सर्बिया में शी चिनफिंग के दो विशेष कार्यक्रमों का प्रसारण, वुसिक की चीन यात्रा से पहले बेलग्रेड में शुभारंभ
सारांश
मुख्य बातें
सर्बियाई राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक की चीन की आगामी राजकीय यात्रा से ठीक पहले, बेलग्रेड में चाइना मीडिया ग्रुप (CMG) द्वारा निर्मित दो विशेष कार्यक्रमों — 'शी चिनफिंग के सांस्कृतिक संबंध' और 'राष्ट्रपति शी के पत्र' — के शुभारंभ समारोह का आयोजन किया गया। यह आयोजन चीन-सर्बिया द्विपक्षीय संबंधों को सांस्कृतिक और कूटनीतिक धरातल पर और मज़बूत करने की दिशा में एक सुनियोजित कदम के रूप में देखा जा रहा है।
कार्यक्रम में क्या शामिल है
'शी चिनफिंग के सांस्कृतिक संबंध' कार्यक्रम में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाने वाली जीवंत कहानियों का चयन किया गया है। कार्यक्रम उनके इस विचार को केंद्र में रखता है कि 'एक समृद्ध राष्ट्र अपनी संस्कृति के कारण समृद्ध होता है, और एक मजबूत राष्ट्र अपनी संस्कृति के कारण मजबूत होता है।' इसके साथ ही ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं की निरंतरता के प्रति उनके दृष्टिकोण को भी रेखांकित किया गया है।
यह कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों के लिए शी चिनफिंग के सांस्कृतिक विचारों की मूल अवधारणाओं और उनके शासन दर्शन की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को सुलभ भाषा में प्रस्तुत करता है।
'राष्ट्रपति शी के पत्र' की विषयवस्तु
'राष्ट्रपति शी के पत्र' कार्यक्रम में विभिन्न देशों के कलाकारों और युवाओं को राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा लिखे गए पत्रों के चुनिंदा अंश शामिल हैं। इसमें प्रथम विश्व चीनी अध्ययन सम्मेलन को भेजा गया उनका बधाई पत्र भी सम्मिलित किया गया है। कार्यक्रम जन-मित्रता और आपसी समझ को बढ़ावा देने के उनके कूटनीतिक दर्शन को उजागर करता है।
कूटनीतिक संदर्भ
यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब सर्बिया और चीन के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार गहरी हो रही है। गौरतलब है कि राष्ट्रपति वुसिक की यह यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा देने के लिहाज़ से महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है। CMG के ये कार्यक्रम चीन की उस व्यापक 'सॉफ्ट पावर' रणनीति का हिस्सा हैं, जिसके तहत वह यूरोपीय देशों में अपनी सांस्कृतिक उपस्थिति को विस्तार दे रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय प्रभाव और आगे की राह
CMG द्वारा निर्मित ये कार्यक्रम अब बेलग्रेड में प्रसारित होने शुरू हो गए हैं। विश्लेषकों के अनुसार, इस तरह के सांस्कृतिक प्रसार कार्यक्रम चीन की विदेश नीति में 'पीपल-टू-पीपल डिप्लोमेसी' को व्यावहारिक रूप देने का माध्यम बनते जा रहे हैं। राष्ट्रपति वुसिक की यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच नए सहयोग समझौतों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।