होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत खोलने पर ज़ोर: साइप्रस में EU विदेश मंत्रियों की बैठक, इटली के तजानी बोले — IMEC भी एजेंडे पर
सारांश
मुख्य बातें
इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी ने 28 मई 2026 को लेमेसोस, साइप्रस में आयोजित यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक के दौरान कहा कि यूरोपीय देश होर्मुज स्ट्रेट को जल्द-से-जल्द दोबारा खोलने और इस अहम समुद्री मार्ग पर जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए किसी समझौते की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब अमेरिका और ईरान के बीच 12 हफ्तों से जारी संघर्ष वैश्विक व्यापार मार्गों पर गंभीर दबाव बना रहा है।
बैठक का एजेंडा और मुख्य घटनाक्रम
तजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'लेमेसोस, साइप्रस — यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की (अनौपचारिक) मीटिंग यूक्रेन और मिडिल ईस्ट दोनों में शांति का रास्ता मजबूत करने के लिए।' उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन का ध्यान नेविगेशन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की आज़ादी की गारंटी के लिए होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत फिर से खोलने पर केंद्रित है।
इटली के विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, इस तथाकथित 'जिमनिच' बैठक में मिडिल ईस्ट और खाड़ी क्षेत्र का वैश्विक प्रभाव, इसके सैन्य और आर्थिक परिणाम, तथा लेबनान में ईरान समर्थित संगठन हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल के युद्ध और गाजा व वेस्ट बैंक की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
रणनीतिक साझेदारों की भागीदारी
तजानी की पोस्ट के अनुसार, भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान भी इस प्रक्रिया में यूरोपीय देशों के साथ जुड़ रहे हैं। तजानी ने लिखा कि इन रणनीतिक साझेदारों के साथ मिलकर, IMEC (भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर) के माध्यम से इटली के निर्यात को बढ़ावा देने और आर्थिक विकास व रोज़गार सृजन के प्रयास जारी हैं।
IMEC की पृष्ठभूमि और मौजूदा स्थिति
2023 में भारत में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन के दौरान घोषित IMEC परियोजना को चीन की बेल्ट एंड रोड वैश्विक बुनियादी ढाँचा योजना के विकल्प के रूप में देखा जाता रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य भारत को अरब की खाड़ी से और अरब की खाड़ी को यूरोप से जहाज और रेल के ज़रिये जोड़ना है। हालाँकि, बड़ी भू-राजनीतिक और वित्तीय बाधाओं के कारण इस परियोजना में देरी हो रही है।
गौरतलब है कि पिछले हफ्ते रोम में हुई बातचीत में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने IMEC को आगे बढ़ाने और तेज़ करने पर विशेष ज़ोर दिया था। यह दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
वैश्विक व्यापार पर असर
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल और गैस व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच इस जलमार्ग पर उत्पन्न अनिश्चितता ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक मार्गों को प्रभावित किया है। यूरोपीय संघ की यह पहल संकेत देती है कि पश्चिमी देश अब इस संकट के कूटनीतिक समाधान के लिए एकजुट होकर दबाव बना रहे हैं।
आगे की राह
EU विदेश मंत्रियों की यह बैठक एक व्यापक कूटनीतिक प्रयास का हिस्सा है जो एक साथ यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संघर्ष और वैश्विक व्यापार मार्गों की सुरक्षा को संबोधित करने की कोशिश कर रही है। भारत और सऊदी अरब जैसे प्रमुख क्षेत्रीय खिलाड़ियों की संलग्नता यह दर्शाती है कि होर्मुज का मसला अब केवल द्विपक्षीय नहीं, बल्कि बहुपक्षीय कूटनीति का केंद्र बन चुका है।