26 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जयशंकर ने ओमान और ईरान के विदेश मंत्रियों से की मुलाकात, होर्मुज स्ट्रेट संकट पर बातचीत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जयशंकर ने ओमान और ईरान के विदेश मंत्रियों से की मुलाकात, होर्मुज स्ट्रेट संकट पर बातचीत

सारांश

होर्मुज स्ट्रेट लगभग बंद है, वैश्विक तेल व्यापार दबाव में है — और भारत दोनों पक्षों से बात कर रहा है। जयशंकर की ईरान और ओमान के विदेश मंत्रियों से मुलाकात और 'ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स' की अगुवाई, यह दर्शाती है कि नई दिल्ली इस संकट में एक सक्रिय मध्यस्थ की भूमिका में है।

मुख्य बातें

जयशंकर ने 26 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और ओमान के विदेश मंत्री बद्र बिन हमूद अल बुसैदी से अलग-अलग मुलाकात की।
होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही फरवरी 2026 से लगभग ठप है, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बमबारी की थी।
अराघची ने स्ट्रेट खोलने के लिए 7-दिन की योजना पेश की; अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कथित तौर पर इसे अस्वीकार कर दिया।
ट्रंप ने ईरान के साथ वैकल्पिक समाधान पर बात करने को लेकर ओमान को धमकी दी; ईरान भी ओमान के प्रस्ताव से पीछे हटा।
जयशंकर ने 25 देशों के राजनयिकों के साथ 'ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स' की बैठक में जहाजों और नाविकों पर हमलों की निंदा की।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 26 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के मौके पर ओमान और ईरान के विदेश मंत्रियों से अलग-अलग मुलाकात की और होर्मुज स्ट्रेट संकट तथा खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव पर विस्तृत चर्चा की। यह संकट फरवरी में अमेरिका और इजरायल की ईरान पर बमबारी के बाद से वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है।

मुख्य घटनाक्रम

जयशंकर ने पहले दिन में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से भेंट की, जिसमें खाड़ी संघर्ष से जुड़े ताज़ा घटनाक्रम पर चर्चा हुई। इसके बाद उन्होंने ओमान के विदेश मंत्री बद्र बिन हमूद अल बुसैदी से मुलाकात की, जिन्होंने खाड़ी क्षेत्र की तनावपूर्ण स्थिति से जुड़ी ताज़ा जानकारी साझा की। जयशंकर ने इन दोनों बैठकों का विवरण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया।

होर्मुज स्ट्रेट पर गतिरोध

होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही फरवरी 2026 में अमेरिका और इजरायल की बमबारी के बाद से लगभग ठप हो गई है। इस जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले वैश्विक तेल व्यापार की एक बड़ी हिस्सेदारी प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ रहा है।

इस दिन एक अहम घटनाक्रम यह रहा कि अराघची ने होर्मुज स्ट्रेट को सात दिन में खोलने की योजना पेश की और दीर्घकालिक युद्धविराम वार्ता फिर शुरू करने का प्रस्ताव रखा। हालाँकि, रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया।

ओमान की योजना और ट्रंप की धमकी

इससे पहले ओमान और ईरान के बीच एक वैकल्पिक समाधान पर बातचीत हुई थी, जिसके तहत स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क लेने और दो-लेन आवाजाही की व्यवस्था करने की योजना थी। इस प्रस्ताव के अनुसार, जहाज ईरान की ओर से खाड़ी में प्रवेश करते और ओमान की ओर से बाहर निकलते।

हालाँकि ट्रंप ने ईरान के साथ इस योजना पर बातचीत करने को लेकर ओमान को कथित तौर पर धमकी दी। अंततः ईरान भी इस बातचीत से पीछे हट गया और उसने ओमान के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। गौरतलब है कि कुछ जहाज ओमान के तट के निकट से होकर स्ट्रेट पार करने में सफल रहे हैं, जबकि ईरानी बंदरगाह अमेरिकी घेराबंदी में हैं। तेहरान ने इस रास्ते का उपयोग करने वाले कुछ जहाजों पर हमले भी किए हैं।

भारत की स्थिति और 'ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स'

जयशंकर ने समुद्री रास्तों को बंद किए जाने और जहाजों तथा नाविकों पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने यह बात 25 देशों के राजनयिकों के साथ आयोजित एक विशेष बैठक में कही, जो जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए गठित 'ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स' की शुरुआत के उपलक्ष्य में बुलाई गई थी।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत खाड़ी क्षेत्र से बड़े पैमाने पर ऊर्जा आयात करता है और इस संकट का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। भारत की सक्रिय कूटनीति यह दर्शाती है कि नई दिल्ली इस संकट के शांतिपूर्ण समाधान में रचनात्मक भूमिका निभाने का प्रयास कर रहा है।

आगे की राह

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर किसी भी टिकाऊ समाधान के लिए अमेरिका, ईरान और क्षेत्रीय मध्यस्थों के बीच सहमति ज़रूरी होगी। अराघची के प्रस्ताव की अस्वीकृति और ट्रंप की ओमान को कथित धमकी के बाद कूटनीतिक रास्ता और संकरा दिखता है। जयशंकर की ये मुलाकातें इस बात का संकेत हैं कि भारत आने वाले दिनों में भी संवाद के सभी चैनल खुले रखने की कोशिश जारी रखेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि अमेरिका ओमान को भी दबाव में रख रहा है। होर्मुज स्ट्रेट के बंद रहने से भारत के ऊर्जा आयात और समुद्री व्यापार पर सीधा असर पड़ रहा है, इसलिए भारत की इस सक्रियता में राष्ट्रीय हित भी उतना ही बड़ा है जितनी वैश्विक जिम्मेदारी।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयशंकर ने ओमान और ईरान के विदेश मंत्रियों से क्यों मुलाकात की?
जयशंकर ने 26 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र में इन दोनों देशों के विदेश मंत्रियों से होर्मुज स्ट्रेट संकट और खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव पर चर्चा के लिए मुलाकात की। ओमान और ईरान इस जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की किसी भी योजना में केंद्रीय भूमिका में हैं।
होर्मुज स्ट्रेट संकट क्या है और यह कब शुरू हुआ?
होर्मुज स्ट्रेट संकट फरवरी 2026 में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर की गई बमबारी के बाद शुरू हुआ, जिसके चलते इस अहम समुद्री रास्ते से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार का एक बड़ा मार्ग है, जिसके बंद होने से दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएँ प्रभावित हो रही हैं।
ईरान के अराघची ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए क्या प्रस्ताव रखा?
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने 7 दिनों में होर्मुज स्ट्रेट खोलने की एक योजना पेश की और साथ ही दीर्घकालिक युद्धविराम वार्ता फिर से शुरू करने का प्रस्ताव रखा। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।
ओमान की दो-लेन योजना क्यों विफल हुई?
ओमान और ईरान के बीच एक योजना पर बातचीत हुई थी जिसमें जहाजों से शुल्क लेकर दो-लेन आवाजाही की व्यवस्था करने की बात थी। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ओमान को इस योजना पर आगे बढ़ने से कथित तौर पर धमकी दी, जिसके बाद ईरान भी इस बातचीत से पीछे हट गया।
'ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स' क्या है और भारत की इसमें क्या भूमिका है?
'ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स' 25 देशों का एक कूटनीतिक मंच है जो समुद्री जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए बनाया गया है। जयशंकर ने इस समूह की उद्घाटन बैठक में जहाजों और नाविकों पर हो रहे हमलों की निंदा की, जो खाड़ी संकट में भारत की सक्रिय और रचनात्मक कूटनीतिक भूमिका को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले