होर्मुज स्ट्रेट में 28 फरवरी से पहले की स्थिति बहाल हो — UNGA में बोले सऊदी विदेश मंत्री फैसल
सारांश
मुख्य बातें
सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद ने 27 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र की जनरल डिबेट में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में 28 फरवरी से पहले जैसी स्थिति बहाल की जानी चाहिए और जहाजों की आवाजाही पर किसी प्रकार की फीस या पाबंदी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने इस समुद्री मार्ग को वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए अपरिहार्य बताया।
मुख्य घटनाक्रम
फैसल ने अपने संबोधन में विशेष रूप से होर्मुज स्ट्रेट, बाब अल-मंदेब स्ट्रेट, लाल सागर और अदन की खाड़ी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कोई भी पक्ष इन समुद्री मार्गों को दबाव बनाने या धमकी देने के हथियार के रूप में इस्तेमाल न करे।
उन्होंने आगे कहा कि खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा पूरे इलाके और दुनिया की सुरक्षा से सीधे जुड़ी हुई है, और सऊदी अरब क्षेत्र में तनाव कम करने की समस्त पहलों और कोशिशों का समर्थन करता है।
पृष्ठभूमि: 28 फरवरी के बाद का संकट
28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़रायल ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने इज़रायल और मध्य पूर्व में कई ठिकानों को निशाना बनाया। इस संघर्ष के कारण होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही बाधित हुई, जिसका सऊदी अरब के तेल निर्यात पर गहरा असर पड़ा।
गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट से प्रतिदिन दुनिया की लगभग 20% तेल आपूर्ति गुज़रती है, जिससे इसकी बाधा का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों, सप्लाई चेन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ता है।
ईरान की सात दिन की योजना
इससे एक दिन पहले शुक्रवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में पत्रकारों को बताया कि ईरान ने कतर के माध्यम से अमेरिका को एक ठोस योजना भेजी है। इस योजना के तहत यदि आवश्यक शर्तें पूरी होती हैं, तो होर्मुज स्ट्रेट को सात दिनों के भीतर फिर से खोला जा सकता है।
अराघची के अनुसार, यह सात दिनों की समय सीमा अमेरिका की ओर से योजना स्वीकार किए जाने के तुरंत बाद शुरू होगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत अमेरिका को कुछ कदम उठाने होंगे, जिन्हें पूरा करने में ईरान के अनुमान के अनुसार चार या पाँच दिन लग सकते हैं।
अराघची ने स्पष्ट किया कि छठे दिन स्ट्रेट खोल दिया जाएगा और सातवें दिन आपसी सहमति वाले मुद्दों पर अंतिम समझौते के लिए अमेरिका के साथ वार्ता शुरू होगी। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका से जो कदम माँगे जा रहे हैं, वे नई शर्तें नहीं हैं — ये पहले ही जून में अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) में शामिल की जा चुकी हैं।
सामूहिक विनाश के हथियारों पर चेतावनी
फैसल ने अपने संबोधन में पूरे खाड़ी क्षेत्र को सामूहिक विनाश के हथियारों से मुक्त रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बनी हुई है।
आगे क्या
अब सभी की नज़रें वाशिंगटन पर हैं कि वह ईरान की कतर-मध्यस्थ योजना पर क्या प्रतिक्रिया देता है। यदि अमेरिका इस योजना को स्वीकार करता है, तो होर्मुज स्ट्रेट की बहाली वैश्विक तेल आपूर्ति और बाज़ारों को त्वरित राहत दे सकती है। क्षेत्रीय राजनय के इस नाज़ुक मोड़ पर सऊदी अरब की तटस्थ लेकिन दृढ़ आवाज़ संकट के समाधान में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।