25 सितंबर 2026
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इमरान खान के बेटे कासिम की अपील: 27 सितंबर को अदियाला जेल के पास न जाएँ पीटीआई समर्थक

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इमरान खान के बेटे कासिम की अपील: 27 सितंबर को अदियाला जेल के पास न जाएँ पीटीआई समर्थक

सारांश

इमरान खान के बेटे कासिम का डर निराधार नहीं है — पीटीआई के हर बड़े मार्च से पहले पाकिस्तानी प्रतिष्ठान ने दमन की रणनीति अपनाई है। 27 सितंबर से पहले 150+ गिरफ्तारियाँ, इंटरनेट बंदी और 10,600 पुलिसकर्मियों की तैनाती बताती है कि यह मुकाबला सिर्फ सड़क पर नहीं, कानूनी और डिजिटल मोर्चे पर भी है।

मुख्य बातें

कासिम खान ने 25 सितंबर 2026 को एक्स पर पोस्ट कर पीटीआई समर्थकों से 27 सितंबर को अदियाला जेल के पास न जाने की अपील की।
कासिम को आशंका है कि जेल के पास भीड़ से प्रतिष्ठान को 'काउंटर अटैक' का बहाना मिल सकता है, जिससे इमरान खान की जान को खतरा हो सकता है।
पुलिस ने रावलपिंडी डिवीजन में 150 से अधिक पीटीआई नेता-कार्यकर्ता हिरासत में लिए; 463 और की तलाश जारी।
पंजाब सरकार ने 23 सितंबर से 5 अक्टूबर तक सार्वजनिक सभाओं पर 13 दिन का प्रतिबंध लगाया; 10,600+ पुलिसकर्मी तैनात।
लाहौर हाईकोर्ट ने इमरान खान की बहनों उजमा खान और नोरीन नियाजी के हिरासत आदेश निलंबित करने की याचिका खारिज की।
इमरान खान अगस्त 2023 से अदियाला जेल में बंद हैं; पीटीआई उनकी सजाओं को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताती है।

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटे कासिम खान ने 25 सितंबर 2026 को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के समर्थकों से आग्रह किया कि वे 27 सितंबर को इस्लामाबाद की ओर प्रस्तावित लॉन्ग मार्च के दौरान रावलपिंडी स्थित अदियाला जेल के आसपास एकत्रित न हों। कासिम ने चेतावनी दी कि जेल के निकट भीड़ जमा होना पाकिस्तानी प्रतिष्ठान को उनके पिता के विरुद्ध 'काउंटर अटैक' का बहाना दे सकता है, जिससे उनकी जान को सीधा खतरा हो सकता है।

कासिम खान की अपील और आशंका

कासिम खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि उन्हें सूत्रों से जानकारी मिली है कि अदियाला जेल के पास किसी भी प्रदर्शन का उपयोग प्रतिष्ठान द्वारा जेल पर 'काउंटर' हमले के बहाने के रूप में किया जा सकता है।

उन्होंने लिखा, 'मैंने सूत्रों से सुना है कि इसका इस्तेमाल प्रतिष्ठान द्वारा उस जेल पर 'काउंटर' हमला करने के बहाने के रूप में किया जा सकता है, जहाँ मेरे पिता बंद हैं, जिससे उनकी जान को खतरा हो सकता है। कृपया विरोध प्रदर्शन के दौरान मेरे पिता के साथ हादसे का उन्हें कोई कारण न दें।'

पीटीआई लॉन्ग मार्च की पृष्ठभूमि

पीटीआई का यह मार्च इमरान खान की रिहाई की माँग को लेकर आयोजित किया जा रहा है, जो अगस्त 2023 से अदियाला जेल में बंद हैं। उनकी पार्टी के अनुसार, उन पर दर्ज सभी मामले राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं। 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के ज़रिए पद से हटाए जाने के बाद से इमरान खान को कई मामलों का सामना करना पड़ा है, जिनमें राजकीय उपहारों और कथित गैरकानूनी विवाह से जुड़े आरोप शामिल हैं।

पुलिस की व्यापक कार्रवाई और गिरफ्तारियाँ

लॉन्ग मार्च से पहले रावलपिंडी डिवीजन में पुलिस ने 150 से अधिक पीटीआई नेताओं और कार्यकर्ताओं को मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर (एमपीओ) अध्यादेश की धारा 3 के तहत हिरासत में लिया है। पुलिस अटक, चकवाल, झेलम, रावलपिंडी और मरी समेत पूरे रावलपिंडी डिवीजन में घर-घर छापेमारी कर रही है।

पाकिस्तानी दैनिक डेली डॉन ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि पुलिस 463 पीटीआई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने की सक्रियता बढ़ा चुकी है। इसके अलावा इंसाफ स्टूडेंट फेडरेशन और इंसाफ लॉयर्स फोरम के 91 नेताओं-कार्यकर्ताओं पर निगरानी रखी जा रही है और पिछले 20 दिनों में 2,000 से अधिक घरों एवं दफ्तरों की तलाशी ली जा चुकी है।

पंजाब सरकार का प्रतिबंध और इंटरनेट बंदी की तैयारी

पाकिस्तान की पंजाब सरकार ने 23 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक प्रांत में 13 दिन का सार्वजनिक सभा प्रतिबंध लागू किया है, जिसके अंतर्गत किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पाँच या अधिक लोगों के एकत्रित होने पर रोक है। रावलपिंडी में शांति बनाए रखने के लिए 10,600 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।

पंजाब सरकार ने रावलपिंडी, अटक, झेलम और मियांवाली में पाकिस्तान रेंजर्स की तैनाती का अनुरोध किया है तथा केंद्रीय गृह मंत्रालय से 27 सितंबर से इन क्षेत्रों में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएँ डाउनग्रेड करने की माँग की है। आधिकारिक नोटिफिकेशन में प्रतिबंध का कारण 'आतंकवादी या उग्रवादी समूहों द्वारा सार्वजनिक शांति और जान-माल को गंभीर और आसन्न खतरा' बताया गया है।

इमरान खान की बहनों की गिरफ्तारी और न्यायालय का फैसला

इस बीच, लाहौर हाईकोर्ट (LHC) ने गुरुवार को इमरान खान की बहनों — उजमा खान और नोरीन नियाजी — के हिरासत आदेश तत्काल निलंबित करने की याचिका खारिज कर दी। पुलिस ने लाहौर के डिप्टी कमिश्नर द्वारा एमपीओ की धारा 3 के तहत 30 दिन के हिरासत आदेश के बाद इमरान खान की तीन बहनों — अलीमा खान, नोरीन नियाजी और उजमा खान — को गिरफ्तार किया था।

27 सितंबर का यह मार्च पीटीआई की इमरान खान की रिहाई की अनवरत माँग का हिस्सा है — आने वाले घंटों में यह देखना अहम होगा कि सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच स्थिति किस दिशा में जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि वह प्रतिष्ठान से इतना भयभीत है। यह स्थिति बताती है कि पीटीआई के पास अब सड़क की राजनीति और संस्थागत दमन के बीच वास्तविक विकल्प नहीं बचे हैं। 150+ गिरफ्तारियाँ, इंटरनेट बंदी की तैयारी और पीटीआई नेताओं की बहनों की हिरासत — ये सब मिलकर एक ऐसे पैटर्न को दर्शाते हैं जो 2023 से हर बड़े प्रदर्शन से पहले दोहराया जाता है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की नज़र में यह बड़ा प्रश्न है कि पाकिस्तान का नागरिक स्थान कितना और सिकुड़ेगा।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कासिम खान ने पीटीआई समर्थकों से अदियाला जेल के पास न जाने की अपील क्यों की?
कासिम खान को सूत्रों से जानकारी मिली है कि जेल के पास भीड़ जुटने को पाकिस्तानी प्रतिष्ठान 'काउंटर अटैक' के बहाने के रूप में इस्तेमाल कर सकता है, जिससे अदियाला जेल में बंद उनके पिता इमरान खान की जान को खतरा हो सकता है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करके समर्थकों से 27 सितंबर को जेल के पास मार्च या प्रदर्शन से बचने का आग्रह किया।
पीटीआई का 27 सितंबर का लॉन्ग मार्च किस माँग को लेकर है?
पीटीआई का यह मार्च इमरान खान की रिहाई की माँग को लेकर आयोजित किया जा रहा है, जो अगस्त 2023 से अदियाला जेल में बंद हैं। पीटीआई उन पर दर्ज सभी मामलों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताती है।
पीटीआई मार्च से पहले पाकिस्तान में कितनी गिरफ्तारियाँ हुई हैं?
रावलपिंडी डिवीजन में पुलिस ने 150 से अधिक पीटीआई नेताओं और कार्यकर्ताओं को एमपीओ अध्यादेश की धारा 3 के तहत हिरासत में लिया है। सूत्रों के अनुसार पुलिस 463 पीटीआई सदस्यों को हिरासत में लेने की कोशिश में है और पिछले 20 दिनों में 2,000 से अधिक घरों की तलाशी ली जा चुकी है।
पंजाब सरकार ने सार्वजनिक सभाओं पर प्रतिबंध क्यों लगाया है?
पंजाब सरकार ने 23 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक 13 दिनों के लिए सार्वजनिक सभाओं पर प्रतिबंध लगाया है। आधिकारिक नोटिफिकेशन में कारण 'आतंकवादी या उग्रवादी समूहों द्वारा सार्वजनिक शांति और जान-माल को गंभीर और आसन्न खतरा' बताया गया है।
इमरान खान की बहनों को क्यों गिरफ्तार किया गया और अदालत ने क्या फैसला दिया?
लाहौर के डिप्टी कमिश्नर ने एमपीओ की धारा 3 के तहत 30 दिन के हिरासत आदेश जारी किए, जिसके बाद पुलिस ने इमरान खान की तीन बहनों — अलीमा खान, नोरीन नियाजी और उजमा खान — को गिरफ्तार किया। लाहौर हाईकोर्ट ने गुरुवार को उजमा खान और नोरीन नियाजी के हिरासत आदेश तत्काल निलंबित करने की याचिका खारिज कर दी।
राष्ट्र प्रेस
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