बहुपक्षवाद पर भारत की प्रतिबद्धता: सिबी जॉर्ज ने UN महासचिव गुटेरेस से की अहम मुलाकात

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बहुपक्षवाद पर भारत की प्रतिबद्धता: सिबी जॉर्ज ने UN महासचिव गुटेरेस से की अहम मुलाकात

सारांश

विदेश सचिव सिबी जॉर्ज ने UN महासचिव गुटेरेस से मिलकर बहुपक्षवाद पर भारत का पक्ष रखा। UNSC सुधार में 26 सदस्यीय परिषद और ग्लोबल साउथ को अधिक प्रतिनिधित्व देने की वकालत की। अफ्रीकन मॉडल को भारत का समर्थन मिला।

Key Takeaways

  • विदेश सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने 23 अप्रैल 2025 को UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात की।
  • भारत ने बहुपक्षवाद के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया।
  • UNSC सुधार में भारत ने 26 सदस्यीय सुरक्षा परिषद और 11 नए सदस्यों को शामिल करने का समर्थन किया।
  • भारत ने अफ्रीकन मॉडल और एल69 व जी4 के प्रस्तावों को अपनी सहमति दी।
  • ग्लोबल साउथ को स्थायी सदस्यता श्रेणी में अधिक प्रतिनिधित्व देने की भारत ने जोरदार वकालत की।
  • इंडिया-यूएन डेवलपमेंट पार्टनरशिप फंड के माध्यम से भारत विकासशील देशों को निरंतर सहयोग दे रहा है।

नई दिल्ली, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत के विदेश सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस मुलाकात में उन्होंने बहुपक्षवाद के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित किया और ग्लोबल साउथ को वैश्विक मंच पर अधिक प्रभावशाली आवाज दिलाने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में व्यापक सुधारों को लेकर भी दोनों के बीच विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

विदेश मंत्रालय ने साझा की मुलाकात की जानकारी

भारतीय विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर इस मुलाकात की तस्वीर पोस्ट करते हुए बताया कि सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने UN महासचिव गुटेरेस से मिलकर बहुपक्षवाद के प्रति भारत की मजबूत इच्छाशक्ति को रेखांकित किया।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि दोनों नेताओं ने यूएन रिफॉर्म्स और ग्लोबल साउथ को अधिक प्रतिनिधित्व दिलाने के मुद्दे पर अपने-अपने दृष्टिकोण साझा किए। भारत ने इंडिया-यूएन डेवलपमेंट पार्टनरशिप फंड जैसी पहलों के माध्यम से इस दिशा में निरंतर सहयोग प्रदान किया है।

UNSC सुधार पर अंतर-सरकारी वार्ता में भारत की भागीदारी

इस मुलाकात से पहले सिबी जॉर्ज ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सुधारों पर आयोजित अंतर-सरकारी वार्ता (IGN) की बैठकों में सक्रिय रूप से भाग लिया। इस बैठक का केंद्र बिंदु UNSC सुधार का अफ्रीकन मॉडल था।

बैठक में सिबी जॉर्ज ने कहा कि भारत एल69 समूह की ओर से सेंट लूसिया के स्थायी प्रतिनिधि और जी4 की ओर से ब्राजील के स्थायी प्रतिनिधि द्वारा दिए गए वक्तव्यों से पूर्णतः सहमत है। उन्होंने अफ्रीकन मॉडल की प्रस्तुति का हार्दिक स्वागत किया और इसे तैयार करने में परिश्रम करने वाले अफ्रीकी मित्र देशों के प्रति आभार व्यक्त किया।

ग्लोबल साउथ के प्रतिनिधित्व पर भारत का स्पष्ट रुख

सिबी जॉर्ज ने जोर देकर कहा कि ग्लोबल साउथ के अधिक प्रतिनिधित्व की मांग, विशेषकर स्थायी सदस्यता श्रेणी में, बेहद स्पष्ट और सशक्त है। आज की भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को सही ढंग से प्रतिबिंबित करने के लिए सुरक्षा परिषद में विकासशील देशों का समुचित प्रतिनिधित्व अनिवार्य है।

उन्होंने आगे कहा कि जब तक सुरक्षा परिषद की दोनों श्रेणियों में विकासशील देशों की भागीदारी नहीं बढ़ती, तब तक वैश्विक मुद्दों पर उनकी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित नहीं हो सकती। यह विशेष रूप से उन विषयों पर लागू होता है जो इन देशों को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करते हैं।

26 सदस्यीय सुधरी हुई सुरक्षा परिषद का समर्थन

सिबी जॉर्ज ने बताया कि सुधरी हुई सुरक्षा परिषद में 26 सदस्यों का प्रस्तावित आकार भारत की राष्ट्रीय स्थिति के अनुरूप है, जैसा कि एल69 और जी4 मॉडल में भी प्रस्तावित किया गया है। उन्होंने कहा कि कार्यप्रणाली को प्रगति में बाधा नहीं बनना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि UNSC की प्रक्रिया के नियम अस्थायी हैं और दोनों श्रेणियों में 11 नए सदस्यों को शामिल करने के लिए इन्हें उचित रूप से संशोधित किया जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि एल69 समूह अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, कैरेबियन, एशिया और प्रशांत क्षेत्र के 40 से अधिक विकासशील देशों का एक प्रभावशाली गठबंधन है, जो UNSC में सुधार के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत है।

आने वाले समय में UNSC सुधार वार्ता की अगली बैठकों में भारत की स्थिति और अधिक स्पष्ट होगी। वैश्विक कूटनीतिक मंच पर भारत की बढ़ती सक्रियता यह संकेत देती है कि नई दिल्ली संयुक्त राष्ट्र में अपनी स्थायी सदस्यता की दावेदारी को और मजबूती से आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।

Point of View

बल्कि UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी को कूटनीतिक धार देने की सुनियोजित रणनीति है। ग्लोबल साउथ के नेतृत्व की भूमिका में भारत का यह कदम बताता है कि नई दिल्ली अब वैश्विक संस्थाओं के पुनर्गठन में केंद्रीय भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
NationPress
23/04/2026

Frequently Asked Questions

सिबी जॉर्ज ने एंटोनियो गुटेरेस से क्यों मुलाकात की?
भारत के विदेश सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने UN महासचिव गुटेरेस से मिलकर बहुपक्षवाद के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। इस बैठक में UNSC सुधार और ग्लोबल साउथ को अधिक प्रतिनिधित्व दिलाने पर विचार-विमर्श हुआ।
UNSC सुधार में भारत का क्या रुख है?
भारत 26 सदस्यीय सुधरी हुई सुरक्षा परिषद का समर्थन करता है और दोनों श्रेणियों में 11 नए सदस्यों को शामिल करने की वकालत करता है। भारत ने अफ्रीकन मॉडल और एल69 व जी4 के प्रस्तावों को भी अपना समर्थन दिया है।
एल69 समूह क्या है और इसमें कौन से देश शामिल हैं?
एल69 समूह अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, कैरेबियन, एशिया और प्रशांत क्षेत्र के 40 से अधिक विकासशील देशों का गठबंधन है। यह समूह UNSC में सुधार के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत है।
ग्लोबल साउथ को UNSC में अधिक प्रतिनिधित्व क्यों चाहिए?
आज की भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को सही ढंग से प्रतिबिंबित करने के लिए विकासशील देशों की सुरक्षा परिषद में अधिक भागीदारी जरूरी है। विशेष रूप से स्थायी सदस्यता श्रेणी में ग्लोबल साउथ का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की मांग जोरदार है।
इंडिया-यूएन डेवलपमेंट पार्टनरशिप फंड क्या है?
यह एक भारतीय पहल है जिसके माध्यम से भारत ग्लोबल साउथ के विकासशील देशों को सहयोग प्रदान करता है। यह फंड UN के साथ भारत की साझेदारी का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
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