई-अमेरिकी महिला हैं और एकमात्र पूर्व एच-1बी वीज़ाधारक सांसद हैं।
फ्लोरिडा से पिया डंडिया की जीत के साथ प्रतिनिधि सभा में अब तीन दक्षिण एशियाई-अमेरिकी महिलाएँ हो गई हैं।
जनवरी 2025 से सितंबर 2026 के बीच जयपाल ने 96 प्रतिशत मामलों में डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ मतदान किया।
वह मेडिकेयर फॉर ऑल एक्ट की प्रमुख प्रायोजक हैं और रिपब्लिकन आव्रजन विधेयकों तथा रक्षा बजट के विरोध में मतदान कर चुकी हैं।

भारतीय मूल की डेमोक्रेट नेता प्रमिला जयपाल ने 4 नवंबर 2026 को अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में वाशिंगटन राज्य के 7वें कांग्रेसनल जिले से लगातार छठी बार जीत दर्ज की। वह अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए निर्वाचित होने वाली पहली दक्षिण एशियाई-अमेरिकी महिला हैं और अमेरिकी कांग्रेस की एकमात्र ऐसी सदस्य हैं जिनके पास कभी स्टूडेंट वीज़ा और एच-1बी वर्क वीज़ा दोनों रहे हैं।

चुनाव परिणाम और वोटों का अंतर

विजेता घोषित किए जाने के समय तक लगभग 54 प्रतिशत मतों की गिनती पूरी हो चुकी थी। उस स्थिति में जयपाल को करीब 88 प्रतिशत वोट मिले थे, जबकि उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी नीरव शेठ को महज 12 प्रतिशत वोट ही मिल सके। इस भारी जीत के साथ जयपाल उस प्रतिनिधि सभा में वापस लौटेंगी जहाँ अब डेमोक्रेटिक पार्टी का बहुमत होगा।

संसदीय समितियों में जयपाल की भूमिका

जयपाल न्यायिक समिति की आव्रजन उपसमिति की वरिष्ठ डेमोक्रेट सदस्य हैं। वह विदेश मामलों की समिति की दक्षिण एवं मध्य एशिया उपसमिति और बजट समिति की भी सदस्य हैं। वह कांग्रेसनल एशियन पैसिफिक अमेरिकन कॉकस की इमिग्रेशन टास्क फोर्स की अध्यक्ष हैं और पूर्व में कांग्रेसनल प्रोग्रेसिव कॉकस की अध्यक्ष रह चुकी हैं, अब वह उसकी मानद अध्यक्ष (चेयर एमेरिटा) हैं।

दक्षिण एशियाई प्रतिनिधित्व का विस्तार

चुनाव की रात जयपाल ने फ्लोरिडा से विजयी पिया डंडिया का स्वागत किया और बताया कि डंडिया अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में पहुँचने वाली तीसरी दक्षिण एशियाई-अमेरिकी महिला हैं — इस क्रम में जयपाल स्वयं और आयशा वहाब पहले से शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में दक्षिण एशियाई समुदाय की राजनीतिक सक्रियता लगातार बढ़ रही है।

आव्रजन और नीतिगत रुख

जयपाल ने अपने प्रवासी जीवन के अनुभव को आधार बनाते हुए ट्रंप प्रशासन की कानूनी आव्रजन को सीमित करने वाली नीतियों का लगातार विरोध किया है। दिसंबर 2025 की एक संसदीय सुनवाई में उन्होंने कहा था कि प्रशासन कानूनी आव्रजन के रास्ते बंद कर रहा है, और यह भेदभावपूर्ण नीतियों की याद दिलाता है। उन्होंने एच-1बी वीज़ा शुल्क को एक लाख डॉलर तक बढ़ाने जैसे कदमों की भी आलोचना की है। उसी सुनवाई में उन्होंने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ की निंदा करते हुए कहा था कि इससे भारत की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँच रहा है और अमेरिकी कारोबारियों तथा उपभोक्ताओं पर भी असर पड़ रहा है।

मतदान रिकॉर्ड और प्रमुख विधेयक

रिकॉर्ड के अनुसार, जनवरी 2025 से सितंबर 2026 के बीच प्रतिनिधि सभा की वोटिंग में जयपाल ने लगभग 96 प्रतिशत मामलों में डेमोक्रेटिक पार्टी के बहुमत के साथ मतदान किया। इस अवधि में उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के सभी प्रमुख आव्रजन विधेयकों, 2026 और 2027 के रक्षा बजट विधेयकों, रिपब्लिकन रिकंसिलिएशन बिल और जनवरी 2026 के खर्च पैकेज के खिलाफ वोट दिया। वह मेडिकेयर फॉर ऑल एक्ट की प्रमुख प्रायोजक हैं और कॉलेज फॉर ऑल एक्ट, अल्ट्रा-मिलियनेयर टैक्स एक्ट तथा डिग्निटी फॉर डिटेन्ड इमिग्रेंट्स एक्ट जैसी पहलों की भी प्रमुख समर्थक हैं।

गौरतलब है कि जयपाल का जन्म भारत में हुआ था और उन्होंने अपना बचपन भारत, इंडोनेशिया और सिंगापुर में बिताया। 16 वर्ष की आयु में वह उच्च शिक्षा के लिए अकेले अमेरिका गईं, जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी से स्नातक और नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री हासिल की। 2023 के एक बयान में उन्होंने कहा था कि वह लगभग तीन दशक तक भारत की नागरिक रहीं। अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद उन्होंने कहा था, 'यह हिंसा पूरी तरह अस्वीकार्य है। मैं पहलगाम में हुए उस भयानक हमले की निंदा करती हूँ, जिसमें निर्दोष लोगों की जान गई।' उनकी यह जीत दर्शाती है कि अमेरिकी राजनीति में भारतीय-अमेरिकी आवाज़ें और मज़बूत होती जा रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कहानी उनकी व्यक्तिगत जीत से परे है — यह अमेरिकी राजनीति में दक्षिण एशियाई प्रतिनिधित्व की संस्थागत होती प्रक्रिया है। पिया डंडिया की फ्लोरिडा जीत के साथ एक ही चुनावी चक्र में तीन दक्षिण एशियाई महिलाओं का प्रतिनिधि सभा में होना कोई संयोग नहीं। गौरतलब है कि जयपाल ट्रंप प्रशासन की आव्रजन नीतियों और भारतीय उत्पादों पर टैरिफ — दोनों मोर्चों पर मुखर रही हैं, जो भारत-अमेरिका संबंधों के लिए भी प्रासंगिक है। यह देखना दिलचस्प होगा कि डेमोक्रेटिक बहुमत वाली प्रतिनिधि सभा में उनकी नीतिगत प्राथमिकताएँ — मेडिकेयर फॉर ऑल से लेकर एच-1बी सुधार तक — कितना आकार ले पाती हैं।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रमिला जयपाल कौन हैं और उनका भारत से क्या संबंध है?
प्रमिला जयपाल भारत में जन्मी डेमोक्रेट नेता हैं जो अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए निर्वाचित होने वाली पहली दक्षिण एशियाई-अमेरिकी महिला हैं। 2023 के एक बयान में उन्होंने कहा था कि वह लगभग तीन दशक तक भारत की नागरिक रहीं और भारत उनका जन्मस्थान है जहाँ उनके माता-पिता आज भी रहते हैं।
2026 के मिडटर्म चुनाव में प्रमिला जयपाल को कितने वोट मिले?
विजेता घोषित होने के समय तक करीब 54 प्रतिशत मतों की गिनती में जयपाल को लगभग 88 प्रतिशत वोट मिले थे, जबकि रिपब्लिकन उम्मीदवार नीरव शेठ को करीब 12 प्रतिशत वोट मिले। यह वाशिंगटन राज्य के 7वें कांग्रेसनल जिले में उनकी छठी लगातार जीत है।
प्रमिला जयपाल की एच-1बी वीज़ा पर क्या स्थिति है?
जयपाल अमेरिकी कांग्रेस की एकमात्र ऐसी सदस्य हैं जिनके पास कभी स्टूडेंट वीज़ा और एच-1बी वर्क वीज़ा दोनों रहे हैं। उन्होंने ट्रंप प्रशासन द्वारा एच-1बी वीज़ा शुल्क को एक लाख डॉलर तक बढ़ाने जैसे कदमों की आलोचना की है और कानूनी आव्रजन को सीमित करने वाली नीतियों का लगातार विरोध किया है।
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में अब कितनी दक्षिण एशियाई महिलाएँ हैं?
2026 के मिडटर्म चुनाव के बाद अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में तीन दक्षिण एशियाई-अमेरिकी महिलाएँ हो गई हैं — प्रमिला जयपाल, आयशा वहाब, और फ्लोरिडा से नव-निर्वाचित पिया डंडिया। चुनाव की रात जयपाल ने स्वयं इस ऐतिहासिक क्षण का उल्लेख किया।
प्रमिला जयपाल किन प्रमुख विधेयकों से जुड़ी हैं?
जयपाल मेडिकेयर फॉर ऑल एक्ट की प्रमुख प्रायोजक हैं। वह कॉलेज फॉर ऑल एक्ट, अल्ट्रा-मिलियनेयर टैक्स एक्ट और डिग्निटी फॉर डिटेन्ड इमिग्रेंट्स एक्ट जैसी प्रगतिशील पहलों की भी प्रमुख समर्थक रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 7 घंटे पहले
  2. 15 घंटे पहले
  3. 16 घंटे पहले
  4. 17 घंटे पहले
  5. 19 घंटे पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले