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पूर्वी एशिया में 'नया सैन्यवाद' तबाही लाएगा — चीनी रक्षा मंत्रालय का जापान पर कड़ा प्रहार

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पूर्वी एशिया में 'नया सैन्यवाद' तबाही लाएगा — चीनी रक्षा मंत्रालय का जापान पर कड़ा प्रहार

सारांश

चीनी रक्षा मंत्रालय ने जापान को सीधी चेतावनी दी है — अमेरिका के साथ बढ़ता सैन्य सहयोग और अंतरिक्ष हथियारीकरण पूर्वी एशिया को अस्थिर कर रहा है। शांतिवादी संविधान की सीमाओं को तोड़ने का आरोप लगाते हुए बीजिंग ने क्षेत्रीय देशों से जापान पर लगाम लगाने की अपील की।

मुख्य बातें

चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता च्यांग पिन ने 28 मई को पूर्वी एशिया में 'नए सैन्यवाद' को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की।
अमेरिका और जापान के बीच दक्षिण-पश्चिमी द्वीपों में हुए संयुक्त सैन्य अभ्यास पर चीन ने कड़ी आपत्ति जताई।
चीन ने आरोप लगाया कि जापान अपने शांतिवादी संविधान की सीमाएँ तोड़कर बड़े पैमाने पर अंतरिक्ष सैन्य बल तैनात कर रहा है।
जापान पर अंतरिक्ष सैन्य खुफिया प्रणाली विकसित करने और संयुक्त अंतरिक्ष अभ्यास करने का आरोप लगाया गया।
चीन ने चेताया कि इससे वैश्विक रणनीतिक स्थिरता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता च्यांग पिन ने 28 मई को चेतावनी दी कि पूर्वी एशिया में उभरता 'नया सैन्यवाद' पूरे क्षेत्र में अराजकता और तबाही का कारण बन सकता है। यह बयान दक्षिण-पश्चिमी द्वीपों में अमेरिका और जापान के बीच हाल ही में संपन्न हुए संयुक्त सैन्य अभ्यास की पृष्ठभूमि में आया है। प्रवक्ता ने कहा कि सभी शांतिप्रिय देशों को जापान को उसकी 'कुटिल कार्रवाइयाँ' जारी रखने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।

चीन का मुख्य आरोप

च्यांग पिन ने स्पष्ट किया कि चीन का यह सुस्थापित रुख रहा है कि किसी भी देश के बीच सैन्य सहयोग किसी तीसरे पक्ष के हितों को नुकसान नहीं पहुँचाना चाहिए, और न ही क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता को खतरे में डालना चाहिए। उन्होंने जापानी दक्षिणपंथी ताकतों पर आरोप लगाया कि वे सैन्य व सुरक्षा क्षेत्रों में लगातार उकसावे वाले परीक्षण और 'खतरनाक प्रगति' कर रही हैं।

अंतरिक्ष सैन्यीकरण पर चिंता

जापानी रक्षा मंत्रालय द्वारा अपनी अंतरिक्ष रक्षा क्षमताओं को मज़बूत करने की घोषणा पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए च्यांग पिन ने कहा कि हाल के वर्षों में जापान सैन्य विस्तार के पथ पर तेज़ी से आगे बढ़ा है। उनके अनुसार, जापान ने धीरे-धीरे अपने शांतिवादी संविधान की सीमाओं को तोड़ते हुए बड़े पैमाने पर अंतरिक्ष सैन्य बलों की तैनाती की है।

प्रवक्ता के अनुसार, जापान के सत्ताधारी अधिकारियों ने अंतरिक्ष में वित्तीय निवेश लगातार बढ़ाया है, अन्य देशों के साथ मिलकर संयुक्त अंतरिक्ष सैन्य अभ्यास किए हैं और एक अंतरिक्ष सैन्य खुफिया प्रणाली विकसित की है। उन्होंने यह भी कहा कि जापान 'रक्षा' के बहाने अंतरिक्ष हथियारों का विकास और तैनाती करने का प्रयास कर रहा है।

वैश्विक रणनीतिक स्थिरता पर असर

च्यांग पिन ने आगाह किया कि इन गतिविधियों से अंतरिक्ष में शस्त्रीकरण और हथियारों की होड़ का खतरा बढ़ गया है, जिसका वैश्विक रणनीतिक स्थिरता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के बीच सैन्य सहयोग तेज़ी से बढ़ रहा है।

क्या होगा आगे

गौरतलब है कि चीन और जापान के बीच पूर्वी चीन सागर में क्षेत्रीय विवाद पहले से ही तनावपूर्ण है। चीनी रक्षा मंत्रालय की यह तीखी प्रतिक्रिया क्षेत्र में कूटनीतिक तनाव को और गहरा कर सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका-जापान सैन्य अभ्यासों की बढ़ती आवृत्ति और चीन की आक्रामक प्रतिक्रियाएँ मिलकर पूर्वी एशिया में एक नई सुरक्षा दुविधा को जन्म दे रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसी समय दक्षिण चीन सागर में उसकी अपनी सैन्य गतिविधियाँ अंतरराष्ट्रीय आलोचना का केंद्र हैं। मुख्यधारा की कवरेज इस बात को नज़रअंदाज़ करती है कि जापान की अंतरिक्ष रक्षा क्षमताओं का विस्तार काफी हद तक चीन और उत्तर कोरिया की बढ़ती मिसाइल क्षमताओं की प्रतिक्रिया है। एशिया-प्रशांत में सुरक्षा दुविधा अब केवल द्विपक्षीय नहीं रही — यह बहुध्रुवीय हथियार होड़ का रूप ले रही है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन ने जापान और अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास पर क्या कहा?
चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता च्यांग पिन ने 28 मई को कहा कि दक्षिण-पश्चिमी द्वीपों में हुआ यह संयुक्त अभ्यास क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा है। उन्होंने सभी शांतिप्रिय देशों से जापान की 'कुटिल कार्रवाइयों' को रोकने की अपील की।
चीन ने जापान के 'नए सैन्यवाद' से क्या आशय लगाया?
च्यांग पिन के अनुसार, जापान की दक्षिणपंथी ताकतें सैन्य और सुरक्षा क्षेत्रों में उकसावे वाले परीक्षण कर रही हैं और शांतिवादी संविधान की सीमाओं को धीरे-धीरे तोड़ रही हैं। इसे ही चीन 'नया सैन्यवाद' कह रहा है, जो उसके अनुसार पूर्वी एशिया में अराजकता पैदा कर सकता है।
जापान की अंतरिक्ष रक्षा क्षमताओं पर चीन की क्या आपत्ति है?
चीन का आरोप है कि जापान बड़े पैमाने पर अंतरिक्ष सैन्य बल तैनात कर रहा है, एक अंतरिक्ष सैन्य खुफिया प्रणाली विकसित कर रहा है और 'रक्षा' के बहाने अंतरिक्ष हथियार विकसित करने का प्रयास कर रहा है। चीन का कहना है कि इससे अंतरिक्ष में शस्त्रीकरण और हथियारों की होड़ का खतरा बढ़ रहा है।
क्या चीन के इस बयान का क्षेत्रीय कूटनीति पर असर पड़ेगा?
विशेषज्ञों के अनुसार, चीनी रक्षा मंत्रालय की यह तीखी प्रतिक्रिया पूर्वी एशिया में पहले से तनावपूर्ण कूटनीतिक माहौल को और जटिल बना सकती है। पूर्वी चीन सागर में चीन-जापान के बीच क्षेत्रीय विवाद इस तनाव को और गहरा करता है।
चीन का यह बयान किस संदर्भ में आया है?
यह बयान अमेरिका-जापान के बीच दक्षिण-पश्चिमी द्वीपों में हुए हालिया संयुक्त सैन्य अभ्यास और जापान के रक्षा मंत्रालय द्वारा अंतरिक्ष रक्षा क्षमताएँ मज़बूत करने की घोषणा के बाद आया है। यह ऐसे समय में है जब एशिया-प्रशांत में अमेरिकी सहयोगी देशों के साथ सैन्य सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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