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इमरान खान की रिहाई के लिए 5 अगस्त को पीटीआई का देशव्यापी आंदोलन, लाहौर में अनुमति को लेकर अदालत जाएगी पार्टी

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इमरान खान की रिहाई के लिए 5 अगस्त को पीटीआई का देशव्यापी आंदोलन, लाहौर में अनुमति को लेकर अदालत जाएगी पार्टी

सारांश

इमरान खान की जेल में तीन साल पूरे होने पर पीटीआई ने 5 अगस्त को देशव्यापी आंदोलन का बिगुल फूंका है। लाहौर प्रशासन की चुप्पी के बाद पार्टी अदालत जाएगी। जनसभाएं, विरोध प्रदर्शन और लंबा मार्च — पाकिस्तान में सियासी तापमान एक बार फिर चढ़ने को तैयार है।

मुख्य बातें

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने 5 अगस्त 2026 को देशव्यापी जन आंदोलन का ऐलान किया है।
5 अगस्त को इमरान खान की गिरफ्तारी के तीन साल पूरे होंगे; आंदोलन का आह्वान स्वयं इमरान और उनकी बहनों की ओर से है।
लाहौर के डिप्टी कमिश्नर सैयद मूसा रज़ा द्वारा अनुमति आवेदन पर जवाब न मिलने पर पीटीआई अदालत का रुख करेगी।
महासचिव सलमान अकरम राजा के अनुसार इमरान खान को एकांत में रखा गया है और 300 से अधिक मामलों के बावजूद वकीलों से मुलाकात नहीं मिल रही।
आंदोलन में जनसभाएं, विरोध प्रदर्शन और लंबा मार्च शामिल होंगे; रणनीति में महमूद खान अचकजई और अल्लामा राजा नासिर अब्बास की राय ली जाएगी।

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने 5 अगस्त 2026 को देशव्यापी जन आंदोलन का ऐलान किया है — वह तारीख जब पार्टी के संस्थापक इमरान खान की जेल में तीन साल पूरे हो जाएंगे। लाहौर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति के लिए डिप्टी कमिश्नर की ओर से कोई जवाब न मिलने पर पार्टी ने अदालत का दरवाज़ा खटखटाने का फैसला किया है।

अदालत का रुख क्यों

लाहौर के डिप्टी कमिश्नर सैयद मूसा रज़ा को पीटीआई ने शांतिपूर्ण सभा की अनुमति के लिए आवेदन दिया था, लेकिन अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। लाहौर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीटीआई लाहौर के अध्यक्ष मियां अकरम उस्मान ने कहा, "इस चुप्पी के खिलाफ हम अदालत जाएंगे और पाँच अगस्त की अपनी योजना को आगे बढ़ाएंगे।"

यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान में सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच तनाव चरम पर है, और पीटीआई के कई नेता विभिन्न मामलों में न्यायिक प्रक्रियाओं से जूझ रहे हैं।

इमरान खान की स्थिति पर पार्टी के आरोप

पीटीआई के महासचिव सलमान अकरम राजा ने आरोप लगाया कि इमरान खान को एकांत में रखा गया है और उन्हें अपने वकीलों से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही, जबकि उनके खिलाफ 300 से अधिक मामले विचाराधीन हैं। उन्होंने कहा, "26वें संवैधानिक संशोधन के बाद अदालतों से न्याय की उम्मीद करना खुद को धोखा देना है।" सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

आंदोलन की रूपरेखा

पीटीआई की संसदीय समिति ने खैबर पख्तूनख्वा में पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष बैरिस्टर गोहर अली खान की अध्यक्षता में हुई बैठक में 5 अगस्त से देशभर में आंदोलन शुरू करने का फैसला किया। सलमान अकरम राजा के अनुसार, इस आंदोलन में जनसभाएं, विरोध प्रदर्शन और लंबा मार्च शामिल होंगे। रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए महमूद खान अचकजई और अल्लामा राजा नासिर अब्बास की राय भी ली जाएगी।

गौरतलब है कि यह आंदोलन का आह्वान स्वयं इमरान खान और उनकी बहनों की ओर से किया गया है।

इमरान खान और बुशरा बीबी की सेहत पर चिंता

बैरिस्टर गोहर अली खान ने बताया कि बैठक में इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की स्वास्थ्य स्थिति पर भी चर्चा हुई। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान में अन्याय का सिलसिला बंद होना चाहिए और अदालतें इमरान खान को न्याय नहीं दे रही हैं — हालांकि ये आरोप पीटीआई के दृष्टिकोण से हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

आगे क्या होगा

पीटीआई का अदालत में जाने का निर्णय यह तय करेगा कि 5 अगस्त का प्रदर्शन लाहौर में आधिकारिक अनुमति के साथ होगा या बिना। यदि अदालत अनुमति देती है, तो यह पार्टी के लिए बड़ी कानूनी जीत होगी; यदि नहीं, तो टकराव की आशंका और बढ़ेगी। 5 अगस्त इमरान खान की गिरफ्तारी की तीसरी वर्षगांठ है, जो इस तारीख को प्रतीकात्मक रूप से और भी महत्वपूर्ण बनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पार्टी को नैतिक ऊंचाई देती है। लेकिन असली सवाल यह है कि 26वें संवैधानिक संशोधन के बाद न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर खुद पीटीआई नेताओं ने जो संदेह जताया है, उसी न्यायपालिका से राहत की उम्मीद कितनी यथार्थवादी है। इमरान खान की गिरफ्तारी के तीन साल बाद भी पार्टी की जमीनी ताकत बनाम सरकारी दबाव का यह टकराव पाकिस्तान की लोकतांत्रिक संस्थाओं की परीक्षा है — और 5 अगस्त की भीड़ यह बताएगी कि जनसमर्थन अभी भी पीटीआई के साथ है या नहीं।
RashtraPress
10 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीटीआई 5 अगस्त को आंदोलन क्यों कर रही है?
5 अगस्त 2026 को इमरान खान की गिरफ्तारी के तीन साल पूरे हो रहे हैं। पीटीआई ने इस तारीख को उनकी रिहाई और अन्य मांगों को लेकर देशव्यापी जन आंदोलन के लिए चुना है, जिसमें जनसभाएं, विरोध प्रदर्शन और लंबा मार्च शामिल होंगे।
पीटीआई को लाहौर में प्रदर्शन की अनुमति क्यों नहीं मिली?
पीटीआई ने लाहौर के डिप्टी कमिश्नर सैयद मूसा रज़ा को शांतिपूर्ण सभा की अनुमति के लिए आवेदन दिया था, लेकिन 26 जुलाई तक कोई जवाब नहीं मिला। इसी चुप्पी के खिलाफ पार्टी ने अदालत का रुख करने का फैसला किया है।
इमरान खान की मौजूदा स्थिति क्या है?
पीटीआई के महासचिव सलमान अकरम राजा के अनुसार, इमरान खान को एकांत में रखा गया है और उन्हें अपने वकीलों से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही, जबकि उनके खिलाफ 300 से अधिक मामले विचाराधीन हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
5 अगस्त के आंदोलन में कौन-कौन शामिल होगा?
आंदोलन का आह्वान इमरान खान और उनकी बहनों की ओर से किया गया है। रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए महमूद खान अचकजई और अल्लामा राजा नासिर अब्बास की राय ली जाएगी। पीटीआई को उम्मीद है कि देश के लोग बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरेंगे।
26वें संवैधानिक संशोधन का पीटीआई के लिए क्या मतलब है?
पीटीआई के महासचिव सलमान अकरम राजा ने कहा है कि 26वें संवैधानिक संशोधन के बाद अदालतों से न्याय की उम्मीद करना कठिन है। यह संशोधन न्यायपालिका की संरचना से जुड़ा है और पीटीआई इसे अपने नेताओं के खिलाफ इस्तेमाल होने वाला हथियार मानती है।
राष्ट्र प्रेस
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